
मानिकपुर CHC में अव्यवस्थाओं के आरोप, प्रसूताओं को मीनू के अनुसार भोजन न मिलने की शिकायत
मानिकपुर, चित्रकूट। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानिकपुर में व्यवस्थाओं को लेकर मरीजों और उनके परिजनों की ओर से गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। आरोप है कि भर्ती प्रसूताओं को शासन द्वारा निर्धारित मीनू के अनुसार भोजन, दूध और फल उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कागजी अभिलेखों में व्यवस्थाएं पूरी दिखाई जाती हैं, जबकि मौके पर स्थिति अलग बताई जा रही है।
जनरेटर संचालन को लेकर भी उठे सवाल
शिकायतों में अस्पताल के जनरेटर संचालन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि जनरेटर के डीजल के नाम पर नियमित खर्च दर्शाया जाता है, लेकिन बिजली आपूर्ति बाधित होने पर कई बार जनरेटर नहीं चलाया जाता। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो इसकी जांच कर जिम्मेदारी तय किए जाने की जरूरत है।
प्रसूताओं को पौष्टिक आहार नहीं मिलने का आरोप
प्रसूता महिलाओं और उनके परिजनों का कहना है कि प्रसव के बाद महिलाओं को पौष्टिक भोजन की आवश्यकता होती है, लेकिन उन्हें समय पर भोजन, दूध और फल नहीं मिल पा रहे हैं। उनका आरोप है कि निर्धारित मीनू का पालन केवल कागजों तक सीमित है।
अधीक्षक की कार्यप्रणाली पर भी सवाल
स्थानीय सूत्रों के हवाले से अस्पताल के अधीक्षक मनोज सोनकर की उपस्थिति और कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि अधीक्षक कई बार अस्पताल में मौजूद नहीं रहते। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
सरकारी आवास आवंटन की भी जांच की मांग
सूत्रों से यह भी जानकारी सामने आई है कि अस्पताल परिसर में तैनात नहीं होने वाले कुछ लोगों को कथित तौर पर सरकारी आवास दिए गए हैं। इस संबंध में स्थानीय लोगों ने आवास आवंटन के अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है।
उच्च अधिकारियों से जांच की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से CHC मानिकपुर की व्यवस्थाओं की स्थलीय जांच और अभिलेखों के सत्यापन की मांग की है। लोगों का कहना है कि जांच के दौरान प्रसूताओं को दिए जा रहे भोजन के मीनू, जनरेटर के डीजल खर्च, कर्मचारियों की उपस्थिति और सरकारी आवास आवंटन की जांच की जाए।
नोट: उपरोक्त सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। संबंधित स्वास्थ्य विभाग और CHC प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।
रिपोर्ट: ✍️
शिव नायक गुप्ता
पत्रकार, दैनिक 'आज'
मानिकपुर, चित्रकूट