
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने देश में बढ़ती मिलावटखोरी पर चिंता जताते हुए कहा कि मिलावटखोरों और माफिया के खिलाफ कार्रवाई जनहित और जनस्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि मिलावटी व दूषित खाद्य पदार्थ लोगों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा हैं और इससे निपटने के लिए सरकारों में दृढ़ इच्छाशक्ति जरूरी है।
कमलनाथ ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल को याद करते हुए बताया कि 19 जुलाई 2019 को मध्यप्रदेश में ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ अभियान शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य जनता को मिलावट-मुक्त और शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना तथा प्रदेश की पहचान मिलावटखोरी और माफिया से अलग बनाना था।
उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान दूध, मसाले, मिठाई, बीज, उर्वरक और कीटनाशकों में मिलावट के खिलाफ कार्रवाई की गई। सैंपल लिए गए, छापेमारी हुई और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गईं। कमलनाथ ने कहा कि जनता को भी अभियान से जोड़कर जागरूक किया गया था।
उन्होंने कहा कि शुद्ध भोजन हर नागरिक का अधिकार है और देश को फिर से ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ जैसे अभियान की जरूरत है।
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