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The Vindhya

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एमपी के 82 लाख किसानों को राहत, 17 अगस्त से फिर मिलेगी खाद

मध्यप्रदेश में खाद की बिक्री पर लगी अस्थायी रोक के बाद सरकार ने किसानों को राहत दी है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के मुताबिक 16 अगस्त की शाम तक iFMS पोर्टल पर दर्ज खाद के स्टॉक और विक्रेताओं के वास्तविक स्टॉक का मिलान पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद 17 अगस्त से खाद की बिक्री दोबारा शुरू होगी। सरकार ने कहा है कि किसानों की जरूरत के मुताबिक पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाएगी। 14 अगस्त की शाम 7 बजे से अनुदानित खाद की बिक्री रोक दी गई थी। 15 और 16 अगस्त को अवकाश के चलते बिक्री बंद रही। प्रदेश में करीब 82 लाख पंजीकृत किसान हैं।

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सिंगरौली में शनिवार को 80वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया। मुख्य जिला स्तरीय समारोह राजमाता चुन कुमारी स्टेडियम में आयोजित हुआ। पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राधा सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि तिरंगा फहराया और परेड की सलामी ली। समारोह के दौरान मंत्री की तिरंगे के रंगों वाली चूड़ियां भी चर्चा में आ गईं। सोशल मीडिया पर उनकी चूड़ियों में केसरिया, सफेद और हरे रंग के क्रम को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। 

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जो लोग कहते थे हम 'रामराज्य' लाएंगे उन्होंने 'रामधन' को ही लूट लिया !

अखिलेश यादव सपा प्रमुख
बालाघाट जिले के आदिवासी अंचल अडोरी और मछुरदा पंचायत के गांवों में फैली बीमारी के बीच नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने शुक्रवार को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान विधायक संजय उइके, मधु भगत, अनुभा मुंजारे और विवेक पटेल भी मौजूद रहे।

सिंघार ने अस्पताल में भर्ती बच्चों से मुलाकात की और ग्रामीणों से रोजगार, मजदूरी, पेयजल तथा स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर चर्चा की। उन्होंने कुछ परिवारों को व्यक्तिगत आर्थिक सहायता दी। वहीं विधायक दल ने मृत बच्चों के सभी परिवारों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की।

सिंघार ने आरोप लगाया कि बीमारी के कारण 19 बच्चों की मौत हो चुकी है, लेकिन सरकार और प्रशासन मौतों के आंकड़े छिपा रहे हैं। उन्होंने गांवों में दूषित पानी, बंद नल-जल सेवा, पोषण आहार में अनियमितता और मच्छरदानी वितरण में गड़बड़ी का मुद्दा भी उठाया।

उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मृतकों के परिवारों को 10 से 20 लाख रुपये की सहायता देने और लापरवाही के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। सिंघार ने कहा कि सरकार को तिरंगा फहराने से पहले बालाघाट के बच्चों की स्थिति पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा आगामी विधानसभा सत्र में प्रमुखता से उठाया जाएगा।

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मध्य प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है।।वीडियो में वह विदेश से लौटे अपने बेटे का स्वागत करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

वीडियो के साथ सोशल मीडिया पर कई यूज़र्स उनके पहले दिए गए हिंदी माध्यम में मेडिकल शिक्षा संबंधी बयानों का हवाला देते हुए अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं और टिप्पणियां कर रहे हैं।

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महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। FDA का आरोप है कि विज्ञापन के जरिए महाराष्ट्र में प्रतिबंधित ‘विमल पान मसाला’ का अप्रत्यक्ष यानी सरोगेट प्रचार किया जा रहा है। तीनों अभिनेताओं को 11 अगस्त को नोटिस भेजकर 15 दिन के भीतर जवाब और स्पष्टीकरण मांगा गया है।

FDA के मुताबिक, विज्ञापन में ‘विमल’ नाम, प्रोडक्ट और डायलॉग का इस्तेमाल इस तरह किया गया है, जिससे ब्रांड का प्रचार होता दिखाई देता है। महाराष्ट्र में पान मसाला और तंबाकू उत्पादों पर प्रतिबंध लागू है। ऐसे में FDA का कहना है कि प्रतिबंधित उत्पाद का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रचार भी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है।

इस मामले में दोष साबित होने पर संबंधित प्रावधानों के तहत जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, महाराष्ट्र में प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाले के खिलाफ FDA का अभियान भी तेज है। 25 मई से 31 जुलाई के बीच 658 ठिकानों पर छापेमारी कर करीब ₹15.11 करोड़ का प्रतिबंधित स्टॉक जब्त किया गया। इस दौरान 519 FIR दर्ज हुईं और 701 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

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मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने देश में बढ़ती मिलावटखोरी पर चिंता जताते हुए कहा कि मिलावटखोरों और माफिया के खिलाफ कार्रवाई जनहित और जनस्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि मिलावटी व दूषित खाद्य पदार्थ लोगों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा हैं और इससे निपटने के लिए सरकारों में दृढ़ इच्छाशक्ति जरूरी है।

कमलनाथ ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल को याद करते हुए बताया कि 19 जुलाई 2019 को मध्यप्रदेश में ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ अभियान शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य जनता को मिलावट-मुक्त और शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना तथा प्रदेश की पहचान मिलावटखोरी और माफिया से अलग बनाना था।

उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान दूध, मसाले, मिठाई, बीज, उर्वरक और कीटनाशकों में मिलावट के खिलाफ कार्रवाई की गई। सैंपल लिए गए, छापेमारी हुई और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गईं। कमलनाथ ने कहा कि जनता को भी अभियान से जोड़कर जागरूक किया गया था।

उन्होंने कहा कि शुद्ध भोजन हर नागरिक का अधिकार है और देश को फिर से ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ जैसे अभियान की जरूरत है।

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भारत की Gen Z को लेकर बाबा रामदेव ने कहा है कि जेन ज़ी युवा अच्छा कर रहे हैं लेकिन कुछ हिंसा में शामिल हैं और कुछ बीड़ी, सिगरेट और शराब पीने के आदी हैं. उन्होंने कहा, 'कुछ लड़के-लड़कियों के 5-10 बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड होते हैं.' उन्होंने युवाओं से बुरी आदतों से दूर रहने की अपील की.
बालाघाट जिले के आदिवासी अंचल अडोरी और मछुरदा पंचायत के गांवों में महामारी से बच्चों की मौत और बीमारी के मामलों के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने शुक्रवार को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार की स्थिति पर सरकार को घेरा। सिंघार ने कहा कि सिर्फ बालाघाट ही नहीं, पूरे मध्यप्रदेश के आदिवासी अंचलों की यही तस्वीर है। रोजगार के अभाव में आदिवासी युवा आज भी अपने घर-परिवार से दूर काम की तलाश में भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर आदिवासी युवाओं की रोजगार संबंधी समस्याओं की तस्वीर कब बदलेगी?

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रीवा से बीजेपी सांसद जनार्दन मिश्रा के E20 पेट्रोल को लेकर दिए गए विवादित बयान पर सियासी और सोशल मीडिया बहस तेज हो गई है। सांसद ने पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने का बचाव करते हुए कहा था, “शुद्ध पेट्रोल क्या तुम्हारे बाप के यहाँ से आएगा?” इस बयान पर पत्रकार और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर शुभांकर मिश्रा ने भी वीडियो के माध्यम से प्रतिक्रिया दी है। मध्य प्रदेश के नेताओं की बयानबाजी पर सवाल उठाते हुए कहा, “‘दिखने-छपने की गंदी बीमारी’ मोदी जी कान पकड़कर थोड़ी मरोड़िए ना।” जिसका वीडियो वायरल हो रहा है।

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अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा एक बार फिर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर सुनीता आहूजा का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह युवा अभिनेत्री कोमल रानी के साथ गोविंदा के कथित रिश्ते पर टिप्पणी करती नजर आ रही हैं। वीडियो में सुनीता ने गोविंदा के लिए ‘शुगर डैडी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। अब गोविंदा ने इस बयान पर नाराजगी जताते हुए पत्नी की भाषा और सार्वजनिक मंच पर की गई टिप्पणी पर आपत्ति जाहिर की है। उनका कहना है कि इस तरह की व्यक्तिगत टिप्पणियां सार्वजनिक रूप से करना उचित नहीं है। मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर दोनों के बयानों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

Govinda Mumbai India : इंडिया
मध्यप्रदेश में सरकार ने खाद की बिक्री पर बड़ा फैसला लेते हुए 14 अगस्त की शाम 7 बजे से आगामी आदेश तक अनुदानित खाद की बिक्री पर रोक लगा दी है। खरीफ सीजन के बीच लिए गए इस फैसले से प्रदेश के करीब 82 लाख पंजीकृत किसानों की चिंता बढ़ गई है। खासकर धान की खेती करने वाले किसानों को फसल के लिए समय पर खाद नहीं मिलने का डर सता रहा है।

कृषि विकास विभाग के सचिव निशांत वरवड़े ने खाद बिक्री रोकने का आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक प्रदेश में विपणन संघ, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों, एमपी एग्रो और निजी उर्वरक विक्रेताओं के बिक्री केंद्रों से अनुदानित खाद की बिक्री नहीं की जाएगी। संबंधित संस्थाओं और बिक्री केंद्रों को आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्टॉक मिलान के लिए बिक्री पर रोक

सरकार ने खाद बिक्री रोकने के पीछे भारत सरकार के iFMS पोर्टल पर दर्ज उर्वरक स्टॉक और खाद विक्रेताओं के पास मौजूद वास्तविक भौतिक स्टॉक का मिलान यानी Reconciliation बताया है। विभाग का कहना है कि पोर्टल पर दर्ज स्टॉक और जमीन पर उपलब्ध खाद के आंकड़ों में अंतर को दूर करने के लिए यह प्रक्रिया की जा रही है।

इस प्रक्रिया की निगरानी की जिम्मेदारी कलेक्टरों और संबंधित विभागीय अधिकारियों को दी गई है। हालांकि, स्टॉक मिलान कब तक पूरा होगा और खाद की बिक्री दोबारा किस तारीख से शुरू होगी, इसकी कोई निश्चित समयसीमा सरकार ने नहीं बताई है।

ई-टोकन के विरोध के बाद आया फैसला

खाद बिक्री पर रोक ऐसे समय लगी है, जब प्रदेश के किसान ई-टोकन व्यवस्था का विरोध कर चुके हैं। किसानों ने 28 और 29 जुलाई को नर्मदापुरम से पैदल भोपाल पहुंचकर दो दिन तक आंदोलन किया था। किसानों का कहना है कि ई-टोकन व्यवस्था के कारण खाद लेने में उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

किसान संगठनों को आशंका है कि यदि बिक्री पर रोक लंबी चली तो खरीफ फसलों को खाद की कमी का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बिक्री बंद रहने के दौरान तत्काल खाद की जरूरत वाले किसानों के लिए सरकार क्या वैकल्पिक व्यवस्था करेगी।

कालाबाजारी का भी खतरा

खाद की बिक्री बंद रहने से कालाबाजारी की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि, फिलहाल प्रदेश में खाद की कालाबाजारी शुरू होने की कोई जानकारी सामने नहीं आई है। किसानों का कहना है कि अधिकृत केंद्रों से खाद नहीं मिलने पर उन्हें निजी बाजार का रुख करना पड़ सकता है, जहां महंगे दाम पर खाद मिलने की स्थिति बन सकती है।

राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा कक्काजी ने भी सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि फसल सरकार के आगामी आदेश का इंतजार नहीं करती। जिस समय फसल को यूरिया और अमोनियम सल्फेट जैसे खाद की जरूरत होती है, उसी समय किसानों को खाद मिलना जरूरी है। उन्होंने स्टॉक मिलान के लिए पूरी बिक्री रोकने को किसानों के हित में नहीं बताया।

प्रदेश में करीब 152 लाख हेक्टेयर भूमि पर खेती होती है। ऐसे में यदि खाद बिक्री पर रोक लंबे समय तक जारी रहती है तो किसानों के सामने खरीफ फसलों की जरूरत पूरी करने की चुनौती बढ़ सकती है।

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भोपाल के अशोका गार्डन इलाके से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। नाइट ड्यूटी के लिए निकला एक पति रास्ते में मोमोज खाने के लिए एक स्टॉल पर पहुंचा। वहां उसकी नजर अपनी पत्नी पर पड़ी, जो कथित तौर पर एक युवक के साथ मौजूद थी। पति ने पत्नी को उस युवक के साथ देखा तो मौके पर ही विवाद शुरू हो गया।

देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच सड़क पर जमकर मारपीट होने लगी। आसपास मौजूद लोग भी मौके पर जुट गए। इस दौरान कुछ लोगों ने पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। घटना के चलते सड़क पर काफी देर तक तमाशा बना रहा और राहगीर भी वहां रुककर विवाद देखते नजर आए।

रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के बाद मामले को लेकर पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। पुलिस के पास मामला नहीं पहुंचने के कारण फिलहाल किसी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

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मध्य प्रदेश के अलीराजपुर में भारतीय जनता पार्टी की संगठनात्मक नियुक्ति सूची जारी होते ही विवाद खड़ा हो गया। भाजपा की अनुसूचित जाति मोर्चा से जुड़ी नियुक्ति सूची में अलीराजपुर मंडल अध्यक्ष के रूप में प्रदीप गोजा और नानपुर ग्रामीण मंडल अध्यक्ष के रूप में सुजीत चौहान का नाम घोषित किया गया।

सूची सामने आने के बाद दोनों युवकों ने भाजपा के फैसले पर सवाल उठाए। प्रदीप गोजा और सुजीत चौहान का कहना है कि वे कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं और कांग्रेस में ही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना उनकी सहमति या जानकारी के भाजपा की संगठनात्मक सूची में उनके नाम शामिल कर दिए गए।

दोनों ने कहा कि पद की घोषणा से पहले उनसे किसी तरह की चर्चा नहीं की गई। उनका दावा है कि वे कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं और आगे भी कांग्रेस के साथ ही जुड़े रहेंगे।

वहीं, भाजपा की ओर से अलग दावा किया गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि दोनों युवक भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता हैं और अक्सर पार्टी के कार्यक्रमों में शामिल होते रहे हैं। इसी आधार पर उन्हें संगठन में जिम्मेदारी दी गई है।

अब दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच अलीराजपुर का यह मामला स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।

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स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले से दिए संबोधन को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने निशाना साधा। लखनऊ में सपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर कहा कि “लाल किला ऐसी जगह नहीं है, जहां से झूठ बोला जाए।”

अखिलेश यादव ने कहा कि महिला आरक्षण कानून सितंबर 2023 में संसद से पारित हो चुका है। अगर सरकार वास्तव में महिलाओं को आरक्षण देना चाहती है तो इसे 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे चुनाव लड़ने का इंतजार कर रही महिलाओं को अवसर मिलेगा।

सपा प्रमुख ने भाजपा के ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ आयोजन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और उसके सहयोगी संगठन विभाजन को जश्न के तौर पर देखते हैं। अखिलेश ने कहा कि देश संविधान से चलता है और संविधान मजबूत होगा तो लोकतंत्र भी मजबूत होगा।

तिरंगा यात्राओं को लेकर भी उन्होंने भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि उनका राष्ट्रवाद एक रंग का है, जबकि सपा का राष्ट्रवाद बहुरंगी है और सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास करता है।

अखिलेश ने महंगाई, राशन वितरण, शिक्षा और स्कूलों के बंद होने को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में 26 हजार स्कूल बंद किए गए हैं।

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सीधी में स्वतंत्रता दिवस समारोह इस बार सम्मान और समानता के संदेश के साथ खास अंदाज में मनाया गया। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, समारोह में समाज के ऐसे लोगों को विशेष अतिथि बनाया गया, जो आमतौर पर सरकारी कार्यक्रमों में मंच से दूर नजर आते हैं। इनमें मजदूर, सफाईकर्मी और आदिवासी समुदाय के लोग शामिल रहे। कुल 71 विशिष्ट अतिथियों को समारोह में सम्मान दिया गया। प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को सम्मान देना और स्वतंत्रता दिवस के उत्सव में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना रहा। समारोह में इन अतिथियों का सम्मान किया गया और उन्हें विशेष महत्व दिया गया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। पहल के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि देश के विकास में मेहनत करने वाला हर व्यक्ति सम्मान का हकदार है। सीधी में स्वतंत्रता दिवस समारोह का यह अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बना और सामाजिक समावेश की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा गया। 

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रीवा में कलेक्टर की अनोखी पहल, स्टेनो से कराया ध्वजारोहण

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रीवा में कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी की अनोखी पहल देखने को मिली। उन्होंने खुद ध्वजारोहण करने के बजाय अपने स्टेनो से तिरंगा फहरवाया। इस पहल के जरिए कलेक्टर ने संदेश दिया कि सम्मान केवल बड़े पद पर बैठे अधिकारी का नहीं, बल्कि हर उस कर्मचारी का होना चाहिए, जो अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाता है। ध्वजारोहण की तस्वीरें सामने आने के बाद यह पहल चर्चा में आ गई। स्वतंत्रता दिवस पर कलेक्टर का यह कदम सम्मान, समानता और टीम भावना का संदेश देता नजर आया।

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मध्य प्रदेश के देवास जिले में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर निकाली जा रही बीजेपी की तिरंगा यात्रा के दौरान अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। घटना विजयागंज मंडी क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां बाइक रैली में 500 से अधिक कार्यकर्ता शामिल थे।

जानकारी के मुताबिक, यात्रा के साथ चल रहा डीजे वाहन सड़क किनारे पेड़ पर बने मधुमक्खियों के छत्ते से टकरा गया। छत्ता टूटते ही बड़ी संख्या में मधुमक्खियां बाहर निकल आईं और यात्रा में शामिल लोगों पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से मौके पर भगदड़ की स्थिति बन गई। कई कार्यकर्ताओं ने अपनी जान बचाने के लिए आसपास के सोयाबीन के खेतों में जाकर छिपकर बचाव किया।

इस घटना में करीब 40 से 50 बीजेपी कार्यकर्ताओं के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों को स्थानीय अस्पतालों और महात्मा गांधी जिला चिकित्सालय ले जाया गया। अस्पताल के डॉक्टर के अनुसार, छह लोगों को उपचार के लिए लाया गया था। इनमें एक व्यक्ति को करीब 200 मधुमक्खियों ने डंक मारा, जिसके चलते उसकी हालत गंभीर बताई गई। हालांकि उपचार के बाद घायलों की स्थिति नियंत्रण में है।

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गुना में बाढ़ पर BJP विधायक का सरकार पर निशाना

महज दो-तीन घंटे की तेज बारिश ने गुना शहर में जलभराव और प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी। बाढ़ जैसे हालात के बीच रेस्क्यू अभियान चलाना पड़ा। इस बीच सत्ताधारी BJP विधायक पन्नालाल शाक्य ने अपनी ही सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सिर्फ सरकार के भरोसे बैठे रहना सबसे बड़ी चूक होगी। समाज को भी आपदा के समय आगे आकर अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। विधायक ने गुनिया नदी को लेकर भी तीखा तंज कसा और शहर की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उनके बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई।

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इंदौर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की जुबान फिसल गई। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी देश की चिंता नहीं करती। हालांकि, तुरंत अपनी गलती सुधारते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा देश की चिंता करती है, पार्टी या कुर्सी की नहीं। विजयवर्गीय ने कहा कि भाजपा के लिए ‘नेशन फर्स्ट’ है, जबकि अन्य राजनीतिक दलों के लिए कुर्सी पहले है। उनके इस बयान को लेकर अब चर्चा तेज है। हालांकि, उन्होंने अपनी बात अगली ही लाइन में स्पष्ट कर दी। इसे महज ‘स्लिप ऑफ टंग’ माना जा रहा है।

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त्रिकूट पर विराजी शक्तिस्वरूपा माई शारदा के आज दिन शनिवार के प्रातःकालीन दिव्य दर्शन🌹🙏
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों और निजी स्कूलों के शिक्षकों के लिए दो बड़ी पहल की तैयारी की है। सरकार करीब 10 लाख विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में ₹1,200 की आर्थिक सहायता DBT के जरिए भेजने जा रही है। यह राशि स्कूल ड्रेस, जूते-मोजे और अन्य जरूरी शैक्षणिक सामग्री खरीदने के लिए दी जाएगी।

जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में करीब 1.35 करोड़ बच्चे पढ़ते हैं। इनमें से लगभग 1.10 करोड़ बच्चों के अभिभावकों को पहले ही DBT के माध्यम से राशि मिल चुकी है। अब नए दाखिले लेने वाले और योजना से वंचित रह गए करीब 10 लाख बच्चों को लाभ देने की तैयारी है। वहीं करीब 15 लाख अन्य बच्चों के अभिभावकों के बैंक खातों को आधार से लिंक कराने और दस्तावेज पूरे करने की प्रक्रिया चल रही है।

इसके अलावा सरकार करीब 35 हजार निजी स्कूलों में कार्यरत 3 लाख शिक्षकों को शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना में शामिल करने की तैयारी कर रही है। इसमें शिक्षकों के साथ उनके आश्रितों को भी सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने की उम्मीद है। योजना लागू करने के लिए जरूरी आंकड़े और पात्रता प्रक्रिया पर काम जारी है।

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रशासनिक लापरवाही को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए बड़वानी में 7 अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत जिला स्तरीय समाधान कार्यक्रम में उन्होंने शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर सरकारी योजनाओं से जुड़ी समस्याओं की समीक्षा की हैं।

राजपुर तहसील में नामांतरण के मामले में करीब छह साल की देरी सामने आने पर तत्कालीन तहसीलदार और दो पटवारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए गए। इसी तरह प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही को समय पर किस्त नहीं मिलने के मामले में दो मुख्य नगर पालिका अधिकारियों और एक सहायक यंत्री पर कार्रवाई की गई। संबंधित संयुक्त संचालक को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया।

वहीं, संबल योजना के तहत अंत्येष्टि और अनुग्रह सहायता राशि के भुगतान में देरी के मामले में तत्कालीन जनपद पंचायत CEO को भी निलंबित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिलना चाहिए और शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं होगी। उन्होंने कहा कि अच्छा काम करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहन मिलेगा, लेकिन लापरवाही पर जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।
 
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स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं
मध्य प्रदेश के गुना में पंच सम्मेलन के दौरान शस्त्र लाइसेंस को लेकर कलेक्टर और एक सरपंच के बीच तीखी बहस हो गई। सरपंच नरेंद्र सिंह दावतपुरा ने मंच से अपनी पुरानी बंदूक बदलने की अनुमति देने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि उनके इलाके में शिकारियों के पास बंदूकें हैं, ऐसे में सुरक्षा और वन्यजीवों की रक्षा के लिए हथियार जरूरी है। सरपंच ने यहां तक कहा कि अगर बंदूक बदलने की अनुमति नहीं मिली तो वह अपना शस्त्र लाइसेंस सरेंडर कर देंगे।

सरपंच की बात पर कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने शस्त्र लाइसेंस को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि वह गुना में बड़ी संख्या में शस्त्र लाइसेंस जारी करके जिले को भिंड-मुरैना जैसा नहीं बनाना चाहते। कलेक्टर के इस बयान पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई।

मामला यहीं नहीं रुका। सरपंच और कलेक्टर के बीच मंच पर ही तीखी बयानबाजी हुई। सरपंच ने अपनी मांग पर जोर दिया, जबकि कलेक्टर ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता बताते हुए शस्त्र लाइसेंस देने के मामले में सावधानी बरतने की बात कही। कार्यक्रम का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा में है।

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