
उप कृषि निदेशक, चित्रकूट श्री जे. एल. गुप्ता ने जनपद के समस्त किसान भाइयों एवं बहनों से अपील की है कि खरीफ-2026 में कराये गए फसल का बीमा के क्रम में प्राकृतिक आपदा से फसल को होने वाले नुकसान की स्थिति में निर्धारित समय सीमा के भीतर सूचना देकर योजना का लाभ प्राप्त करें।
फसल में प्राकृतिक आपदा से नुकसान होने पर किसान द्वारा निर्धारित समय में सूचना दिए जाने के पश्चात योजना में निहित नियमों के अनुसार क्षति का सर्वे एवं स्थानीयकृत आपदा अथवा व्यक्तिगत स्तर पर कवर जोखिम की स्थिति में प्रभावित फसल का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सर्वे/क्षति आकलन किया जाता है। किसान क्षति की सूचना देते समय अपना नाम, मोबाइल नंबर, बैंक खाता/बीमा संबंधी विवरण, फसल एवं प्रभावित खेत का विवरण उपलब्ध कराये, जिससे सर्वे एवं दावा प्रक्रिया में सुविधा हो सके।
योजना के अंतर्गत अधिसूचित फसलों को योजना के प्रावधानों के अनुसार विभिन्न प्राकृतिक जोखिमों से बीमा सुरक्षा प्रदान की जाती है। इनमें सूखा, बाढ़/जलभराव, तूफान, ओलावृष्टि, चक्रवात, प्राकृतिक आग, कीट एवं रोग आदि अधिसूचित जोखिम शामिल हो सकते हैं तथा व्यक्तिगत स्तर पर स्थानीयकृत आपदा में ओलावृष्टि, जलभराव/जल प्लावन, भूस्खलन, बादल फटना तथा आकाशीय बिजली से प्राकृतिक आग जैसी अधिसूचित घटनाओं से होने वाली क्षति योजना के लागू प्रावधानों के अनुसार कवर की जाती है। प्राकृतिक आपदा से फसल क्षति होने पर 72 घंटे के अंदर संबंधित बैंक, बीमा कम्पनी, उप कृषि निदेशक कार्यालय अथवा टोल-फ्री नंबर 14447 पर सूचना देना सुनिश्चित करें, ताकि नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही एवं क्षति आकलन किया जा सके।