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शहादत को सलाम : कौन थे शहीद प्रमोद नेगी जिन्होने 25 साल की छोटी उम्र में पिया था शहादत का जाम.. शहादत से दो वर्ष पूर्व स्पेशल फोर्स में पैराट्रूपर प्रमोद नेगी “रेड कैप” से हुए थे सम्मानित... शहीद प्रमोद नेगी अमर रहे' के नारों से गूंज उठा शिलाई.. जन्म दिन पर उनकी प्रतिमा का हुआ अनावरण... =========== रिपोर्ट श्यामलाल पुंडीर ========== पांवटा साहिब : हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के शिलाई में 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस और उनके जन्मदिवस के अवसर पर वीर शहीद पैराट्रूपर प्रमोद नेगी के भव्य शहीद स्मारक और प्रतिमा का अनावरण किया गया। शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद सुरेश कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में इस प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान शिलाई के पूर्व विधायक बलदेव तोमर समेत शहीद के परिजन और बीजेपी कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। गिरिपार के शिलाई गांव निवासी 25 वर्षीय पैराट्रूपर प्रमोद नेगी ने राष्ट्र को अपना सर्वोच्च बलिदान देकर शहादत प्राप्त की और अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में लिख कर हमेशा के लिए अमर कर गए है। मरणोपरांत प्रमोद नेगी को 'मेंशन-इन-डिस्पैच' से सम्मानित किया गया। गिरिपार क्षेत्र के शिलाई गांव के निवासी शहीद प्रमोद नेगी का जन्म 15 अगस्त 1997 को पिता देवेंद्र नेगी व माता तारा देवी के घर हुआ। प्रारंभिक शिक्षा शिलाई से ही ग्रहण की। और 18 दिसंबर 2017 को प्रमोद नेगी तोफखाना रेंजिमेंट के अंतर्गत सेना में भर्ती हुए। शहादत से पूर्व दो वर्ष पहले प्रमोद अपने मेहनत और समर्पण से “9 पेरा रेजीमेंट” (स्पेशल फोर्स) में तैनात हुए। स्पेशल फोर्स में पैराट्रूपर प्रमोद नेगी को “रेड कैप” से भी सम्मानित किया गया था। शहादत: जम्मू-कश्मीर में 'ऑपरेशन रक्षक' के दौरान आतंकवादियों से मुकाबला करते हुए 5 जून 2023 को शहादत दी। #शहीदोंकोनमन - Ronhat News