
मोतिहारी जिलान्तर्गत पताही थाना क्षेत्र के जिहुली गाँव में पानी गिरने और नाला विवाद को लेकर रंजिश में ह/त्या की घटना दुखद है, मैं इस घटना की कड़ी निंदा करता हूँ और शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ।लेकिन एक दुखद घटना को आधार बनाकर पूरे गाँव को ‘सामंती’ कहना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
घटना में नामजद अभियुक्तों में कुछ की गिरफ्तारी हो चुकी है। शेष अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक, मोतिहारी द्वारा 48 घंटे के भीतर इनाम की घोषणा सहित सभी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है और पूरे मामले की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
चम्पारण के प्रमुख सनातनी गाँवों में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाला जिहुली गाँव वर्षों से सद्भाव, सामाजिक समरसता और गौरवशाली परंपरा के लिए जाना जाता है। इस गाँव ने समाज को अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व दिए हैं। लगभग दो दशक तक भाजपा विधायक रहे अवनीश सिंह , चम्पारण के वरिष्ठ अधिवक्ता स्व. अनिरुद्ध बाबू, पटना के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रविभूषण शर्मा तथा चम्पारण के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संतोष कुमार जैसे अनेक सम्मानित लोगों का जिहुली से जुड़ाव इसकी गौरवशाली पहचान है।
ऐसे गाँव की पहचान को राजनीतिक स्वार्थ के लिए ‘सामंती’ जैसे शब्दों के माध्यम से बदनाम करना दुर्भाग्यपूर्ण है। पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करना सभी का अधिकार है, लेकिन किसी दुखद घटना को राजनीतिक रंग देकर सामाजिक सद्भाव और माहौल को बिगाड़ने का प्रयास स्वीकार्य नहीं है।
मैं राजद नेताओं द्वारा जिहुली जैसे सामाजिक एवं सनातनी बहुल गाँव की छवि को बदनाम करने के प्रयास की कड़ी निंदा करता हूँ।
पवन जायसवाल
प्रदेश उपाध्यक्ष, भाजपा बिहार
पूर्व सभापति, कारा सुधार समिति, बिहार विधानसभा