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प्लैंक देखने में आसान लगती है, लेकिन एक छोटी गलती भी पूरी एक्सरसाइज का असर बदल सकती है। खासकर जब कूल्हे नीचे गिरने लगें या सिर जरूरत से ज्यादा ऊपर उठ जाए, तो फॉर्म बिगड़ जाती है। प्लैंक एक कोर एक्सरसाइज है, जिसमें पेट, पीठ और पेल्विस के आसपास की मांसपेशियां मिलकर शरीर को स्थिर रखने का काम करती हैं। सही तरीके से करने पर यह कोर की ताकत और शरीर की स्थिरता बढ़ाने में मदद कर सकती है। सबसे आम गलती है कूल्हों को नीचे छोड़ देना। इससे शरीर की सीधी लाइन टूट जाती है। दूसरी तरफ कूल्हों को बहुत ज्यादा ऊपर उठाना भी सही फॉर्म नहीं है। प्लैंक में सिर, पीठ, कूल्हे और पैर एक नियंत्रित लाइन में रखने की कोशिश करनी चाहिए। पेट और नितंबों को ढीला छोड़ना भी बड़ी गलती है। कोर को हल्का कसकर रखना शरीर को स्थिर रखने में मदद करता है। साथ ही सांस रोकने के बजाय आराम से सांस लेते रहना चाहिए। सिर को ऊपर उठाकर सामने देखने की जरूरत नहीं है। सिर और गर्दन को पीठ के साथ सीधी, प्राकृतिक स्थिति में रखना बेहतर है। कोहनियां कंधों के नीचे रहें और पैरों की उंगलियां जमीन पर मजबूती से टिकी रहें। एक और गलती है सिर्फ ज्यादा देर तक टिके रहने के लिए फॉर्म बिगाड़ देना। एसीई के मुताबिक, प्लैंक में समय बढ़ाने के चक्कर में कूल्हे नीचे गिरना, नितंब ऊपर उठना या कंधे ढहना आम समस्या हो सकती है। इसलिए 30 सेकंड सही फॉर्म वाली प्लैंक, गलत तरीके से कई मिनट टिकने से बेहतर हो सकती है। अगर प्लैंक करते समय कमर या किसी जोड़ में दर्द हो, तो एक्सरसाइज रोककर विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। ओरिजन सोर्स: मेयो क्लिनिक और एसीई क्या आप प्लैंक करते समय इनमें से कोई गलती करते हो? #Fitness #Workout #Plank #CoreWorkout #FitnessTips - Bihar News