
#Balrampur ! राप्ती खतरे के निशान से 25 सेमी ऊपर, बलरामपुर में अलर्ट: 16 गांव जलमग्न, 8 की मौत; पुनर्बहाली में जुटा प्रशासन...
राप्ती बैराज से डिस्चार्ज घटा, रात से जलस्तर में कमी की उम्मीद; 10 गांवों में नावें शुरू, 11 और मंगाई गईं
अतिवृष्टि का तांडव: आपदा में 8 लोगों की जान गई, 110 मकान और 10 मवेशी तबाह; मुआवजा वितरण जारी
2032 बिजली पोल और 138 ट्रांसफॉर्मर ध्वस्त, सड़कों पर गिरे 211 पेड़ हटाकर बहाल किया गया रास्ता
#बलरामपुर। जिले में बीते दिनों हुई भीषण अतिवृष्टि और राप्ती नदी के उफान ने जमकर तबाही मचाई है। मंगलवार शाम 5 बजे राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान (104.620 मीटर) को पार कर 104.870 मीटर दर्ज किया गया, जो लाल निशान से 25 सेंटीमीटर ऊपर है। हालांकि, राप्ती बैराज से डिस्चार्ज कम होने के चलते देर रात से जलस्तर में गिरावट आने की संभावना है। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन के निर्देश पर समूचा जिला प्रशासन युद्धस्तर पर राहत और पुनर्बहाली के कार्यों में जुटा हुआ है।
आंधी-बारिश से 8 की मौत, मकानों को भारी नुकसान
24 से 26 सितंबर के दौरान आई आंधी और अतिवृष्टि के कारण जिले में कुल 08 लोगों की जान चली गई (सदर में 04, उतरौला में 03 और तुलसीपुर में 01)। आपदा में 110 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और 10 मवेशियों की हानि हुई है। पीड़ित परिवारों को राहत पोर्टल के जरिए त्वरित मुआवजा राशि भेजने की प्रक्रिया जारी है।
33 केवी फीडर बहाल, 211 पेड़ हटाकर रास्ते साफ
तूफान से 2,032 बिजली पोल, 138 ट्रांसफॉर्मर और 31 किमी तार टूटने से बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई थी। विद्युत विभाग ने अब तक 33 फीडरों को रिस्टोर कर लिया है और शेष 44 पर कार्य जारी है। उधर, पीडब्ल्यूडी ने सड़कों पर गिरे सभी 211 पेड़ों को हटाकर आवागमन सुचारु कर दिया है। क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है।
16 गांवों में घुसा पानी, नावों से हो रहा आवागमन
नेपाली पहाड़ी नालों और नदी के पानी से तीनों तहसीलों के 16 गांव जलमग्न हैं (बलरामपुर के 10, तुलसीपुर के 4 और उतरौला के 2 गांव प्रभावित)। प्रभावित इलाकों में 10 बड़ी नावें संचालित की जा रही हैं, जबकि मांग के अनुसार 11 अतिरिक्त नावें भी मंगाई जा रही हैं।
फसलों के सर्वे के आदेश
किसानों की फसलों को हुए नुकसान का पारदर्शी आकलन करने के लिए राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें तीनों तहसीलों में सर्वे कर रही हैं। डीएम ने स्पष्ट किया है कि सर्वे रिपोर्ट मिलते ही प्रभावित किसानों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति दी जाएगी।