
मृत्यु के बाद भी सेवा | SA News Chhattisgarh
बलौदाबाजार | 30-09-2026: बलौदाबाजार जिले के कसडोल ब्लॉक अंतर्गत ग्राम कुम्हारी निवासी 56 वर्षीय दुलारा बाई पटेल, पत्नी रामनारायण पटेल ने निधन के बाद देहदान कर मानव सेवा और परोपकार की मिसाल प्रस्तुत की। संत रामपाल जी महाराज जी के ज्ञान से प्रेरित होकर उन्होंने देहदान का संकल्प लिया था। उनके निधन के बाद परिवार ने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उनकी पार्थिव देह सिम्स मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, बिलासपुर को सौंप दी।
देहदान चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है। दान की गई देह का उपयोग मेडिकल विद्यार्थियों को मानव शरीर की संरचना का व्यावहारिक अध्ययन कराने में किया जाता है। इस माध्यम से व्यक्ति मृत्यु के बाद भी चिकित्सा शिक्षा और समाज के हित में योगदान दे सकता है। संत रामपाल जी महाराज जी के ज्ञान से प्रेरित दुलारा बाई पटेल के इस निर्णय में उनके परिवार ने भी पूरा सहयोग किया। परिवार ने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए देहदान की प्रक्रिया को पूरा कराया। उनका यह कदम समाज में मानव सेवा, परोपकार और देहदान के प्रति जागरूकता का संदेश देता है।
संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी आज समाज में न केवल आध्यात्मिक जागृति ला रहे हैं, बल्कि देहदान और रक्तदान जैसे महान कार्यों से सच्ची इंसानियत की मिसाल भी पेश कर रहे हैं। स्वर्गीया दुलारा बाई पटेल द्वारा किया गया यह देहदान इसी निःस्वार्थ सेवा भावना का एक जीता-जागता प्रमाण है। परिवार द्वारा उनकी इस अंतिम इच्छा का सम्मान करना समाज के लिए एक अत्यंत प्रेरणादायी संदेश छोड़ गया है, जिसे मानव कल्याण के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। #SantRampalJiMaharaj #देहदान #SANewsChhattisgarh #BodyDonation #Chhattisgarh