
किसान आएं निश्चिंत होकर, डबवाली के खरीद केन्द्र हैं तैयार: 10 मंडियों में धान, 3 केंद्रों पर बाजरा; करीब 200 लोगों की टीम संभालेगी मोर्चा
सतीश जग्गा के नेतृत्व में मार्केट कमेटी ने खरीद व्यवस्था को दिया ‘पारदर्शिता और सुविधा’ का नया ढांचा; हर केंद्र पर नमी जांच, तौल की दोबारा जांच और हेल्प डेस्क की सुविधा
डबवाली। किसान की फसल मंडी में पहुंचे तो उसे सिर्फ खरीददार ही नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था भी मिले जहां उसकी हर छोटी जरूरत का जवाब मौजूद हो—इसी सोच के साथ मार्केट कमेटी डबवाली ने खरीफ सीजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया है। चेयरमैन सतीश जग्गा के नेतृत्व में मंडियों और खरीद केंद्रों पर खरीद से लेकर तौल, नमी जांच, सुविधा, भोजन, सफाई, बिजली, पेयजल और सुरक्षा तक की व्यवस्थाओं को एक साथ व्यवस्थित किया गया है।
डबवाली क्षेत्र में इस खरीफ सीजन में 10 स्थानों पर धान की खरीद होगी। अनाज मंडी डबवाली के अलावा अबूबशहर, चौटाला, लोहगढ़, हैबूआना, देसूजोधा, चट्ठा, मौजगढ़, कालुआना और जंडवाला बिश्नोइयां में धान की खरीद की जाएगी। बाजरे के लिए डबवाली, गोरिवाला और चौटाला में तीन खरीद केंद्र बनाए गए हैं।
करीब 200 लोगों की टीम, व्यवस्था के हर मोर्चे पर नजर
खरीद सीजन में करीब 200 लोगों की टीम अलग-अलग स्तर पर व्यवस्थाओं को संभालेगी। इसमें मार्केट कमेटी के 75 कर्मचारी और 17 सदस्य शामिल हैं। इन 75 कर्मचारियों में गेट पास जारी करने और नीलामी प्रक्रिया को सुचारू रखने के लिए विशेष रूप से लगाए गए 43 अस्थायी कर्मचारी भी शामिल हैं। वहीं बायोमेट्रिक व्यवस्था के संचालन के लिए सीएससी केंद्रों से लिए गए 17 कर्मचारी भी इसी व्यवस्था का हिस्सा हैं। इसके अलावा खरीद एजेंसियों के स्टाफ, ट्रांसपोर्टर, पुलिसकर्मी तथा बिजली, पेयजल और सफाई व्यवस्था से जुड़े कर्मचारी एवं ठेकेदारों के कर्मचारी भी मंडियों और खरीद केंद्रों पर अपनी जिम्मेदारियां संभालेंगे।
नमी की जांच किसान खुद कर सकेंगे
धान की गुणवत्ता और नमी को लेकर किसानों को किसी प्रकार की असमंजस की स्थिति न रहे, इसके लिए मार्केट कमेटी ने 21 मॉइस्चर मीटर की व्यवस्था की है। प्रत्येक खरीद केंद्र पर मॉइस्चर मीटर उपलब्ध रहेगा। किसान मौके पर ही अपनी फसल की नमी की जांच कर सकेंगे। यानी गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया केवल कागजी औपचारिकता न रहकर किसान के सामने होगी।
तौल पर सवाल उठे तो दूसरी जांच का भी इंतजाम
माप-तौल में पारदर्शिता के लिए मार्केट कमेटी कार्यालय में तीन इलेक्ट्रॉनिक कांटे लगाए गए हैं। किसी किसान को अपनी उपज की तौल को लेकर शंका होती है तो वह इन कांटों पर वजन की जांच कर अपनी संतुष्टि कर सकता है। कमेटी की इस व्यवस्था का उद्देश्य खरीद प्रक्रिया में भरोसा और पारदर्शिता बनाए रखना है।
जानकारी के लिए हेल्प डेस्क
मंडी में आने वाले किसानों को जानकारी और सहायता के लिए मार्केट कमेटी कार्यालय में हेल्प डेस्क स्थापित किया या है। खरीद प्रक्रिया, मंडी व्यवस्था और उपलब्ध सुविधाओं से जुड़ी जानकारी के साथ किसानों की समस्याओं के समाधान में भी ये हेल्प डेस्क मददगार होगा।
10 रुपए में भोजन, मंडी में भी सुविधा का ध्यान
खरीद सीजन के दौरान मंडी में घंटों रहने वाले किसानों, मजदूरों, आढ़तियों और कर्मचारियों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई है। अटल कैंटीन में मात्र 10 रुपए प्रति प्लेट की दर से स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाया जाएगा। इससे खरीद प्रक्रिया के दौरान मंडी में मौजूद लोगों को किफायती भोजन की सुविधा मिल सकेगी।
‘मंडी में किसान को सुविधा मिले, यही पूरी व्यवस्था का उद्देश्य’
चेयरमैन सतीश जग्गा ने कहा कि किसान अपनी उपज लेकर मंडी में भरोसे के साथ आता है और उस भरोसे को कायम रखना मार्केट कमेटी की जिम्मेदारी है। हमारा प्रयास है कि किसान को नमी जांच, पारदर्शी तौल, जानकारी, भोजन और आवश्यक सुविधाओं के लिए अलग-अलग जगह भटकना न पड़े। उन्होंने कहा कि खरीद सीजन के दौरान व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जाएगी और जहां भी आवश्यकता होगी, तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
मार्केट कमेटी की तैयारियों का फोकस केवल खरीद प्रक्रिया तक सीमित नहीं रखा गया है। नमी जांच से लेकर तौल की पुनः जांच, गेट पास और नीलामी के लिए अतिरिक्त मानव संसाधन, बायोमेट्रिक व्यवस्था, हेल्प डेस्क और रियायती भोजन जैसी सुविधाओं को एक साथ जोड़कर मंडी व्यवस्था को किसान के लिए अधिक सहज और व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया गया है।
Dabwali, Sirsa | Oct 2, 2026