
इंद्रावती के रौद्ररूप से बस्तर बेहाल | SA News Chhattisgarh
जगदलपुर | 30-09-2026: बस्तर की जीवनदायिनी इंद्रावती ने वर्तमान में अति भयंकर और विनाशकारी रूप धारण कर लिया है। अनवरत अतिवृष्टि तथा खातीगुड़ा बांधों से विसर्जित जल ने समूचे संभाग में जलप्लावन की विभीषिका उत्पन्न कर दी है। जलस्तर खतरे के चरम बिंदु को लांघ चुका है, जिससे जगदलपुर और लालबाग के अनेक क्षेत्र पूर्णतः जलमग्न हो गए हैं। डोंगाघाट के हालात इतने विकराल हैं कि वहां फंसे असहाय जनों को वायुसेना के हेलीकॉप्टरों द्वारा सुरक्षित निकालना पड़ा। वर्ष 2010 के पश्चात आई इस सर्वाधिक प्रलयंकारी त्रासदी ने असंख्य परिवारों के आशियाने छीनकर उन्हें घोर नैराश्य और क्षुधा (भूख) के गर्त में धकेल दिया है।
इस घोर विपदा के अंधकार में, जब आश्रयहीन जन धर्मशालाओं और विद्यालयों में प्राण बचाने को विवश हैं, तब संत रामपाल जी महाराज जी साक्षात करुणावतार बनकर बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए मदद पहुंचवाएं। महाराज जी की ओर से इस महाविपत्ति में घिरे प्रत्येक लाचार और असहाय परिवार हेतु अनवरत पौष्टिक अन्न वितरित किया जा रहा है। विकट परिस्थितियों के मध्य फँसे पीड़ितों तक सीधे यह सहायता पहुँच रही है, ताकि इस जल-प्रलय में कोई भी जीव क्षुधा से न तड़पे।
संत रामपाल जी महाराज जी की यह परमार्थ सेवा केवल उदर-पूर्ति नहीं कर रही, अपितु सर्वस्व लुटा चुके उन बेबस हृदयों में प्राण-वायु और नव-जीवन का संचार कर रही है। जब प्रकृति का कोप सब कुछ लील गया, तब केवल महाराज जी की असीम अनुकंपा ही पीड़ितों का एकमात्र संबल सिद्ध हो रही है। #BastarFloods #SantRampalJiMaharaj #FloodRelief #Chhattisgarh #Humanity #SANewsChhattisgarh