
सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों के पेंशन प्रकरणों के भुगतान हेतु महत्वपूर्ण निर्देश
..
पेंशन एवं उपदान की दोहरी भुगतान की आशंका को रोकने विभागीय अधिकारियों को समय पर जानकारी भेजने के निर्देश
..
राज्य शासन के अधीन सेवानिवृत्त होने वाले समस्त शासकीय सेवकों के पेंशन प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण एवं भुगतान के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। संचालनालय पेंशन, भविष्य निधि एवं बीमा, मध्यप्रदेश के पत्र में विभागीय पेंशन प्रस्तावक अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मध्यप्रदेश शासन वित्त विभाग के आदेश में राज्य में केन्द्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल, भोपाल का गठन किया गया है।
वित्त विभाग के आदेश अनुसार 1 अप्रैल 2026 से राज्य शासन के अंतर्गत सेवानिवृत्त होने वाले समस्त शासकीय सेवकों के नवीन पेंशन प्रकरणों का निराकरण राज्य केन्द्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल, भोपाल के माध्यम से किया जा रहा है।
IFMIS के माध्यम से ऑनलाइन भेजे जा रहे पेंशन प्रकरण -
व्यवस्था के तहत विभागीय पेंशन प्रस्तावक अधिकारी द्वारा IFMIS के अंतर्गत ऑनलाइन पेंशन प्रकरण राज्य केन्द्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल को प्रेषित किए जाते हैं। प्राप्त प्रकरणों के आधार पर सेल द्वारा सेवानिवृत्त शासकीय सेवक के पेंशन भुगतान आदेश (PPO), ग्रेच्युटी भुगतान आदेश (GPO), कम्यूटेशन भुगतान आदेश (CPO) आदि जारी किए जाते हैं। इसके बाद नियमानुसार भुगतान संबंधी कार्रवाई की जाती है। हालांकि, कतिपय कार्यालयों द्वारा सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पहले से किए जा रहे प्रत्याशित अथवा प्रावधिक पेंशन भुगतान, उपदान तथा अधिक भुगतान की वसूली से संबंधित जानकारी राज्य केन्द्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल को उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। इससे एक ही मद में दोहरे भुगतान की आशंका उत्पन्न हो सकती है।
IFMIS में सुविधा विकसित होने तक ई-मेल से भेजनी होगी जानकारी -
वर्तमान में IFMIS के अंतर्गत प्रत्याशित/प्रावधिक पेंशन, उपदान एवं अधिक भुगतान की वसूली से संबंधित विवरण दर्ज करने की सुविधा विकसित करने की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। यह सुविधा उपलब्ध होने तक संबंधित कार्यालयों को उक्त जानकारी ई-मेल के माध्यम से भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए जानकारी scppc.mp@mp.gov.in पर “संयुक्त संचालक, राज्य केन्द्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल, 26 किसान भवन, प्रशासनिक क्षेत्र, अरेरा हिल्स, भोपाल” के पदनाम से प्रेषित की जानी है।
15 दिवस की समय-सीमा, चूक पर विभागीय अधिकारी जिम्मेदार -
निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि PPO एवं GPO जारी होने की तारीख से 15 दिवस के भीतर यदि प्रत्याशित/प्रावधिक पेंशन, उपदान अथवा अधिक भुगतान की वसूली से संबंधित जानकारी राज्य केन्द्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल को प्राप्त नहीं होती है, तो सेल द्वारा आगे भुगतान की कार्रवाई कर दी जाएगी। ऐसी स्थिति में यदि पूर्व में किए गए भुगतान अथवा वसूली की जानकारी उपलब्ध नहीं होने के कारण दोहरा भुगतान हो जाता है, तो इसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित विभागीय पेंशन प्रस्तावक अधिकारी की होगी। इसलिए सभी संबंधित विभागों एवं कार्यालयों को निर्देशों का गंभीरता से पालन करते हुए सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों के पेंशन प्रकरणों में पूर्व भुगतान, प्रावधिक पेंशन, उपदान एवं अधिक भुगतान की वसूली से संबंधित जानकारी समय-सीमा के भीतर उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि पेंशन एवं अन्य सेवानिवृत्ति लाभों का भुगतान पारदर्शी, व्यवस्थित एवं नियमानुसार सुनिश्चित किया जा सके। #vidisha