
अंधेरे में डूबा भिंड शहर: नगर पालिका की लापरवाही के कारण शहर के कई इलाकों में लंबे समय से स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं।
असामाजिक तत्व हुए सक्रिय: सड़कों पर अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्वों की गतिविधियां बढ़ गई हैं।
चोरी की वारदातों में इजाफा: शहर में लगातार चोरी और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
कई प्रमुख इलाके प्रभावित: गांधी नगर, बरुआ नगर, बस स्टैंड, पुरानी बस्ती और किला रोड सहित कई अंदरूनी वार्डों में एलईडी लाइटें बंद हैं।
रात में दहशत का माहौल: शाम ढलते ही सन्नाटा पसर जाता है, जिससे महिलाओं और बुजुर्गों को रात में निकलने से डर लग रहा है।
पार्षदों में भारी रोष: नगर पालिका परिषद की बैठकों में पार्षद लंबे समय से लाइटें सुधारने की मांग उठा रहे हैं।
जनता का फूटा गुस्सा: वार्डवासियों में चोरी और छेड़छाड़ की बढ़ती घटनाओं के चलते पार्षदों के प्रति नाराजगी बनी हुई है।
नगर पालिका की योजना: पार्षदों के दबाव के बाद अब नगर पालिका ने एक-एक वार्ड को कवर करने का प्लान तैयार किया है।
सीएमओ का आश्वासन: नगर पालिका सीएमओ वीरेंद्र चक्रवर्ती ने कहा है कि स्टाफ की कमी के कारण काम में देरी हुई है।
दीपावली तक का दिया लक्ष्य: प्रशासन ने दावा किया है कि दीपावली तक शहर की मुख्य सड़कों और अंदरूनी वार्डों की सभी लाइटें ठीक कर दी जाएंगी।
Chambal Commissioner
Akash Singh Bhadouria
CM Madhya Pradesh