पावर हड़ताल के मद्देनजर पानीपत में सख्ती, सरकारी परिसरों के 200 मीटर दायरे में धरना-प्रदर्शन पर रोक=उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ
11 से 13 अगस्त तक लागू रहेगा आदेश, पांच या अधिक लोगों के एकत्र होने पर भी प्रतिबंध
बिजली आपूर्ति और सरकारी कामकाज बाधित करने की कोशिश पर होगी कड़ी कार्रवाई
उपायुक्त ने दिए पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश
पानीपत, 10 अगस्त।
हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा तथा डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन द्वारा 11 से 13 अगस्त तक प्रस्तावित हड़ताल के मद्देनजर जिला प्रशासन ने बिजली आपूर्ति एवं सरकारी सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। जिला मजिस्ट्रेट एवं उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी करते हुए जिले में यूएचबीवीएन के परिसरों तथा अन्य सरकारी परिसरों के 200 मीटर के दायरे में धरना, प्रदर्शन, विरोध, बैठने, तंबू लगाने, जुलूस, सभा, नारेबाजी सहित किसी भी प्रकार की बाधाकारी गतिविधि पर रोक लगा दी है। यह आदेश 11 अगस्त से 13 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगा।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि प्रस्तावित हड़ताल के दौरान बिजली आपूर्ति एवं सेवाओं में व्यवधान उत्पन्न होने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचने, सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा प्रभावित होने तथा कार्यालयों एवं अन्य सरकारी परिसरों के सामान्य कामकाज में बाधा की आशंका को देखते हुए यह आदेश जारी किया गया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य आमजन को निर्बाध बिजली आपूर्ति एवं आवश्यक सरकारी सेवाएं उपलब्ध करवाना तथा किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में यूएचबीवीएन के परिसरों और आदेश के दायरे में आने वाले अन्य सरकारी परिसरों के आसपास किसी व्यक्ति, समूह, यूनियन या संगठन को धरना, प्रदर्शन, विरोध, जुलूस, सभा, नारेबाजी अथवा किसी अन्य प्रकार की बाधा उत्पन्न करने वाली गतिविधि आयोजित करने, उसमें भाग लेने या उसे सहयोग देने की अनुमति नहीं होगी। सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच को रोकने, बाधित करने अथवा उसमें देरी करने का कोई भी प्रयास सख्ती से प्रतिबंधित रहेगा।
उपायुक्त ने कहा कि बिजली निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों और ड्यूटी पर तैनात अन्य कर्मियों के आवागमन एवं अपने कर्तव्यों के निर्वहन में किसी प्रकार की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिजली निगम की कार्यप्रणाली, संचालन अथवा सेवाओं में हस्तक्षेप करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आदेश के तहत संबंधित यूएचबीवीएन परिसरों और सरकारी परिसरों के आसपास पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर भी प्रतिबंध रहेगा।
उन्होंने बताया कि उक्त क्षेत्रों में हथियार, गोला-बारूद, लाठी, डंडे, धारदार हथियार तथा किसी भी प्रकार की ज्वलनशील सामग्री ले जाने पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। हालांकि म्यान में रखी कृपाण को इस प्रतिबंध से अलग रखा गया है।
उपायुक्त डॉ. वशिष्ठ ने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए कि जिले के प्रमुख सरकारी प्रतिष्ठानों और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए। पुलिस द्वारा लगातार गश्त की जाए तथा किसी भी प्रकार की अवैध सभा या आदेश के उल्लंघन की स्थिति में कानून के अनुसार तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि आदेश का उल्लंघन करते हुए लगाए गए तंबू, बैरिकेड, मंच, लाउडस्पीकर अथवा अन्य प्रदर्शन संबंधी सामग्री को पुलिस एवं संबंधित प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा नियमानुसार तुरंत हटाया जाएगा, ताकि आवश्यक सेवाओं और सरकारी कामकाज में किसी प्रकार की बाधा न आए।
उपायुक्त ने आमजन से प्रशासन का सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि 11 से 13 अगस्त के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिजली आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवा को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नागरिक शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें और किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें।
उन्होंने बताया कि आदेश को पूरे जिले में सार्वजनिक किया जा रहा है। इसके लिए जनसंपर्क विभाग की प्रचार गाड़ी, नगर निगम एवं नगर पालिका समितियों, उपमंडल कार्यालयों, तहसीलों, पुलिस थानों तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों के नोटिस बोर्ड पर आदेश की प्रति चस्पा की जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि
आदेश की अवहेलना करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।