
#रीवा की जनपद पंचायत गंगेव से जुड़ा एक आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें 5 RO वाटर कूलर के लिए कुल ₹24 लाख की राशि का उल्लेख किया गया है। वायरल पत्र के मुताबिक, एक RO वाटर कूलर की लागत करीब ₹4 लाख 80 हजार रुपये बैठती है, जबकि कुल स्वीकृत राशि की 50 प्रतिशत यानी ₹12 लाख की पहली किस्त के भुगतान का भी उल्लेख पत्र में किया गया है। अब सवाल इस बात को लेकर उठ रहे हैं कि आखिर एक RO वाटर कूलर की कीमत ₹4.80 लाख क्यों निर्धारित की गई और इस राशि में ऐसा क्या शामिल है, जिससे प्रति नग लागत इतनी अधिक हो रही है।
मामले को समझने के लिए 15वें वित्त आयोग की राशि के प्रावधान भी महत्वपूर्ण हैं। केंद्र सरकार के अनुसार ग्रामीण स्थानीय निकायों को मिलने वाली 15वें वित्त आयोग की राशि में 60 प्रतिशत टाइड ग्रांट पेयजल और स्वच्छता जैसी मूलभूत सेवाओं के लिए निर्धारित है। मध्य प्रदेश विधानसभा में दिए गए आधिकारिक जवाब के अनुसार इस टाइड मद में पेयजल और स्वच्छता के लिए 50-50 प्रतिशत राशि के उपयोग का प्रावधान बताया गया है। यानी पेयजल व्यवस्था पर राशि खर्च किया जाना इस मद के उद्देश्य के अनुरूप हो सकता है, लेकिन वायरल पत्र में दर्ज ₹4.80 लाख प्रति RO वाटर कूलर की लागत ही इस पूरे मामले में चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है। आखिर इस कीमत का निर्धारण किस आधार पर हुआ, इसमें कौन-कौन से उपकरण और सुविधाएं शामिल हैं और इसकी लागत का स्वीकृत आकलन क्या है—इन सवालों के जवाब सामने आना बाकी हैं।
फिलहाल वायरल पत्र सामने आने के बाद जनसंपर्क विभाग रीवा अथवा जिला पंचायत/जनपद पंचायत की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। Breaking News Wala इस वायरल पत्र में किए गए दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद खबर को अपडेट किया जाएगा।
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