
"जब इंसानियत की रक्षा के लिए कोई अपनी जान दांव पर लगा देता है, तो उसकी वीरता की सीमाएं सरहदों से परे चली जाती हैं... किसी दूसरे मुल्क के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर किसी भारतीय का नाम दर्ज हो जाना, सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे भारत के संस्कारों का सम्मान है।" — फ्लाईदुबई फ्लाइट में करीब 180 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के सम्मान में इज़राइल सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। 🇮🇳✈️🇮🇱👏✨
इज़राइल के उप मंत्री अल्मोग कोहेन ने आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा है कि वे तेल अवीव के मुख्य बेन गुरियन एयरपोर्ट के एक लाउंज का नाम कैप्टन स्मित मच्छार के नाम पर रखने के लिए संसद में एक विधेयक पेश करेंगे।
उन्होंने कैप्टन और उनके परिवार के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा, "मैं आपके परिवार और आपके उन बेहतरीन माता-पिता को शुभकामनाएं देता हूं, जिन्होंने आपको यह संस्कार दिया कि किसी भी इंसान की जान बचाना दुनिया का सबसे बड़ा मूल्य और धर्म है।"
कॉकपिट में सह-पायलट के जानलेवा हमले के बाद खून से लथपथ होकर भी विमान को सुरक्षित उतारने वाले कैप्टन स्मित ने जिस अदम्य साहस का परिचय दिया था, आज इज़राइल उस एहसान को भूलने के मूड में नहीं है।
विदेशी धरती पर किसी भारतीय पायलट को इतना बड़ा सम्मान मिलना हर देशवासी का सीना गर्व से चौड़ा कर देने वाला पल है। 🇮🇳✈️💐
ईमानदारी से बताइए, क्या इज़राइल सरकार का भारतीय पायलट के सम्मान में एयरपोर्ट लाउंज का नाम रखने का यह फैसला वाकई दिल जीतने वाला नहीं है? भारत के इस जांबाज के सम्मान में कमेंट्स में अपनी राय ज़रूर लिखें! 🇮🇳🇮🇱