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Bol Panipat 24

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केसरी नंदन सभा के युवाओं ने श्री राम भक्त बजरंगबली जी की मूर्ति को लेकर पहुंचे अपने गंतव्य की ओर
उपायुक्त की पहल से बार एसोसिएशन और जिला प्रशासन के बीच बनी सहमति
वकीलों ने वर्क सस्पैंड का निर्णय लिया वापस, सामान्य रूप से शुरू किया कार्य

पानीपत, 1 अक्तूबर। बीपीएल कार्ड से संबंधित एक मामले को लेकर एक महिला अधिवक्ता द्वारा अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे के व्यवहार को लेकर आपत्ति जताई गई थी। इस विषय को लेकर पानीपत बार एसोसिएशन ने वर्क संस्पैड का निर्णय लिया था। इसी क्रम में आज वीरवार को अधिवक्ताओं द्वारा जिला सचिवालय में धरना भी दिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने स्वयं पहल करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे के साथ बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं से बातचीत की। उपायुक्त ने अधिवक्ताओं की बात को गंभीरता से सुना और मामले से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।
इस दौरान प्रशासन की ओर से मामले में अपनाई गई प्रक्रिया एवं संबंधित नियमों के बारे में भी जानकारी दी गई। उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन और अधिवक्ता समाज के बीच बेहतर समन्वय तथा आपसी संवाद अत्यंत महत्वपूर्ण है। किसी भी विषय को बातचीत के माध्यम से सकारात्मक एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में हल किया जा सकता है।
बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक बातचीत हुई और आपसी सहमति से मामले का समाधान निकाल लिया गया। इसके बाद बार एसोसिएशन ने अपना वर्क सस्पैंड का निर्णय लिया वापस।
बार एसोसिएशन के निर्णय वापस लेने के बाद अधिवक्ता अपने कार्य पर लौट आए और न्यायालयों एवं संबंधित कार्यालयों में कामकाज सामान्य रूप से शुरू हो गया
टैक्स की दरें बढ़ाकर नहीं बल्कि टैक्स का आधार बढ़ाकर मजबूत करेंगे हरियाणा की राजस्व व्यवस्था: मुख्यमंत्री

 

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘हरियाणा की अपनी कर-राजस्व व्यवस्था’ के विश्लेषण व मजबूती के लिए आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया

 

वर्ष 2030 तक राज्य के अपने कर-राजस्व को जीएसडीपी के 10 प्रतिशत और 2047 तक 15 प्रतिशत करने का लक्ष्य

 

अप्रैल से अगस्त 2026 तक एसजीएसटी संग्रह 29 प्रतिशत बढ़कर 24,662 करोड़ रुपये हुआ

हरियाणा के मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा की अपनी राजस्व व्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्य करों की दर बढ़ाकर नहीं, बल्कि कर आधार का विस्तार, बेहतर अनुपालन, राजस्व हानि पर रोक और आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग के माध्यम से हासिल किया जाएगा। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि ईमानदार करदाता पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना राज्य की वित्तीय क्षमता को बढ़ाया जाए।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बुधवार को विकसित हरियाणा 2047 के लिए ‘हरियाणा की अपनी कर-राजस्व व्यवस्था’ के विश्लेषण व मजबूती के लिए आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट (एसजेएचआईएफएम) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव  अरुण गुप्ता, आबकारी एवं कराधान विभाग की आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़, एसजेएचआईएफएम के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू तथा सलाहकार  एनके बिश्नोई सहित नीति-निर्माता, कर प्रशासक, अर्थशास्त्री, शिक्षाविद और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हुए।

 

मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने कहा कि मजबूत राजस्व व्यवस्था का अंतिम उद्देश्य केवल अधिक राजस्व जुटाना नहीं, बल्कि उससे बेहतर सड़कें, स्कूल, अस्पताल और सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध करवाकर आमजन के जीवन में सुधार लाना है। उन्होंने कहा कि करदाता को नियमों और प्रक्रियाओं की स्पष्ट जानकारी मिले तथा कर अनुपालन उसके लिए सरल और पारदर्शी हो, यह सरकार की प्राथमिकता है।

एसजीएसटी संग्रह में 29 प्रतिशत की वृद्धि:

मुख्यमंत्री ने बताया कि चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों, अप्रैल से अगस्त तक, हरियाणा का राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) संग्रह 29 प्रतिशत बढ़कर 24,662 करोड़ रुपये हो गया है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संग्रह 19,174 करोड़ रुपये था। अगस्त 2026 में भी हरियाणा के एसजीएसटी संग्रह में 21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि राष्ट्रीय औसत वृद्धि 13 प्रतिशत रही।

उन्होंने कहा कि देश के कुल जीएसटी करदाताओं में हरियाणा की हिस्सेदारी 4 प्रतिशत से कम है, लेकिन देश के कुल जीएसटी संग्रह में राज्य का योगदान लगभग 7.7 प्रतिशत है। अब आवश्यकता इस वृद्धि को स्थायी राजस्व क्षमता में बदलने की है।

आर्थिक विकास के साथ बढ़ेगा राजस्व आधार:

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा कृषि-प्रधान अर्थव्यवस्था से उद्योग और सेवा क्षेत्र आधारित अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से आगे बढ़ा है। गुरुग्राम में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत सेवाओं का विस्तार हो रहा है। गन्नौर में इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केट, आईएमटी खरखौदा में वाहन निर्माण निवेश तथा रेवाड़ी, हिसार और अन्य क्षेत्रों में औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स परियोजनाएं राज्य की आर्थिक गतिविधियों को नई गति दे रही हैं।

उन्होंने कहा कि पानीपत का टेक्सटाइल उद्योग, अंबाला का वैज्ञानिक उपकरण उद्योग, हिसार का स्टील उद्योग, यमुनानगर का प्लाईवुड उद्योग तथा रोहतक का नट-बोल्ट और ऑटो-कंपोनेंट उद्योग जैसे पारंपरिक एमएसएमई क्लस्टर भी राज्य की आर्थिक शक्ति का महत्वपूर्ण आधार हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर नया उद्योग, निवेश और उद्यम रोजगार के साथ-साथ नए राजस्व आधार की संभावनाएं भी पैदा करता है।

2030 तक 10 और 2047 तक 15 प्रतिशत का लक्ष्य:

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य की आर्थिक क्षमता की तुलना में हरियाणा का अपना कर-राजस्व अभी जीएसडीपी के 7 प्रतिशत से कम है। इसे वर्ष 2030 तक 10 प्रतिशत और वर्ष 2047 तक 15 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लक्ष्य करों की दरें बढ़ाकर हासिल नहीं किया जाएगा। इसके लिए मौजूदा राजस्व व्यवस्था की दक्षता, कवरेज और उत्पादकता बढ़ाने, कर आधार का विस्तार करने, नियमों के पालन को बढ़ावा देने और राजस्व की हानि रोकने पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दर नहीं, आधार बढ़ाना है, बोझ नहीं, अनुपालन बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि जब से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश का कार्यभार संभाला है तब से बाहरी निवेशकों का विश्वास भारत में बढ़ा है। विकसित हरियाणा से ही विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त होगा।

वन टाईम सैटलमेंट की अवधि 30 नवंबर तक बढ़ी:

मुख्यमंत्री ने बताया कि पुराने लंबित कर विवादों के समाधान के लिए ‘हरियाणा एकबारगी व्यवस्थापन स्कीम, 2026’ लागू की गई है। इसका उद्देश्य पुराने मामलों का निपटारा करना और अनावश्यक मुकदमेबाजी को कम करना है। वर्ष 2025 की योजना का लाभ लगभग 1 लाख 15 हजार व्यापारियों ने उठाया था। व्यापारियों की सुविधा के लिए इस वर्ष की योजना की अवधि बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी गई है। उन्होंने कहा कि ‘पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0’ और ‘ऑटो म्यूटेशन सिस्टम’ के माध्यम से पंजीकरण और इंतकाल की प्रक्रियाओं को डिजिटल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जा रहा है।

एआई और डेटा विश्लेषण से आधुनिक बनेगा कर प्रशासन:

मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की राजस्व व्यवस्था डेटा आधारित और आधुनिक तकनीक से सक्षम होनी चाहिए। जीएसटी, पंजीकरण, परिवहन, बिजली, शहरी विकास तथा अन्य सरकारी प्रणालियों के आंकड़ों को आपस में जोड़कर आर्थिक गतिविधियों की व्यापक तस्वीर तैयार की जा सकती है। इससे राजस्व की संभावनाओं और कमियों की पहचान करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, उन्नत डेटा विश्लेषण और एकीकृत डेटाबेस के माध्यम से जोखिम की पहचान, राजस्व हानि रोकने और नियमों के अनुपालन को बेहतर किया जा सकता है। हालांकि, तकनीक का उद्देश्य केवल निगरानी नहीं होना चाहिए, बल्कि ईमानदार करदाताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध करवाना भी होना चाहिए।

करदाता को केंद्र में रखकर बने कार्ययोजना:

मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में विशेषज्ञों से अगले एक-दो वर्षों के तत्काल उपायों, मध्यम अवधि के सुधारों, भविष्य की तकनीक एवं डेटा प्रणालियों और आवश्यक संस्थागत बदलावों पर स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पूरी कार्ययोजना के केंद्र में करदाता होना चाहिए। सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल हो, नागरिक का समय बचे, उसकी अनिश्चितता कम हो और उसे बेहतर सुविधा मिले। ईमानदारी से कर देने वाले नागरिक को सम्मान मिले तथा नियमों का पालन नहीं करने वालों के विरुद्ध प्रभावी व्यवस्था हो।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह राष्ट्रीय सम्मेलन केवल विचार-विमर्श तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हरियाणा की राजस्व व्यवस्था को और अधिक मजबूत, आधुनिक, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में ठोस कदमों का आधार बनेगा।

मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ने बताया महत्वपूर्ण पहल:

मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव तथा वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अरूण गुप्ता ने कहा कि ‘विकसित भारत-विकसित हरियाणा’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए राज्य के संसाधनों को सुदृढ़ एवं विस्तारित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य को संसाधन मुख्यतः भारत सरकार से अनुदान एवं सहयोग, ऋण तथा अपने स्वयं के राजस्व के माध्यम से प्राप्त होते हैं। ऐसे में यह सम्मेलन राज्य के स्वयं के राजस्व को बढ़ाने, राजस्व संग्रहण की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने तथा नीतिगत स्तर पर आवश्यक बदलाव कर राजस्व व्यवस्था में मौजूद संभावित कमियों को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में प्राप्त विशेषज्ञ मार्गदर्शन एवं सुझावों को नीतिगत स्तर पर आगे बढ़ाते हुए राज्य के राजस्व संसाधनों को मजबूत करने और हरियाणा के आर्थिक ढांचे को अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे।

मुख्य आर्थिक सलाहकार ने की हरियाणा की आर्थिक क्षमता की सराहना:

भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन ने हरियाणा की आर्थिक क्षमता को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य के पास वर्ष 2047 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य को हासिल करने की क्षमता, आर्थिक गतिशीलता, मजबूत औद्योगिक आधार, उद्यमशीलता की भावना और सुशासन मौजूद है। उन्होंने हरियाणा को भारत के विनिर्माण क्षेत्र के प्रमुख उदाहरणों में से एक बताते हुए कहा कि राज्य विनियमन को सरल बनाने और अनुपालन बोझ कम करने में अन्य राज्यों के लिए उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। उन्होंने विश्वास-आधारित एवं जोखिम-आधारित नियमों तथा छोटे एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।

डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन ने बताया कि हरियाणा के अपने कर राजस्व में लगभग आधा हिस्सा राज्य जीएसटी से आता है और इसमें राज्य के भीतर होने वाला कारोबार 51 प्रतिशत तथा आईजीएसटी के माध्यम से आने वाला हिस्सा 49 प्रतिशत है, जिसे उन्होंने स्वस्थ मिश्रण बताया। उनके अनुसार उच्च रोजगार, आय और खपत वृद्धि तथा मजबूत सार्वजनिक वित्त के माध्यम से राज्य अपने कर राजस्व को और बढ़ा सकता है। उन्होंने संपत्ति कर आधार को मजबूत करने के लिए संपत्तियों के वार्षिक मूल्यांकन, जुड़े हुए रिकॉर्ड और कर रियायतों की पारदर्शी जानकारी जैसे उपायों पर भी जोर दिया।

डॉ. राज नेहरू ने सम्मेलन को बताया महत्वपूर्ण कड़ी:

स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू ने कहा कि यह सम्मेलन केंद्र सरकार के 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने, हरियाणा को 1.5 ट्रिलियन की इकॉनोमी बनाने, 50 लाख नए रोजगार पैदा करने और सुशासन के संकल्प को पूरा करने के लिए आवश्यक पहलुओं पर विचार-विमर्श करने और विशेषज्ञों के सुझावों को अपनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा।
*एसपी मेधा भूषण आईपीएस से बाजार एसोसिएशन के प्रधानों ने की शिष्टाचार भेंट*

*आगामी त्योहारी सीजन के मद्देनजर बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए प्रधानों से लिए सुझाव*

*त्योहारी सीजन में बाजारों सहित जिले की सुरक्षा रहेगी चाक-चौबंद : एसपी मेधा भूषण आईपीएस*

पानीपत, 29 सितंबर। शहर के विभिन्न बाजार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक मेधा भूषण आईपीएस से उनके कार्यालय में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। एसोसिएशन की ओर से पुलिस अधीक्षक श्रीमती मेधा भूषण को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया गया। इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक यातायात सुरेश कुमार सैनी भी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान आगामी त्योहारी सीजन को मद्देनजर रखते हुए बाजारों सहित शहर की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए बाजार एसोसिएशन के पदाधिकारियों से सुझाव भी लिए गए। एसोसिएशन के प्रधानों की ओर से बाजारों में पुलिस कमांडो दस्ते की पैदल गश्त कराने, ई-रिक्शा, ऑटो तथा माल ढुलाई के अन्य वाहनों के लिए समय निर्धारित करने सहित अन्य कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे गए। पुलिस अधीक्षक महोदया ने सुझावों पर मौके पर ही संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रस्तावित व्यवस्था को लागू कराने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। बैठक में बाजार एसोसिएशन के प्रधानों ने न केवल सुझाव दिए, बल्कि पुलिस के साथ सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के हर प्रयास में सहभागी बनने का आश्वासन भी दिया।

एसपी मेधा भूषण आईपीएस ने कहा कि त्योहारी सीजन में खरीदारी करने के लिए बड़ी संख्या में लोग बाजारों का रुख करते हैं, जिससे बाजारों में सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक भीड़ रहती है। बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अलर्ट मोड पर है। पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। शाम के समय बाजारों में पैदल पुलिस गश्त की जा रही है।

एसपी मेधा भूषण आईपीएस ने कहा कि सुरक्षा के हर प्रयास में पुलिस दुकानदारों और शहरवासियों के साथ है। जिला पुलिस उनकी सुरक्षा को लेकर पूरी तरह कृतसंकल्प है। उन्होंने दुकानदारों से भी पुलिस का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि दुकानों पर हाई-रिजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगे होने चाहिए और उनमें अधिक से अधिक दिनों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जानी चाहिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर फुटेज स्पष्ट रूप से प्राप्त हो सके और किसी भी वारदात में शामिल आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने में पुलिस को मदद मिल सके। कोई संदिग्ध व्यक्ति नजर आता है तो तुरंत संबंधित थाना या डायल 112 पर सूचना दें जो पुलिस बिना देरी के मौके पर पहुचेंगी।

बैठक में गौरव लीखा, अनिल मदान, दर्शन वधवा, चंद्र सहगल, विनोद जैन, आशीष तायल, सुनील वधवा, चंद्रगुप्त अग्गरवाल, मीनाक्षी चावला, यश हुड़िआ, वेद प्रकाश, विजय कक्कड़, हिमांशु कटारिया, देवेंद्र सिंह, सुशील भराडा, मोहित बजाज, प्रीतपाल सिंह, निशांत सोनी, अमन  मुंजाल, संजय वर्म, मीनाक्षी चावला, कर्मचंद नारंग, कृष्ण फुटेला मनोज बांगा सुनील शिंगला मौजूद रहें।
डीएसपी ट्रैफिक सुरेश सैनी का कहना 
पानीपत शहर होगा जाम मुक्त 
ट्रैफिक की समस्या के लिए हेल्पलाइन नंबर हुआ जारी
1095
आपकी एक फोन कॉल से अब होगा जाम मुक्त आपका शहर
अवैध कॉलोनियों पर डीटीपी का चला पीला पंजा, 12 एकड़ में ध्वस्त किया अवैध निर्माण

बिना मंजूरी काटी जा रही कॉलोनियों पर प्रशासन सख्त

सड़क-पानी नेटवर्क समेत 10 डीपीसी किए ध्वस्त

डीटीपी सुमित मलिक ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में अवैध निर्माण और अनधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में मंगलवार को गांव मेहराना और सुताना की राजस्व सीमा में करीब 12 एकड़ क्षेत्र में कार्रवाई की गई। इस दौरान एक अनधिकृत निर्माण को सील करने के साथ-साथ तीन अनधिकृत कॉलोनियों में विकसित किए गए 10 डीपीसी, पूरी मिट्टी की सड़क नेटवर्क, पानी की सप्लाई नेटवर्क तथा कॉलोनियों की सीमांकन संबंधी संरचनाओं को दो जेसीबी मशीनों की मदद से ध्वस्त किया गया।
उन्होंने कहा कि जिले में बिना सक्षम अनुमति के काटी जा रही कॉलोनियों और किए जा रहे अवैध निर्माण को किसी भी सूरत में पनपने नहीं दिया जाएगा। आमजन को भी अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने से पहले संबंधित विभाग से कॉलोनी की वैधता और आवश्यक अनुमतियों की जानकारी अवश्य प्राप्त करनी चाहिए। विभाग द्वारा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
*अपराधियों पर पानीपत पुलिस की त्वरित कार्रवाई..........*

*टीडीआई में घर में घुसकर महिला व परिवार के अन्य सदस्यों पर हमला करने के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, भेजा जेल*

पानीपत, 29 सितंबर। थाना सेक्टर-13/17 पुलिस ने टीडीआई में घर में घुसकर महिला व परिवार के अन्य सदस्यों पर हमला कर चोट मारने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सोमवार देर रात दो आरोपियों को टीडीआई से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की पहचान कृष पुत्र पुरुषोत्तम निवासी टीडीआई और दीपांशु पुत्र पवन निवासी बिशनस्वरूप कॉलोनी के रूप में हुई है।

उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय श्री विकास कुमार ने मंगलवार को जिला सचिवालय स्थित पुलिस विभाग के सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान प्रकरण की जानकारी देते हुए बताया कि थाना सेक्टर-13/17 में शिवानी बंसल पत्नी सिद्धार्थ बंसल निवासी टीडीआई ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसकी सास एकता बंसल ने वर्ष 2025 में आरडब्ल्यूएस (RWS) टीडीआई सिटी में प्रधान पद का चुनाव लड़ा था। पुरुषोत्तम वत्स भी चुनाव में खड़ा था। चुनाव के बाद पुरुषोत्तम ने उसकी सास के साथ द्वेष की भावना उत्पन्न कर ली थी। वर्तमान में उसकी सास आरडब्ल्यूएस में सचिव के पद पर कार्यरत है। 22 सितंबर 2026 को आरडब्ल्यूएस के खिलाफ दायर एक केस की सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर पुरुषोत्तम वत्स ने उसकी सास के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की थीं।
27 सितंबर 2026 की सुबह करीब 9:30 बजे उसकी सास एकता बंसल इस विषय पर बात करने पुरुषोत्तम वत्स के घर गई थीं। वहां बातचीत के दौरान पुरुषोत्तम व उसकी पत्नी रीना वत्स ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। मौके पर पहुंचे उनके बेटे सिद्धार्थ बंसल ने बीच-बचाव कर अपनी मां को छुड़ाया। इस दौरान आरोपियों ने धमकी दी की पुरुषोत्तम वत्स  दिल्ली पुलिस में कार्यरत है और मौका मिलते ही पूरे परिवार को जान से खत्म करवा देगा या किसी झूठे केस में फंसा देगा।
इसके बाद सुबह करीब 10:30 बजे पुरुषोत्तम वत्स, उसकी पत्नी रीना वत्स, बेटा कृष, श्रृत्विक शर्मा, दीपांशु घालयान निवासी सेक्टर-18, दीपांशु कुंडू निवासी बिशनस्वरूप कॉलोनी और 2-3 अन्य युवक हाथों में डंडे व लोहे की रॉड लेकर उनके घर के बाहर पहुंचे। आरोपियों ने घर की घंटी बजाई। दरवाजा नहीं खोलने पर वे जबरन घर में घुस आए और घर के गेट के पास खड़े उसके देवर मनन बंसल के साथ मारपीट शुरू कर दी।
परिवार के सदस्य बचाव के लिए आए तो आरोपी पुरुषोत्तम वत्स ने लोहे की रॉड से उसकी सास एकता बंसल के कंधे पर वार किया और उनके बाल खींचकर सिर दीवार में मार दिया। अन्य आरोपियों ने मनन बंसल व परिवार के अन्य सदस्यों पर डंडों और लात-घूंसों से हमला किया। आरोपियों ने घर के गेट पर लगे शीशे भी तोड़ दिए। मारपीट में घायल सास  एकता बंसल को सुमित अस्पताल तथा देवर मनन बंसल को सिटी अस्पताल, सनौली रोड में उपचार के लिए भर्ती कराया गया।
थाना सेक्टर-13/17 पुलिस ने शिवानी बंसल की शिकायत पर बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज कर मामले की जांच व आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास शुरू कर दिए थे। पुलिस टीम ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सोमवार देर रात आरोपी कृष व दीपांशु को टीडीआई से गिरफ्तार कर लिया।

उप पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों कृष व दीपांशु ने पूछताछ में उक्त वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने पूछताछ के बाद मंगलवार को दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत जेल भेज दिया गया।
पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। मामले में फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं। फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
हर शिकायत का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें अधिकारी: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ

शिकायत कर्ताओं को प्रदान किया जा रहा विशेष मंच: अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे

प्रत्येक शिकायत पर अधिकारी गंभीरता से ले संज्ञान: पुलिस अधीक्षक मेघा भूषण

समाधान शिविर में प्राप्त हुई 10 शिकायत, समाधान के दिए निर्देश

 हरियाणा सरकार का  सप्ताह में दो दिन लगने वाला महत्वपूर्ण कार्यक्रम जनता समाधान शिविर आम नागरिक को राहत प्रदान कर रहा है। आम नागरिक खुलकर अपनी शिकायतों को दर्ज करवा कर इसका लाभ ले रहे हैं। जिला सचिवालय सभागार में सोमवार को आयोजित जनता समाधान शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित 10 शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए  उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का समाधान हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। देरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी।

    उपायुक्त ने कहा कि आमजन अपनी समस्या के समाधान की उम्मीद लेकर प्रशासन के पास आता है, इसलिए प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उसका नियमानुसार त्वरित एवं प्रभावी समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों को लंबित रखने के बजाय मौके पर ही समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई करें और संबंधित व्यक्ति को राहत पहुंचाना सुनिश्चित करें।

    अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे ने कहा कि जनता समाधान शिविर का उद्देश्य आमजन को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरल, सुलभ और प्रभावी मंच उपलब्ध करवाना है। अधिकारियों को चाहिए कि प्रत्येक शिकायत को पूरी गंभीरता से लें और संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्रवाई करते हुए शिकायतकर्ता को समय पर समाधान उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि जन समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

   पुलिस अधीक्षक मेघा भूषण ने कहा कि कानून व्यवस्था एवं पुलिस विभाग से संबंधित प्रत्येक शिकायत पर अधिकारी गंभीरता से संज्ञान लें और नियमानुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आमजन की सुरक्षा और उनकी शिकायतों का निष्पक्ष एवं त्वरित समाधान पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। 

    एसडीएम मनदीप कुमार ने कहा कि जनता समाधान शिविर में प्राप्त प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेकर संबंधित विभाग तक पहुंचाया जा रहा है, ताकि उसका निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शीघ्र समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

 सोमवार को आयोजित जनता समाधान शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित 10 शिकायतें प्राप्त हुईं। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने शिकायतों का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को इनके समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए नियमानुसार समाधान सुनिश्चित करें।

    इस अवसर पर पुलिस उप अधीक्षक विकास चहल, सिटी मजिस्ट्रेट टीनू पोसवाल, डीडीपीओ राजेश शर्मा, एसडीओ कृषि विभाग डॉ. राजेश भारद्वाज, पब्लिक हेल्थ के कार्यकारी अभियंता करण बहल, डॉ. माणिक, डॉ. प्रज्ञा, संजीव शर्मा, रमेश बागड़ी, जिला बागवानी अधिकारी संदीप सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
सडक़ सुरक्षा से कोई समझौता नहीं, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई: उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ

यातायात नियम तोडऩे वालों पर कसेगा शिकंजा, सुरक्षित होगा पानीपत: पुलिस अधीक्षक मेधा भूषण

सरकारी अस्पताल में लंबे समय तक प्राइवेट एंबुलेंस खड़ी करने पर होगी सख्त कार्रवाई

प्रशासन करेगा सूचित तैयार प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों सी एस आर को लेकर

सीसीटीवी, रिफ्लेक्टर और ट्रैफिक प्रवर्तन से सडक़ सुरक्षा को मिलेगा नया आयाम

जिला सचिवालय सभागार में सोमवार को उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में जिला सडक़ सुरक्षा समिति एवं सुरक्षित स्कूल वाहन नीति से संबंधित बैठक आयोजित की गई। बैठक में सडक़ दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा शहर और जिले की सडक़ों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

 उपायुक्त ने कहा कि जो सडक़ दुर्घटनाएं हुई है उनमें ज्यादातर हेलमेट न लगाने और सीट बेल्ट न पहनने के कारण हुई है अगर ट्रैफिक नियमों का पालन किया जाता तो इन हादसों से बचा जा सकता था। प्रशासन प्रतिष्ठित उद्योगपतियों की सूची सीएस आर को लेकर तैयार करेगा ताकि जरूर पढऩे पर सहयोग लिया जा सके। उपायुक्त ने कहा कि सडक़ सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है। इस पर और कार्य किया जा रहा है। सडक़ दुर्घटनाओं को रोकने के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित कर वहां आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करें। उपायुक्त डॉ हरीश ने कहा कि जहां सडक़ पर ब्रेकर की आवश्यकता है, वहां नियमानुसार ब्रेकर बनाए जाएं तथा सडक़ों पर सफेद पट्टी और अन्य आवश्यक संकेतक लगाए जाएं।

    पुलिस अधीक्षक मेधा भूषण ने कहा कि सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करना होगा। हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध कटों और यातायात नियमों के उल्लंघन वाले स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, ताकि नियम तोडऩे वालों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

    उपायुक्त डॉ हरीश ने इसराना फ्लाईओवर के प्रारंभिक हिस्से पर यात्रियों के लिए सुरक्षित ठहराव एवं बैठने की उचित व्यवस्था करने के भी  निर्देश दिए। उन्होंने सरकारी अस्पतालों के आसपास निजी एंबुलेंस के अनधिकृत रूप से खड़े होने पर कार्रवाई करने के निर्देश भी संबंधित विभाग को दिए। उपायुक्त ने कहा कि भारी एवं वाणिज्यिक वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि रात के समय उनकी दृश्यता बनी रहे और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो। डॉ. वशिष्ठ ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर आवश्यक स्थानों पर सुरक्षा संबंधी इंतजाम करने, क्षतिग्रस्त सडक़ों और गड्ढों की मरम्मत कराने तथा स्कूलों के आसपास बच्चों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। 

   उपायुक्त ने कहा कि जहां ब्रेकर बनाना संभव नहीं है, वहां जेब्रा क्रॉसिंग सहित अन्य यातायात सुरक्षा उपाय किए जाएं। उन्होंने दिल्ली की ओर जाने वाले मार्गों पर किलोमीटर दर्शाने वाले बोर्डों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही औद्योगिक संस्थानों की सूची एवं उनकी सीएसआर गतिविधियों की रिपोर्ट तैयार करने को कहा, ताकि सार्वजनिक हित से जुड़े कार्यों में सीएसआर के माध्यम से सहयोग लिया जा सके।

    उपायुक्त ने कहा कि रोहतक बाईपास से राष्ट्रीय राजमार्ग-709 पर डिवाइडर के बीच के हिस्से को पार्क की तर्ज पर विकसित कर सुंदर बनाया जाएगा। उन्होंने वहां बड़ा तिरंगा लगाने के निर्देश भी दिए। उपायुक्त ने कहा कि शहर को गड्ढों, जलभराव, अवैध कट, अनधिकृत पार्किंग और अन्य यातायात संबंधी समस्याओं से मुक्त करने के लिए विभाग गंभीरता से कार्य करें।

     उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि सडक़ सुरक्षा केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सभी संबंधित विभागों और आमजन के सामूहिक प्रयास से ही दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सडक़ों से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा और शहर की यातायात व्यवस्था को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गड्ढों, जलभराव, अवैध कट, अतिक्रमण और अन्य समस्याओं को चिन्हित कर उनका समाधान कराया जाएगा, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

    पुलिस अधीक्षक मेधा भूषण ने कहा कि सडक़ सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी। विशेष रूप से ओवरलोडिंग, तेज गति, बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के वाहन चलाने तथा अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पुलिस प्रशासन संबंधित विभागों के साथ मिलकर कार्य कर रहा है। सीसीटीवी और अन्य तकनीकी माध्यमों का उपयोग करते हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नजर रखी जाएगी, ताकि सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और शहरवासियों को सुरक्षित यातायात व्यवस्था उपलब्ध हो। बैठक में उपायुक्त ने हिट एंड रन मोटर दुर्घटना मुआवजा मामलों में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।     

     उपायुक्त डॉ हरीश ने अधिकारियों से उन अस्पतालों की रिपोर्ट तैयार करने को कहा, जहां पीडि़तों को आयुष्मान योजना के तहत कैशलेस उपचार का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार कार्रवाई करते हुए ऐसे अस्पतालों को पैनल से बाहर करने की प्रक्रिया पर भी विचार किया जा सकता है। बैठक में एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम समालखा अमित कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप नैन, नगराधीश टीनू पोसवाल, सीएमओ डॉ. विजय मलिक, आरटीओ डॉ. नीरज जिंदल, संदीप जिंदल, डीएसपी सुरेश सैनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
जो भी लक्ष्य निर्धारित करें, उसे मन लगाकर करें, निश्चित तौर पर मिलेगी सफलता–हरविंदर कल्याण

खेल को पवित्र भावना से खेलें तो जीत निश्चित, देश का युवा भारत का झंडा ऊंचा करने में सक्षम–महिपाल ढांडा 

 खिलाड़ी और युवा हमारे देश की  नींव हैं इसलिए वे जो भी काम करें, मन लगाकर करें और लक्ष्य को निर्धारित करके ही करें इससे सफलता मिलनी निश्चित है। यह बात विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने शनिवार को स्थानीय शिवाजी स्टेडियम में आयोजित थ्रो बॉल चैंपियनशिप में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए कही। इस मौके पर पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज, मार्केट कमेटी के चेयरमैन अवतार शास्त्री भी उपस्थित रहे। 
          उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी निश्चित तौर पर परिश्रमी और अनुशासित तो होता ही है साथ में वह समाज को जोड़ने का भी काम करता है। खिलाड़ी एक बेहतर नागरिक भी बनता है।
       उन्होंने कहा कि खिलाड़ी जमीन से जुड़ा हुआ होता है आज नई तकनीक के युग में,मोबाइल के जमाने में हम अपनी मिट्टी से अलग होते जा रहे हैं जो कि गलत है इससे खेल और बचपन दोनों छूट रहे हैं। इसलिए हमें अपनी आदतों में बदलाव लाकर धरातल पर काम करना होगा और खेल को खेल की तरह खेलना होगा तब कहीं जाकर खिलाड़ी को सफलता मिलेगी।    
        हरविंदर कल्याण ने कहा कि आज वैश्विक स्तर पर प्रधानमंत्री मोदी ने जिस तरह से भारत का नाम रोशन किया है उससे दूसरे देशों में भारत का सम्मान बड़ा है।
          शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि दोनों टीमें जब भी खेलें, खेल भावना की भावना से ही खेलें, क्योंकि जब खिलाड़ी पवित्र भाव से खेलते हैं तो उनकी काबिलियत और उनकी प्रतिभा में निखार आता है। हार जीत का कोई महत्व नहीं रह जाता और यह भी तय है कि जो भी अपना 100 प्रतिशत देता है वह पक्के तौर पर जीतता भी है। 
       महिपाल ढांडा ने कहा कि युवाओं पर भारत को विकसित भारत बनाने का दारोमदार है और इस संकल्प को पूरा करने के लिए भारत का 65% नौजवान अपनी प्रतिभा को निखार कर दुनिया के उस पार जाकर भी भारत का झंडा ऊंचा करने में सक्षम है। कार्यक्रम में डीसी डॉक्टर हरीश कुमार वशिष्ठ ने जिला प्रशासन की ओर से सभी का धन्यवाद किया और आयोजन के लिए आयोजकों को बधाइयां भी दी।
एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की एनएसएस, यूथ रेड क्रॉस और रोटरी पानीपत मिडटाउन के संयुक्त तत्वाधान में मेगा रक्तदान शिविर का आयोजन 

पानीपत, 25 सितम्बर.
 एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की राष्ट्रीय सेवा योजना, यूथ रेड क्रॉस और रोटरी पानीपत मिडटाउन के संयुक्त तत्वाधान में मेगा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया जिसमे कॉलेज के एनएसएस कार्यकर्ताओं, छात्र-छात्राओं, स्टाफ सदस्यों और पानीपत के नागरिकों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्त एकत्रित किया गया । रक्तदान शिविर की विधिवत शुरुआत मुख्य अतिथि श्री प्रमोद विज विधायक पानीपत सिटी ने की । उनके साथ अतिविशिष्ट उपस्थिति में दिनेश गोयल कॉलेज प्रधान, विकास छाछरा प्रोजेक्ट चेयरमैन रोटरी पानीपत मिडटाउन, रवि दिलोरी, संजीव गुप्ता प्रधान, संदीप खेर उप-प्रधान, गुरमीत सिंह दुआ सचिव, नितेश डावर, एसके चुग, विशाल गोयल, पुनीत गर्ग, कुणाल गुप्ता, शक्ति सिंह, कॉलेज के पूर्व प्रधान डॉ एसएन गुप्ता, रणजीत भाटिया, नरेंद्र भाटिया, पूर्व महापौर भूपेन्द्र सिंह, विपिन फुटेला और संजय गुप्ता रक्तदान शिविर में उपस्थित रहे और उन्होनें माननीय मुख्य अतिथि का स्वागत किया  ।          ।
कॉलेज के यूथ रेड क्रॉस प्रभारी डॉ राकेश गर्ग और एनएसएस अधिकारी डॉ संतोष कुमारी भी रक्दान शिविर में रक्तदाताओं कि मदद करते नज़र आये । विदित रहे कि एसडी पीजी कॉलेज और रोटरी पानीपत मिडटाउन विगत कई वर्षों से रक्तदान शिविरों का नियमित आयोजन करता रहा है और इस एकत्रित रक्त का इस्तेमाल गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों, दुर्घटनाओं के शिकार लोगों और शस्त्र सेनाओं के अधिकारियों को बचाने के लिए किया जाता है । मेगा-रक्तदान शिविर में रक्तदान करने वाले छात्र-छात्राओं को रिफ्रेशमेंट, गिफ्ट्स और प्रमाण पत्र वितरित किये गए।
श्री प्रमोद विज विधायक पानीपत सिटी ने रक्तदान को महादान बताते हुए कहा की एक वयस्क पुरुष एवं स्त्री में 5 से 6 लीटर तक रक्त होता है और कोई भी व्यक्ति हर तीन महीने में एक बार रक्तदान कर सकता है । उन्होनें कहा कि 450 मिली रक्त से तीन लोगों का जीवन बचाया जा सकता है । भारत में प्रत्येक दो सेकंड में किसी न किसी व्यक्ति को रक्त की आवश्यकता होती है परन्तु दुखद पहलू यह है कि भारत में रक्तदान योग्य व्यक्तियों में से सिर्फ चार प्रतिशत लोग ही रक्तदान करते हैं । उन्होनें इस कैंप में रक्तदान करने वाले हर युवा की प्रशंसा की और कहा कि रक्तदान करने के बाद किसी का जीवन बचने से हम में आत्मसंतोष की दैवीय भावना उत्पन्न होती है । मानव जीवन की रक्षा हेतू रक्तदान परमात्मा के प्रति हमारी सर्वोत्तम अराधना है ।
विकास छाछरा प्रोजेक्ट चेयरमैन रोटरी पानीपत मिडटाउन ने रक्तदान के महत्त्व पर बोलते हुए कहा कि रक्त हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण तत्व है । रक्त का विकल्प केवल और केवल रक्त ही है । बढती दुर्घटनाओं के मद्देनजर आज रक्त की मांग में काफी वृद्धि हुई है । हस्पताल भी रक्त के बिना कुछ नहीं कर सकते है । रक्तदान करके हम चिकित्सकों के काम में काफी मदद कर सकते है । उन्होनें कहा कि रक्तदान के हमारे शरीर को कई फायदे भी होते हैं । जब हम रक्तदान करते हैं तो हमारे खुद के शरीर में कैंसर जैसी कई बीमारियों के खतरे कम हो जाते है । रक्तदान से लिवर और पाचन ग्रंथि भी तंदुरस्त रहती है और दिल का स्वास्थ्य काफी अच्छा रहता है । रक्तदान से लाखों जानें बच सकती हैं और रक्त उपलब्ध रहे तो किसी का भी जीवन बचाया जा सकता है । रक्तदान करने से नयी रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में वृद्धि होती है । नियमित रक्तदान करने वाला व्यक्ति आवश्यकता पड़ने पर सहजता से रक्त पा भी सकता है । उन्होनें कहा कि रक्तदान के मिथकों और भ्रांतियों को तोड़कर ही हम रक्तदान करने के भय से मुक्त हो सकते है । रक्त की न कोई जाति और न कोई धर्म होता है बल्कि यह समाज सेवा करने का सर्वश्रेष्ठ साधन है ।
संजीव गुप्ता प्रधान ने कहा कि दुनिया भर में जीवन बचाने में रक्तदान की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है । अधिकांश स्वास्थ्य जटिलताओं में रक्त की आवश्यकता सबसे पहले पड़ती हैं । जीवन को बचाने, रोगी की सर्जरी में मदद, कैंसर के उपचार, पुरानी बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य संबंधी खतरों के लिए रक्दान अत्यधिक आवश्यक है । उन्होनें कहा कि साल में एक से ज्यादा बार रक्तदान करना भी सुरक्षित है । रक्त का किसी लेबोरेटरी या फैक्ट्री में निर्माण नहीं किया जा सकता है । यह केवल और केवल से ही आ सकता है । भारत में हर 2 सेकेंड में रक्तदान की जरूरत होती है और एक यूनिट रक्त से 3 लोगों की जान बचाई जा सकती है ।
संदीप खेर उप-प्रधान ने कहा कि ब्लड डोनेशन कैंप को आयोजित करने का मूल उद्देश्य सामान्य जन में असामान्य दैवीय भावों को उत्पन्न करना है । रक्तदान शिविर के माध्यम से छात्र-छात्राए खुद को देश और समाज से जुड़ा हुआ महसूस करते है । रक्तदाताओं द्वारा दिया गया रक्त किसी दुर्घटना के शिकार व्यक्ति की जान बचाने में तथा किसी बीमार की मदद में सहायक सिद्ध होता है । मानवता से भरे इस नेक कार्य जैसा पुनीत कार्य अन्यत्र कोई नहीं है।
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं के साथ किया मंथन*

 

 *गीता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव की तैयारियों में जुटा कुरुक्षेत्र *

 

 *अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव को जनभागीदारी का स्वरूप देने का आह्वान*

 

 हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में वीरवार को गीता ज्ञान संस्थानम, कुरुक्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2026 के आयोजन को लेकर कुरुक्षेत्र की धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने महोत्सव के आयोजन को लेकर अपने सुझाव एवं विचार मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। मुख्यमंत्री ने सभी संस्थाओं से मिलकर महोत्सव को भव्य, गरिमापूर्ण और जनभागीदारी से युक्त बनाने का आह्वान किया।

 

 *गीता जीवन के संघर्षों में प्रकाश देने वाला ग्रंथ : मुख्यमंत्री*

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला संदेश है। महात्मा गांधी के गीता संबंधी विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि गांधी जी गीता को जीवन की कठिन परिस्थितियों और संघर्षों में मार्गदर्शन एवं सांत्वना देने वाला ग्रंथ मानते थे। इसी प्रकार लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने गीता के कर्मयोग पर विशेष बल देते हुए कर्तव्य के प्रति निष्ठा और कर्म करते रहने का संदेश दिया। श्री अरविंद के विचारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता का संदेश जीवन से विमुख होने का नहीं, बल्कि कर्म और आध्यात्मिक चेतना के माध्यम से जीवन को बेहतर दिशा देने का है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के माध्यम से गीता के इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास होना चाहिए। महोत्सव की प्रत्येक गतिविधि में गीता का संदेश केंद्र में रहे और यहां आने वाला प्रत्येक व्यक्ति कुरुक्षेत्र की संस्कृति तथा गीता के संदेश को अपने साथ लेकर लौटे।

 

' *स्वच्छ कुरुक्षेत्र, पवित्र कुरुक्षेत्र' बने सामूहिक संकल्प*

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि  कुरुक्षेत्र का वातावरण गीता की भूमि की गरिमा के अनुरूप स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित रहे, इसके लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने 'स्वच्छ कुरुक्षेत्र, पवित्र कुरुक्षेत्र' को सामूहिक संकल्प बनाने का आह्वान किया। मंदिरों, आश्रमों, धर्मशालाओं, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने तथा प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाने में सहयोग का आग्रह किया।

 

उन्होंने कहा कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों का स्वागत 'अतिथि देवो भवः' की भावना से किया जाए, ताकि प्रत्येक आगंतुक को कुरुक्षेत्र में अपनत्व और सम्मान का अनुभव हो।

 

 *महाभारतकालीन थीम पर विकसित होंगे कुरुक्षेत्र के चौक*

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुरुक्षेत्र के सभी प्रमुख चौकों को महाभारत कालीन थीम पर विकसित किया जाएगा। इससे शहर के विभिन्न हिस्सों में कुरुक्षेत्र की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रयास है कि पूरी कुरुक्षेत्र नगरी गीता और भगवान श्रीकृष्ण की नगरी के भाव को प्रतिबिंबित करे।

 

मुख्यमंत्री ने धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं से अपने-अपने स्तर पर महोत्सव की तैयारियों में सहयोग करने तथा अपने सुझाव प्रशासन के साथ साझा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संस्थाओं और नागरिकों की सहभागिता से ही महोत्सव को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप दिया जा सकता है।

 

 *गीता महोत्सव में सद्भावना के साथ सहभागी बनें सभी संस्थाएं : स्वामी ज्ञानानंद महाराज*

 

इस अवसर पर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि सभी धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाएं सद्भावना के साथ अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव से जुड़ें। इससे तीर्थ, कुरुक्षेत्र और हम सभी का गौरव बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान में प्रशासन के साथ-साथ सभी संस्थाओं को भी आगे आकर अपना योगदान देना चाहिए।

 

उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति और संस्था से आग्रह किया कि ‘18 मिनट गीता के नाम’ पहल से जुड़ें। उन्होंने कहा कि गीता के प्रति जागृति का संदेश तभी सार्थक होगा, जब गीता के सूत्र हमारे व्यवहार में भी दिखाई दें। उन्होंने कहा कि गीता के गौरव को आगे बढ़ाना हम सभी का दायित्व है और गीता के सूत्रों को अपने जीवन में अपनाने की पहल को महोत्सव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

 

इस बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अर्चना गुप्ता, पूर्व राज्यमंत्री श्री सुभाष सुधा, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव श्री उपेंद्र सिंघल, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री भारत भूषण भारती सहित कुरुक्षेत्र की विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के आध्यात्मिक गुरु, प्रतिनिधि तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
रात 09 बजे से सुबह 09 बजे तक  शहर में अब चलेंगी ई-बसें

सिवाह बस स्टैंड से टोल प्लाजा तक यात्रियों की सुविधा के लिए चलेंगी रात के समय  विशेष ई-बसें

विधायक प्रमोद विज ने मुख्यमंत्री नायब सैनी का जताया आभार

शहरवासियों के लिए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अब रात के समय भी यात्रियों की सुविधा के लिए पानीपत शहर में ई-बसों का संचालन किया जाएगा। सिवाह बस स्टैंड से टोल प्लाजा तक रात के समय विशेष ई-बस सेवा उपलब्ध रहेगी, जिससे देर रात यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी।

पानीपत शहर विधायक प्रमोद कुमार विज ने इस सुविधा के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी का आभार व्यक्त किया। विधायक ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शहरवासियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है। रात के समय ई-बस सेवा शुरू होने से नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों, श्रमिकों तथा अन्य यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।

विधायक प्रमोद विज ने कहा कि पानीपत में ई-बस सेवा का विस्तार शहर को आधुनिक और बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की ओर ले जाने वाला कदम है। विशेष रूप से रात के समय बस सेवा उपलब्ध होने से यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त साधनों पर निर्भरता कम होगी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए लगातार जनहित में कार्य कर रही है। पानीपत में ई-बस सेवा का विस्तार भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

विधायक ने कहा कि शहरवासियों की सुविधा और बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए भविष्य में भी आवश्यक कदम उठाए जाते रहेंगे।
नशा तस्करी पर पानीपत पुलिस का कड़ा प्रहार

33 किलो 480 ग्राम गांजा सहित नशा तस्कर गिरफ्तार, सप्लायर की तलाश जारी

पानीपत, 24 सितंबर। पानीपत पुलिस द्वारा नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 33 किलो 480 ग्राम गांजा सहित एक नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सोनू निवासी देव नगर काबड़ी रोड पानीपत के रूप में हुई है। 

एंटी नारकोटिक्स सेल इंचार्ज सब इंस्पेक्टर सुभाष ने बताया कि बुधवार शाम एंटी नारकोटिक्स सेल पुलिस टीम गश्त के दौरान देवीलाल पार्क के पास मौजूद थी। इसी दौरान टीम को गुप्त सूचना मिली कि टीडीआई फ्लाईओवर से उतरकर गोल चक्कर के पास एक युवक प्लास्टिक के दो कट्टों में मादक पदार्थ लेकर कही जाने की फिराक में खड़ा है। पुलिस टीम ने तुरंत त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर दबिश देकर युवक को काबू किया।
पूछताछ में उसने अपनी पहचान सोनू पुत्र सुरेश निवासी देव नगर काबड़ी रोड के रूप में बताई। पुलिस टीम ने नियमानुसार आरोपी व उसके पास मौजूद दोनों प्लास्टिक कट्टों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान दोनों कट्टों से गांजा बरामद हुआ। दोनों कट्टो से बरामद गांजा का वजन करने पर 33 किलो 480 ग्राम गांजा पाया गया।

*चार-पांच दिन पहले उड़ीसा निवासी दोस्त देकर गया गांजा*
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया वह नशा करने का आदी है। उसकी करीब 10 माह पहले उड़ीसा निवासी एक युवक से जान पहचान हुई थी। दोनों ने कुछ दिन पहले शार्टकट तरिके से पैसे कमाने के लिए मादक पदार्थ बेचने की साजिश रची। करीब चार-पांच दिन पहले उड़ीसा निवासी उसका दोस्त उसे गांजा देकर गया था। बुधवार को वह गांजे को लेकर टीडीआई पुल के नजदीक गोल चक्कर के पास छुपाने के लिए खड़ा था। 
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना सेक्टर 13/17 में एनडीपीएस एक्ट के तहत अभियोग दर्ज कर आरोपी सोनू को वीरवार को माननीय न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे 8 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से मादक पदार्थ सप्लाई के नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों तथा उसके उड़ीसा निवासी साथी आरोपी के बारे में पूछताछ कर पकड़ने का प्रयास करेगी। 

पानीपत पुलिस की नशा बेचने और सप्लाई करने वालों पर पैनी नजर है। पानीपत पुलिस आमजन से भी अपील करती है कि नशे की बिक्री या सप्लाई से संबंधित कोई भी सूचना पुलिस को दें, ताकि नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
आमजन की सुविधा के लिए शहरी क्षेत्रों में 1646 वार्ड कमेटियां गठित की: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने शहरी निकायों में सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, वार्ड समितियों के गठन, स्वच्व्छता पखवाड़ा कलैंडर सहित विभिन्न विषयों की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

आमजन से की अपील, स्वच्छता व कचरा संग्रहण आदि के संबंध में वार्ड कमेटियों के व्हाटसएप नंबर पर करें शिकायत, होगा समयबद्ध समाधान

शहरी क्षेत्रों में शत-प्रतिशत कचरा उठान के लिए घर-घर पहुंचेंगे जीपीएस आधारित वाहन, ट्रैकिंग रिपोर्ट के आधार पर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से होगा भुगतान

 

 हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आमजन की सुविधा व शिकायतों के समाधान के लिए प्रदेश के सभी शहरी निकायों में 1646 वार्ड समितियों का गठन किया गया है। कोई भी व्यक्ति स्वच्छता व कचरा संग्रहण के संबंध में इन वार्ड समितियों के व्हाटसएप नंबर पर शिकायत दर्ज करवा सकता है जिसका समयबद्ध समाधान किया जाएगा। इसी प्रकार घर-घर कचरा उठाने वाले वाहनों की निगरानी के लिए 87 में से 83 शहरी स्थानीय निकायों में 4जी व 5जी नेटवर्क वाली जीपीएस प्रणाली के वाहन चलाए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को शेष चार शहरी स्थानीय निकायों में भी इस प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी प्रदेश के शहरी निकायों में सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, रूट मैपिंग, मशीनरी की उपलब्धता, पोर्टल के माध्यम से भुगतान, वार्ड समितियों के गठन, स्वच्व्छता पखवाड़ा कलैंडर, बल्क वेस्ट जनरेटर्स की पहचान व पंजीकरण तथा एनजीओ मैपिंग एंड एमओयू सहित विभिन्न विषयों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को शहरों में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने के निर्देश दिए। बैठक में पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों तथा सीएमजीजीए की अनुशंसाओं पर की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।

घर-घर कचरा संग्रहण के लिए रूट मैपिंग के निर्देश दिए:

मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने घर-घर कचरा संग्रहण के लिए रूट मैपिंग की स्थिति की भी समीक्षा की। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा ने बताया कि जून में जहां प्रदेश के 87 में से केवल 28 शहरी स्थानीय निकायों में 100 रूट मैपिंग का कार्य पूरा हुआ था, वहीं 20 सितंबर तक यह संख्या बढ़कर 66 हो गई है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक वार्ड के रूट मैपिंग में संबंधित कचरा संग्रहण वाहन, उसका समय और चालक का संपर्क नंबर शामिल किया जाए। यह जानकारी संबंधित वार्ड कमेटी के व्हाट्सएप समूह में साझा की जाए, ताकि घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था की प्रभावी निगरानी हो सके।

 

कचरा प्रबंधन पोर्टल के माध्यम से भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश:

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सेवा प्रदाता एजेंसियों को भुगतान केवल सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट पोर्टल के माध्यम से किया जाए। भुगतान में अनावश्यक देरी करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए तथा आवश्यकतानुसार दंड का प्रावधान किया जाए।

वार्ड कमेटियों को स्वच्छता व्यवस्था में सक्रिय भूमिका देने पर जोर:

अधिकारियों ने बताया कि सितंबर तक 87 में से 86 शहरी स्थानीय निकायों में 1,646 वार्ड कमेटियां गठित की जा चुकी हैं जो पूरी तरह से सक्रिय हैं। वार्ड कमेटियों के सदस्यों को पहचान पत्र भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने वार्ड कमेटियों को स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी, स्थानीय समस्याओं की पहचान और नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका देने पर जोर दिया।

श्रेष्ठ वार्ड कमेटियों को जिला स्तर पर किया जाएगा सम्मानितः

मुख्यमंत्री ने कहा कि वार्ड कमेटियों के बीच स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली वार्ड कमेटियों को जिला स्तर पर पुरस्कृत करने की व्यवस्था की जाए। अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए हरियाणा स्वच्छ लीग के माध्यम से प्रतिस्पर्धात्मक और रैंकिंग आधारित स्वच्छता व्यवस्था विकसित की जा रही है। इस व्यवस्था के तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाली वार्ड कमेटियों को जिला स्तर पर तिमाही आधार पर पुरस्कृत किया जाएगा।

सभी जिलों में विशेष प्रकोष्ठों के गठन पर जोर:

आयुक्त एवं सचिव ने बताया कि सभी 23 जिलों के उपायुक्तों के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पोर्टल पर यूजर आईडी बनाई जा चुकी है। प्रदेश के 23 जिलों में से 21 जिलों में जिला विशेष प्रकोष्ठों का गठन किया जा चुका है। चरखी दादरी और पलवल में इन प्रकोष्ठों के गठन की प्रक्रिया की जा रही है। मुख्यमंत्री ने शेष दोनों जिलों में भी गठन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने तथा नियमों के प्रभावी अनुपालन की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।

स्वच्छता पखवाड़े में वार्ड कमेटियों की भागीदारी सुनिश्चित:

अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ कैलेंडर को हरियाणा में भी अपनाया जा रहा है। इसके तहत 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक विशेष स्वच्छता पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। स्वच्छता अभियान में वार्ड कमेटियों की भागीदारी के लिए राज्य स्तर पर कार्ययोजना तैयार की गई है। इस दौरान श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली वार्ड कमेटियों को सम्मानित भी किया जाएगा।

बल्क वेस्ट जनरेटरों के पंजीकरण में तेजी लाने के निर्देश:

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में सभी बल्क वेस्ट जनरेटर्स की पहचान करके केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पोर्टल पर इनका पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। नियमों का पालन नहीं करने वाले थोक अपशिष्ट उत्पादकों के विरुद्ध निर्धारित प्रावधानों के अनुसार दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

स्वच्छता गतिविधियों में गैर-सरकारी संगठनों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी:

आयुक्त एवं सचिव ने बताया कि सभी जिलों में स्वच्छता और सामुदायिक भागीदारी के क्षेत्र में कार्य कर रहे गैर-सरकारी संगठनों की पहचान की जा रही है। इन संस्थाओं को संबंधित शहरी स्थानीय निकायों तथा वार्ड कमेटियों के साथ जोड़कर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुरूप गैर-सरकारी संगठनों की भागीदारी को संस्थागत रूप देने के लिए राज्य स्तर पर एक प्रारूप समझौता ज्ञापन तैयार किया गया है।

मानव संसाधन और मशीनरी की उपलब्धता में सुधार:

अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों में मानव संसाधन और मशीनरी की उपलब्धता में लगातार सुधार किया गया है। सितंबर तक प्रदेश के 87 शहरी स्थानीय निकायों में से 65 में मानव संसाधन की कमी दूर की जा चुकी है, जबकि 68 शहरी स्थानीय निकायों में मशीनरी की कमी दूर की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने शेष कमी को भी निर्धारित समय सीमा में दूर करने तथा इसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने स्वच्छता व्यवस्था में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और शहरों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों और स्थानीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण गुप्ता, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा, मुख्यमंत्री के उप-प्रधान सचिव डॉ. यशपाल सिंह भी उपस्थित थे।
*आर्य पीजी कॉलेज में हुआ रक्तदान शिविर का आयोजन, 85 यूनिट रक्त एकत्रित*
- रक्तदान मानवता की सेवा का श्रेष्ठ कार्य है: डॉ. जगदीश गुप्ता
- एनएसएस स्वयंसेवकों एवं विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर किया रक्तदान, ‘रक्तदान महादान’ का दिया संदेश

आर्य पीजी कॉलेज में शुक्रवार को रोटरी क्लब, पानीपत के संयुक्त तत्वावधान में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में महाविद्यालय के विद्यार्थियों, एनएसएस स्वयंसेवकों एवं स्टाफ सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए 85 यूनिट रक्त एकत्रित किया। शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व एवं मानव सेवा की भावना को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम में हैदराबादी हॉस्पिटल से डॉ. भारत जिंदल एवं डॉ. देव छोक्कर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। 
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता ने मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया और साथ ही शिविर के सफल आयोजन के लिए एनएसएस प्रभारी डॉ. विजय सिंह एवं उनकी पूरी टीम को शुभकामनाएं दी। 
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि महाविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल अकादमिक रूप से सक्षम बनाना ही नहीं, बल्कि उनमें सामाजिक संवेदनशीलता, मानवीय मूल्यों और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि 85 यूनिट रक्त का संग्रहण इस बात का प्रमाण रहा कि आर्य पीजी कॉलेज के विद्यार्थी शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों में भी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि रक्तदान मानवता की सेवा का ऐसा कार्य है, जिसमें प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर समाज के प्रति अपना दायित्व निभा सकता है।
महाविद्यालय की उपाचार्या डॉ. अनुराधा सिंह ने कहा कि रक्तदान के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी समाज में सकारात्मक बदलाव का आधार बन सकती है। उन्होंने रक्तदान शिविर में विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना करते हुए सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त किया।
मुख्य वक्ता डॉ. भारत जिंदल एवं डॉ. देव छोक्कर ने अपने सम्बोधन में रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि रक्तदान एक महान सामाजिक सेवा है, क्योंकि हमारे द्वारा किया गया रक्तदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित रूप से रक्तदान जैसे सामाजिक एवं जनकल्याणकारी कार्यों में सहभागिता करने का आह्वान किया।
एनएसएस प्रभारी डॉ. विजय सिंह ने कहा कि कार्यक्रम के सफल आयोजन ने विद्यार्थियों में सामाजिक सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि एनएसएस का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को समाज के प्रति जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनाना है। रक्तदान शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को मानव सेवा से जुड़ने का अवसर मिला। उन्होंने शिविर को सफल बनाने के लिए रोटरी क्लब पानीपत, चिकित्सा टीम, विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
शिविर के दौरान एनएसएस स्वयंसेवकों ने विशेष उत्साह के साथ अपनी भागीदारी सुनिश्चित की और अन्य विद्यार्थियों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित किया। शिविर में रक्तदान करने वाले विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों का उत्साह देखते ही बनता था।
 
इस अवसर पर महाविद्यालय की उपाचार्या डॉ. अनुराधा सिंह, डॉ. मीनल तालस, डॉ. मनीषा नागपाल सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
चोरी, लूट व स्नेचिंग करने वाले गिरोह के आरोपी गिरफ्तार

सीआईए टू प्रभारी सब इंस्पेक्टर अनिल की टीम ने आरोपियों को काबू किया*
डाडोला में 53 लाख रुपए से बनेगा भव्य अंबेडकर भवन, गांव के विकास को मिलेगी नई रफ्तार

बाबा साहेब और संत रविदास के विचारों से प्रेरणा लेकर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा समाज।

गांव डाडोला में संविधान निर्माता एवं भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की स्मृति को समर्पित भव्य अंबेडकर भवन का निर्माण 53 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा। भवन के निर्माण के लिए 21 लाख रूपए निजी कोष से, 21 लाख रूपए जिला परिषद तथा 11 लाख रूपए ब्लॉक समिति से प्रस्तावित किए गए हैं। इससे गांव में सामाजिक, शैक्षणिक एवं सामुदायिक गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।
         विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने जानकारी देते हुए बताया कि विगत दिवस गांव डाडोला में डेरा सचखंड बल्लां, जालंधर के गद्दीनशीन पूज्य संत पद्मश्री निरंजन दास  महाराज के सानिध्य में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज तथा संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की भव्य प्रतिमाओं का अनावरण किया गया था। उस समय उपस्थित संत समाज एवं ग्रामीणों के साथ अंबेडकर भवन के निर्माण को लेकर चर्चा की गई थी। गांव का विकास केवल सड़कों और गलियों तक सीमित नहीं होता, बल्कि ऐसे भवन और संस्थान भी गांव की प्रगति का आधार बनते हैं, जहां समाज के सभी वर्ग एक साथ बैठकर विचार कर सकें और नई पीढ़ी को महापुरुषों के जीवन एवं उनके आदर्शों से प्रेरणा मिल सके।    
        कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि डाडोला में बनने वाला अंबेडकर भवन बाबा साहेब के सामाजिक समरसता, समानता और शिक्षा के संदेश को आगे बढ़ाने का माध्यम बनेगा।
मंत्री ने बताया कि सरकार का प्रयास है कि गांवों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के साथ-साथ सामुदायिक विकास को भी गति दी जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। डाडोला में अंबेडकर भवन का निर्माण भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि गांव मजबूत होंगे तो प्रदेश मजबूत होगा और ग्रामीणों की भागीदारी से विकास की रफ्तार और तेज होगी।
            मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर संत रविदास जी के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से कलश यात्रा शुरू की गई है।प्रदेश सरकार द्वारा पहली बार सभी गुरुओं और संतों की जयंतियां सरकारी स्तर पर मनाने की पहल की गई है। इससे लोगों में अपने महापुरुषों और संतों के प्रति आस्था एवं विश्वास और मजबूत हुआ है।
  उन्होंने बताया कि संत रविदास जी ने समाज को समानता, भाईचारे और मानवता का संदेश दिया, जबकि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। दोनों महापुरुषों के विचार आज भी समाज को एकजुट होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। संत रविदास जी की कलश यात्रा इसी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने और समाज में आपसी भाईचारा एवं सामाजिक समरसता को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
डाहर शुगर मिल की राष्ट्रीय उपलब्धि से पानीपत का बढ़ा गौरव, उपायुक्त ने ग्रहण किया प्रथम पुरस्कार

पानीपत सहकारी चीनी मिल डाहर ने रचा इतिहास, तकनीकी दक्षता में देशभर में प्रथम

94.61 प्रतिशत क्षमता उपयोग के साथ पानीपत शुगर मिल को राष्ट्रीय स्तर पर पहला पुरस्कार

61.50 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई से राष्ट्रीय सम्मान तक पहुंचा पानीपत सहकारी चीनी मिल

पानीपत, 22 सितंबर। पानीपत सहकारी चीनी मिल डाहर ने तकनीकी दक्षता के क्षेत्र में देशभर में अपनी अलग पहचान कायम करते हुए इतिहास रच दिया है। वर्ष 2025-26 के पेराई सत्र में शानदार प्रदर्शन के आधार पर मिल को राष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी दक्षता का प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया है। 94.61 प्रतिशत क्षमता उपयोग के साथ मिली इस उपलब्धि से जिले का गौरव बढ़ा है। नई दिल्ली स्थित डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में मंगलवार को आयोजित राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में उपायुक्त एवं पानीपत सहकारी चीनी मिल के अध्यक्ष डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के हाथों यह प्रतिष्ठित पुरस्कार ग्रहण किया। पानीपत सहकारी चीनी मिल की इस उपलब्धि को जिले के लिए गौरवपूर्ण क्षण माना जा रहा है।
   
बता दे की वर्ष 2025-26 के पेराई सत्र के दौरान मिल ने 61.50 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की तथा 5.62 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया। मिल ने इस दौरान बिजली का उत्पादन कर करीब 29 करोड़ रुपये की बिजली की बिक्री भी की। तकनीकी दक्षता और क्षमता के बेहतर उपयोग के चलते मिल को राष्ट्रीय स्तर पर यह सम्मान हासिल हुआ है।
   
विदित रहे कि राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ की ओर से वर्ष 2025-26 के दक्षता पुरस्कारों के लिए विभिन्न सहकारी चीनी मिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया।    
   
ध्यान रहे कि मूल्यांकन के आधार पर मुख्य निदेशक (शुगर), भारत सरकार की अध्यक्षता वाली पुरस्कार चयन समिति ने परिणाम को अंतिम रूप दिया। पानीपत सहकारी चीनी मिल को तकनीकी दक्षता के क्षेत्र में प्रथम पुरस्कार के लिए चुना गया। मिल ने 94.61 प्रतिशत क्षमता उपयोग के साथ यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की।

राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ ने दक्षता के आकलन के लिए चीनी मिलों को रिकवरी के आधार पर अलग-अलग क्षेत्रों में विभाजित किया था। पानीपत सहकारी चीनी मिल ने तकनीकी दक्षता के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करते हुए अग्रणी स्थान हासिल किया।

61.50 लाख क्विंटल गन्ने की हुई पेराई।

पेराई सत्र 2025-26 में पानीपत सहकारी चीनी मिल ने 61.50 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की। यह प्रदेश की 11 सरकारी चीनी मिलों में सबसे अधिक पेराई बताई गई है। इसी अवधि में मिल ने 5.62 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया। इसके अलावा मिल द्वारा बिजली का उत्पादन कर करीब 29 करोड़ रुपये की बिजली की बिक्री की गई। मिल के तकनीकी प्रबंधन, क्षमता उपयोग और उत्पादन के क्षेत्र में किए गए बेहतर प्रदर्शन का परिणाम राष्ट्रीय पुरस्कार के रूप में सामने आया है।
 
गौरतलब है कि पानीपत में वर्ष 1956 में 18 हजार क्विंटल प्रतिदिन पेराई क्षमता वाली चीनी मिल की शुरुआत हुई थी। समय के साथ पुरानी मिल की सीमित क्षमता के कारण जिले के किसानों को अपना गन्ना प्रदेश के अन्य जिलों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों तक भेजना पड़ता था। किसानों की मांग को देखते हुए प्रदेश सरकार ने वर्ष 2022 में डाहर गांव में 50 हजार क्विंटल प्रतिदिन पेराई क्षमता वाला नया गन्ना मिल संयंत्र स्थापित किया। नई क्षमता और आधुनिक तकनीकी सुविधाओं के चलते मिल के प्रदर्शन में लगातार सुधार हुआ और अब राष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी दक्षता का प्रथम पुरस्कार मिलना इसी प्रगति का प्रमाण है।
 
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने इस उपलब्धि पर पानीपत सहकारी चीनी मिल के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार मिल के अधिकारियो,कर्मचारियों और किसानों के संयुक्त प्रयास, मेहनत, लगन और सहयोग का परिणाम है। चुनौतीपूर्ण पेराई सत्र के बावजूद मिल ने तकनीकी दक्षता के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया है।
   
उपायुक्त ने कहा कि पानीपत के लिए आज का दिन विशेष महत्व रखता है। सहकारी चीनी मिल डाहर को राष्ट्रीय स्तर पर मिला यह सम्मान पूरे जिले के लिए गौरव की बात है। उन्होंने मिल के अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। साथ ही उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का भी विशेष रूप से आभार प्रकट किया।
   
मिल के प्रबंध निदेशक नवदीप सिंह नैन ने भी इस उपलब्धि को मिल के लिए बड़ी सफलता बताते हुए उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मिला यह सम्मान मिल के अधिकारियों, कर्मचारियों और किसानों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान ने पानीपत सहकारी चीनी मिल डाहर की कार्यक्षमता और तकनीकी दक्षता को नई पहचान दी है। यह उपलब्धि न केवल मिल प्रबंधन और कर्मचारियों के लिए गौरव का विषय है, बल्कि पानीपत के किसानों और पूरे जिले के लिए भी सम्मान की बात है।
पूरेवाल कॉलोनी से अपहृत 5 वर्षीय बच्चे को पानीपत पुलिस ने सकुशल बरामद किया

दो आरोपी गिरफ्तार, दिल्ली जीटी रोड नरेला बाइपास से किया काबू

पानीपत पुलिस ने तत्परता, तकनीकी साक्ष्यों, मजबूत सूचना तंत्र और बेहतर समन्वय के साथ कार्रवाई करते हुए पूरेवाल कॉलोनी से अपहृत 5 वर्षीय बच्चे को आरोपियों के कब्जे से सकुशल बरामद कर लिया। मामले में दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया । पकड़े गए दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इनमें से एक आरोपी पिछले करीब 5 माह से पानीपत के डाहर गांव में किराये का कमरा लेकर रह रहा था। आरोपियों ने बेचने के लिए बच्चे का अपहरण किया था। 

पुलिस अधीक्षक श्रीमती मेधा भूषण आईपीएस ने मंगलवार को जिला सचिवालय स्थित पुलिस विभाग के सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान प्रकरण की जानकारी देते हुए बताया कि गत 15 सितंबर की देर शाम थाना पुराना औद्योगिक क्षेत्र के अंतर्गत पूरेवाल कॉलोनी में पिता की रेहड़ी के पास खेल रहे 5 वर्षीय बच्चे के अपहरण की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही थाना पुराना औद्योगिक क्षेत्र पुलिस सहित सीआईए की तीनों टीमें मौके पर पहुंचीं और बच्चे की तलाश शुरू कर दी।
उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले की विभिन्न पुलिस टीमों को तत्काल सक्रिय किया गया। बच्चे की तलाश एवं मामले की जांच की जिम्मेदारी सीआईए-1 प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र की टीम को सौंपी गई। टीम दिन-रात बच्चे की तलाश में जुटी रही। करीब 30 पुलिसकर्मियों की टीम ने आसपास के क्षेत्र तथा घटनास्थल से निकलने वाले मार्गों पर लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।

एसपी मेधा भूषण आईपीएस ने बताया कि पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मजबूत सूचना तंत्र की मदद से जांच को आगे बढ़ाते हुए एक-एक कड़ी को जोड़कर आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास जारी रखे। तकनीकी विश्लेषण एवं सूचना तंत्र के आधार पर पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। सीआईए-1 पुलिस टीम ने 21 सितंबर सोमवार शाम दिल्ली जीटी रोड नरेला बाइपास से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। साथ ही, मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान शंकर लाल निवासी भरगवा, शाहजहांपुर, हाल किरायेदार डाहर, पानीपत तथा समरतंज्य उर्फ सूरज निवासी जयपालपुर, सीतापुर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है। दोनों के खिलाफ यूपी में चोरी का एक-एक मामला दर्ज है और दोनों की एक-दूसरे से जान पहचान थी । 
आरोपी शंकर लाल करीब पांच माह पहले काम के सिलसिले में पानीपत आया था और डाहर गांव में किराये का कमरा लेकर पत्नी व बच्चों के साथ रह रहा था। पूछताछ में सामने आया कि कुछ दिन पहले आरोपी सूरज ने शंकर से कोई छोटा बच्चा उठाकर लखनऊ लेकर आने की बात कही और इसके बदले एक लाख रुपये देने का प्रलोभन दिया। सूरज ने उसे बताया था कि उसने आगे बच्चे को बेचने की बात की हुई है।
15 सितंबर को आरोपी शंकर दोपहर बाद पूरेवाल कॉलोनी में पहुंचा। जहा करीब दो-तीन घंटे कॉलोनी में घूमता रहा। इसी दौरान साय के समय उसकी खेल रहे बच्चे पर नजर पड़ी। आरोपी ने मौका पाकर बच्चे को समोसा खिलाने का लालच दिया और उसे गोद में उठाकर ले गया। आरोपी सिवाह बस अड्डे के बाहर से दिल्ली की बस में सवार होकर बच्चे को लेकर लखनऊ में साथी आरोपी सूरज के पास पहुंच गया। 21 सितंबर को दोनों आरोपी बच्चे को साथ लेकर लखनऊ से दिल्ली आए थे। 

एसपी मेधा भूषण आईपीएस ने बताया कि पुलिस ने मंगलवार को दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें 6 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर पता लगाएगी कि बच्चा आगे किसे बेचने की योजना थी और इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल थे।  
उन्होंने कहा कि अपराधियों को यह स्पष्ट संदेश है कि कानून से बचना संभव नहीं है। बच्चों, महिलाओं एवं आम नागरिकों के विरुद्ध अपराध करने वालों के खिलाफ पानीपत पुलिस पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई करेगी। पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता पीड़ित की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा अपराधियों को शीघ्र कानून के कठघरे तक पहुंचाना है।

एसपी मेधा भूषण आईपीएस ने इस मामले में पुलिस का सहयोग करने पर आमजन का भी विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया की बच्चे की तलाश में सीसीटीवी कैमरे खंगालने में आमजन के खुलकर पुलिस की मदद की। आगे भी पानीपत पुलिस आमजन से इसी प्रकार सहयोग की अपेक्षा करती है।

*यह है मामला;*
थाना पुराना औद्योगिक क्षेत्र में पूरेवाल कॉलोनी निवासी महिला फिरदौस ने 15 सितंबर को पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसके 5 बच्चे हैं। उसका पति मीट की रेहड़ी लगाता है। उसका सबसे छोटा 5 वर्षीय बेटा शाम करीब 7:30 बजे पिता की रेहड़ी के पास खेल रहा था। करीब 20-25 मिनट बाद जब उसने देखा तो बेटा वहां गायब मिला। आसपास काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसके बेटे का अपहरण कर लिया है। थाना पुराना औद्योगिक क्षेत्र में पीड़ित महिला की शिकायत पर संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच एवं आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास शुरू कर दिए थे।
हरियाणा के 250 पीएम श्री स्कूलों का होगा कायाकल्प, आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे विद्यालय- मंत्री महीपाल ढांडा

 

 हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के राजकीय स्कूलों के बुनियादी ढांचे को और अधिक सुदृढ़ तथा आधुनिक बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में प्रदेश के 250 'पीएम श्री' स्कूलों को विशेष रूप से लाइब्रेरी, ग्रीन कैंपस, डिजिटल क्लासरूम, स्मार्ट क्लासरूम और अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं (लैब) के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन विद्यालयों की लाइब्रेरी में बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करवाया जाएगा ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

शिक्षा मंत्री सोमवार को चंडीगढ़ स्थित अपने सरकारी आवास पर शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में स्कूलों के कायाकल्प, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश कहा कि राजकीय स्कूलों के कायाकल्प का कार्य एक तय समय सीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों और शैक्षणिक व्यवस्था में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी स्तर पर कार्य में देरी होती है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

खेलों के क्षेत्र में हरियाणा की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि हरियाणा देश में 'खेलों का हब' है और यहां की माटी ने देश को वैश्विक स्तर पर कई नामी खिलाड़ी दिए हैं। राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य है कि वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों में हरियाणा के खिलाड़ी देश के लिए और अधिक से अधिक पदक जीत सकें।

इस दूरगामी लक्ष्य को हासिल करने के लिए जमीनी स्तर यानी स्कूलों से ही तैयारी शुरू की जा रही है। इसके तहत प्रदेश के राजकीय स्कूलों में खिलाड़ियों के लिए उच्च गुणवत्ता का खेल सामान मुहैया करवाया जाएगा। स्कूलों में खेलों की स्थानीय रुचि और जरूरत के हिसाब से ही खेल सामग्री वितरित की जाएगी ताकि उदीयमान खिलाड़ियों को बचपन से ही सही प्रशिक्षण और संसाधन मिल सकें।

बैठक में हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक श्री स्वपनिल रवींद्र पाटिल व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
खेलों को बढ़ावा देने के लिए हर स्तर पर खिलाडिय़ों को मिलें बेहतर अवसर - कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार
एमेच्योर कबड्डी एसोसिएशन हरियाणा की बैठक में खेल गतिविधियों को विस्तार देने पर मंथन
कबड्डी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए पदाधिकारियों ने बनाई रणनीति
दिसंबर में होगा एसोसिएशन की प्रबंधक समिति का त्रिवार्षिक चुनाव

 मडलौडा स्थित पंचायत एवं खनन मंत्री एवं एमेच्योर कबड्डी एसोसिएशन हरियाणा के अध्यक्ष कृष्ण लाल पंवार के कार्यालय में रविवार को एसोसिएशन की गवर्निंग बॉडी की बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष कृष्ण लाल पंवार ने की। इसमें एसोसिएशन के विभिन्न पदाधिकारियों एवं जिलों से पहुंचे सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने, खिलाडिय़ों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा एसोसिएशन की आगामी गतिविधियों को लेकर सकारात्मक एवं विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में पंचायत एवं खनन मंत्री तथा एमेच्योर कबड्डी एसोसिएशन हरियाणा के अध्यक्ष कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं, जिन्हें उचित मंच और बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने की आवश्यकता है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि खेल केवल शारीरिक क्षमता का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम भी हैं। प्रदेश में कबड्डी सहित सभी खेलों को बढ़ावा देने के लिए मिलकर निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि खिलाडिय़ों को बेहतर प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर और उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध करवाना एसोसिएशन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने पदाधिकारियों से आह्वान किया कि वे जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रयास करें, ताकि हरियाणा के खिलाड़ी राष्टï्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।
बैठक में एसोसिएशन की पिछली बैठक की कार्यवाही रिपोर्ट की पुष्टि की गई। इसके अलावा एसोसिएशन के रिकॉर्ड के अनुसार प्रबंधक समिति के वर्ष 2026-2029 के लिए प्रस्तावित त्रिवार्षिक चुनाव को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में बताया गया कि प्रबंधक समिति का चुनाव दिसंबर माह में होना प्रस्तावित है। प्रबंधक समिति के चुनाव को सुचारु एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न करवाने के लिए चुनाव अधिकारी और सहायक चुनाव अधिकारी की नियुक्ति पर भी चर्चा की गई।    
बैठक में बताया गया कि दोनों पदों के लिए सहमति पत्र प्राप्त हो चुके हैं। इसके साथ ही एसोसिएशन के सामान्य निकाय के सदस्यों की सूची तैयार किए जाने तथा इसके प्रकाशन को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में एथलीट खेल आयोग में दो खिलाडिय़ों के नाम भेजने के विषय पर भी चर्चा हुई। इसके लिए उत्कृष्ट सेवा देने वाले खिलाडिय़ों के नाम प्राप्त कर लिए गए हैं। उपलब्ध सूची में से दो खिलाडिय़ों के नाम आयोग को भेजने पर पदाधिकारियों ने विचार किया।
बैठक में महासचिव नसीब जांगू, सहसचिव कुलदीप सिंह, कोषाध्यक्ष अनिल राठी, उपप्रधान धीरेन्द्र मलिक, संगीता, श्वेता, अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी एवं पंचकूला के सचिव राजेश नरवाल, परमजीत दलाल, विकास चहल, विनोद कुमार सहित विभिन्न जिलों से पहुंचे सदस्य मौजूद रहे। सोसाइटी सलाहकार सुरेंद्र जांगरा, जितेंद्र सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।
राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान पानीपत में छात्राओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति किया जागरूक

नशे को नष्ट कर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं बेटियां : डॉ. अशोक कुमार वर्मा

पानीपत। 
हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक संजय कुमार, IPS के दिशा-निर्देशों तथा पुलिस उप महानिरीक्षक सह संयुक्त पुलिस उपायुक्त फरीदाबाद राजेंद्र कुमार मीणा, IPS के मार्गदर्शन में प्रदेशभर में नशे के विरुद्ध तीन प्रकार से व्यापक स्तर पर कार्य किये जा रहे हैं। प्रथम प्रवर्तन, दूसरा जागरूकता और तीसरा पुनर्वास। इसी अभियान के अंतर्गत जन जागरूकता को भी महत्व दिया जा रहा है ताकि कोई युवा अज्ञानता के कारण नशे की दलदल में न चला जाये। ब्यूरो द्वारा विशेष रूप से जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी के रूप में उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा को नियुक्त किया हुआ है जो साइकिल से प्रतिदिन हरियाणा के विभिन्न जिलों में पहुंचकर युवाओं को नशे के विरुद्ध जागरूक कर रहे हैं। इसी क्रम में आज डॉ. अशोक कुमार वर्मा राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान, पानीपत पहुंचे। संस्थान के छात्रावास की लगभग एक सौ तीस छात्राओं तथा 5 महिला प्रशिक्षिकाओं की उपस्थिति में नशे के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम किया गया। संस्थान की मुख्य प्रशिक्षिका बबीता की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम हुआ। डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नशा एक प्रकार का व्यसन है, जो व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार, रोजगार और सामाजिक जीवन को प्रभावित करता है। युवतियां और महिलाएं समाज के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इसलिए उन्हें स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज नारी शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, खेल, चिकित्सा और प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही है। ऐसे समय में महिलाओं और युवतियों की भूमिका केवल अपने विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि वे नशामुक्त समाज के निर्माण की सशक्त प्रहरी भी बन सकती हैं। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे नशे के विरुद्ध जागरूकता का संदेश अपने घर और समाज तक पहुंचाएं। डॉ. वर्मा ने कहा कि नशे की समस्या केवल किसी एक व्यक्ति की समस्या नहीं है, बल्कि यह परिवार और समाज को प्रभावित करने वाली गंभीर समस्या है। इसलिए इसके विरुद्ध जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को नशे से दूर रहने, नशे के अवैध व्यापार की सूचना देने तथा आवश्यकता पड़ने पर नशा ग्रस्त व्यक्ति को उपचार एवं पुनर्वास की दिशा में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नशा छोड़ने के इच्छुक व्यक्ति को तिरस्कार नहीं, बल्कि सहयोग, उपचार और सही मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। परिवार को भी ऐसे व्यक्ति का मनोबल बढ़ाना चाहिए और उसे चिकित्सकीय एवं पुनर्वास सेवाओं से जोड़ना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने छात्राओं एवं प्रशिक्षिकाओं को नशे से सदैव दूर रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी नशे के विरुद्ध जागरूक करने की शपथ दिलाई। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि यदि किसी व्यक्ति को नशे के संबंध में जानकारी हो अथवा कोई व्यक्ति नशा छोड़ना चाहता हो, तो राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 पर संपर्क करें। हरियाणा में नशे से संबंधित सूचना अथवा सहायता के लिए 9050891508 पर भी संपर्क किया जा सकता है। डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने छात्राओं को संदेश दिया—“नशा छोड़ो, आगे बढ़ो; स्वस्थ युवा ही सशक्त समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण करते हैं।” "नशा होता अच्छा- माँ कहती खा बच्चा।"
अमर शहीद लख्मीचंद के 62वें बलिदान दिवस पर सम्मान समारोह आयोजित

शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने शहीद लख्मीचंद को किया नमन, बोले—शहीदों के बलिदान का देश सदैव ऋणी रहेगा

 गांजबड़ गांव के राजकीय हाई स्कूल परिसर में महान अमर शहीद लख्मीचंद के 62वें बलिदान दिवस के अवसर पर सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह की अध्यक्षता पूर्व सैनिक कल्याण संगठन के अध्यक्ष राजवीर शर्मा ने की।

समारोह के मुख्य अतिथि हरियाणा के  शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा रहे। गाँव में पहुँचने पर सरपंच नरेंद्र सिंह ने मुख्य अतिथि सहित सभी अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान 

शहीदों का देश सदैव ऋणी रहेगा : महिपाल ढांडा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा ने कहा कि देश उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों और बलिदानियों का सदैव ऋणी रहेगा, जिन्होंने भारत को आजाद करवाने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि आजाद भारत की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के बलिदान को देश कभी भुला नहीं सकता।

उन्होंने कहा कि अमर शहीद लख्मीचंद ने वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में देश की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। ऐसे वीर सपूतों का जीवन और उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

शहीदों की स्मृति को जीवंत रखना हम सभी का दायित्व

शिक्षा मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार, पूर्व सैनिक कल्याण संगठन और ग्राम पंचायत द्वारा अमर शहीद लख्मीचंद की स्मृति में सम्मान समारोह का आयोजन करना सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि शहीदों के बलिदान को याद करना और युवा पीढ़ी को उनके जीवन एवं संघर्ष से परिचित करवाना समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व सैनिक कल्याण संगठन के अध्यक्ष राजवीर शर्मा ने अमर शहीद लख्मीचंद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर जवानों का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

इस अवसर पर गाँव के सरपंच नरेंद्र सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सहयोग देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। वहीं राजबीर सिंह ने समारोह में उपस्थित मुख्य अतिथि, अतिथियों, ग्रामीणों एवं आयोजकों का धन्यवाद किया।

समारोह के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने अमर शहीद लख्मीचंद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।
हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कण्ट्रोल ब्यूरो द्वारा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में नशे के विरुद्ध अभियान

किसी भी प्रकार का नशा भविष्य के लिए घातक; नशा होता अच्छा माँ कहती खा मेरे बच्चा- डॉ. अशोक कुमार वर्मा

फरीदाबाद। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री संजय कुमार, आईपीएस के दिशा-निर्देशों तथा संयुक्त पुलिस आयुक्त, फरीदाबाद एवं ब्यूरो के पुलिस उप-महानिरीक्षक श्री राजेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस के मार्गदर्शन में प्रदेशभर में नशे के विरुद्ध व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में नशा के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्राचार्य विवेक रोहिल्ला की उपस्थिति में कार्यक्रम में 1150 छात्र छात्राओं और 90 वर्ग अनुदेशक एवं अनुदेशक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी एवं उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने विद्यार्थियों को सरल भाषा में समझाया कि नशीले पदार्थ व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक क्षमता, सामाजिक जीवन, पारिवारिक संबंधों तथा आर्थिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित करते हैं। डॉ. वर्मा ने कहा कि नशे की शुरुआत प्रायः जिज्ञासा, मित्रों के दबाव, अनुचित संगति अथवा दिखावे के कारण होती है। कई बार युवा इसे केवल मनोरंजन या शौक समझकर प्रारंभ करते हैं, लेकिन धीरे-धीरे यही आदत उनके जीवन को प्रभावित करने लगती है। इसलिए नशे से बचने का सबसे सुरक्षित उपाय यही है कि नशे को न कहना सीखे। उन्होंने विद्यार्थियों को स्पष्ट किया कि केवल प्रतिबंधित मादक पदार्थ ही हानिकारक नहीं हैं, बल्कि चेतावनी सहित उपलब्ध नशीले पदार्थ भी स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक हैं। तंबाकू, गुटखा, बीड़ी, सिगरेट और अन्य तंबाकू युक्त पदार्थों जैसे हुक्का का सेवन भी स्वास्थ्य को गंभीर क्षति पहुंचाता है। उन्होंने युवाओं में बढ़ते हुक्का सेवन पर विशेष चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हुक्का किसी भी दृष्टि से सुरक्षित नहीं है। इसे मनोरंजन, परंपरा अथवा मित्रों के साथ समय बिताने का साधन समझना युवाओं के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। डॉ. वर्मा ने कहा कि प्रतिबंधित मादक पदार्थों से दूर रहना जितना आवश्यक है, उतना ही आवश्यक हुक्का, तंबाकू तथा अन्य चेतावनी वाले नशीले पदार्थों का त्याग करना भी है। युवाओं को यह समझना होगा कि नशामुक्त जीवन केवल कानून का पालन नहीं, बल्कि स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य का आधार है।
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि नशे के कारण शरीर की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, मानसिक एकाग्रता कम होती है तथा शिक्षा और रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। नशे की आदत व्यक्ति को परिवार और समाज से दूर कर सकती है तथा परिवार की आर्थिक स्थिति को भी कमजोर कर देती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी ऊर्जा शिक्षा, खेल, कौशल विकास, रोजगार, सामाजिक सेवा तथा रचनात्मक कार्यों में लगाने का आह्वान किया। भावनात्मक संदेश देते हुए डॉ. वर्मा ने कहा, “नशा होता अच्छा तो माँ कहती—खा ले मेरे बच्चा।” उन्होंने कहा कि कोई भी माता अपने बच्चे को नशे की गिरफ्त में नहीं देखना चाहती। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को अपने माता-पिता की आशाओं, अपने जीवन के लक्ष्य और उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए नशे से सदैव दूर रहना चाहिए। डॉ. वर्मा ने कहा कि नशे के विरुद्ध संघर्ष केवल पुलिस या किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। विद्यालय, शिक्षक, अभिभावक, विद्यार्थी और समाज के प्रत्येक वर्ग को मिलकर नशे के विरुद्ध जनचेतना उत्पन्न करनी होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने मित्रों और आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को नशीले पदार्थों की बिक्री, तस्करी अथवा अन्य संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 पर निर्भीक होकर सूचना दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाती है। डॉ. वर्मा ने कहा कि “नशामुक्त युवा ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला हैं। प्रतिबंधित मादक पदार्थों से दूरी के साथ-साथ हुक्का, तंबाकू तथा अन्य चेतावनी वाले नशीले पदार्थों का पूर्ण त्याग करना भी आज की युवा पीढ़ी के लिए अत्यंत आवश्यक है।” कार्यक्रम के समापन पर संस्थान  के प्राचार्य विवेक रोहिल्ला ने ब्यूरो का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह बहुत ही लाभप्रद जानकारी थी।