पितृ पक्ष शुरू, जलस्रोतों पर हुआ तर्पण और पिंडदान
कोंच। भाद्रपद पूर्णिमा के साथ शनिवार से पितृ पक्ष शुरू हो गया। प्रथम दिन सागर तालाब, रामकुंड, धनुताल समेत विभिन्न जलस्रोतों के किनारे श्रद्धालुओं ने कर्मकांडी विद्वानों की मौजूदगी में विधि-विधान से पितरों का पूजन किया। मंत्रोच्चार के बीच तर्पण और पिंडदान कर दिवंगत पूर्वजों का स्मरण किया गया। सुबह से ही जलस्रोतों के किनारे श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। मान्यता है कि पितृ पक्ष में दिवंगत परिजनों की मृत्यु तिथि पर श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने से पितरों को शांति और संतुष्टि मिलती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार पितृ पक्ष भाद्रपद पूर्णिमा से शुरू होकर आश्विन कृष्ण पक्ष की अमावस्या तक रहता है।
Konch, Jalaun | Sep 26, 2026