आगरा से ग्वालियर जा रहे थे गिरिराजजी महाराज, मुरैना आ गया रास तो यहीं बस गए, दर्शन कीजिये🙏🚩
लगभग डेढ़ सौ साल पहले गिर्राजजी की यह प्रतिमा मथुरा से ग्वालियर ले जाई जा रही थी। लोग विश्राम के लिए मुरैना में रुके, लेकिन यहां से यह प्रतिमा उठा नहीं सके। इसलिए इसे यहीं महादेव नाका पर स्थापित कर दिया गया। आज भी यह मंदिर हजारों लोगों की आस्था और श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है।