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शहडोल समाचार

@shahdol_samachar
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मध्य प्रदेश के कटनी जिले से क्रिकेटर विराट कोहली का गहरा पारिवारिक रिश्ता जुड़ा हुआ है। विभाजन के समय विराट कोहली के दादा पाकिस्तान से भारत आए और कटनी में आकर बस गए थे। विराट के पिता दिवंगत प्रेम कोहली की शुरुआती शिक्षा भी कटनी के गुलाबचंद स्कूल में हुई थी। इसके बाद परिवार कटनी से सारंगपुर और फिर व्यापार व आजीविका के सिलसिले में दिल्ली चला गया, जहां विराट कोहली का जन्म हुआ। हालांकि, कटनी से परिवार का रिश्ता आज भी कायम है। विराट के चाचा गिरीश कोहली और चाची आशा कोहली अभी भी कटनी में रहते हैं। आशा कोहली कटनी शहर की महापौर भी रह चुकी हैं। बताया जाता है कि विराट कोहली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने से पहले वर्ष 2005 में अपने पैतृक घर कटनी पहुंचे थे। इस तरह कटनी विराट के परिवार की पुरानी जड़ों से जुड़ा अहम शहर है।

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Video 1
"रात के अंधेरे में पूरे प्रशासन को पैसा देते हैं, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता!" बुढार में रात भर बजता है रेत माफिया का डंका; केशौरी कसेड़ नदी से मरजाद घाट पर बेखौफ उत्खनन
बुढार/शहडोल।
दिन के उजाले में खामोशी और सूरज ढलते ही शुरू होता है प्राकृतिक संपदा की खुली लूट का काला खेल! बुढार थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले केशौरी ग्राम के कसेड़ नदी और मरजाद घाट पर पूरी वारदात रात के अंधेरे में अंजाम दी जा रही है। 
जब पूरा इलाका सो रहा होता है, तब रेत माफिया की गाड़ियां नदी का सीना चीरने के लिए बेधड़क उतर पड़ती हैं। 
स्थानीय प्रशासन की कथित अनदेखी और पुलिस की सुस्ती का फायदा उठाकर माफिया रात भर मिनी ट्रक की मदद से नदी की कोख खोखली करने में जुटे हुए हैं।
👉रात के सन्नाटे में मशीनों की गूंज और चीरता सीना
ग्रामीणों के अनुसार, कसेड़ नदी और मरजाद घाट पर शाम ढलते ही अवैध उत्खनन का तांडव शुरू हो जाता है,जो तड़के सुबह तक बदस्तूर जारी रहता है।
👉अंधेरे का फायदा उठाता माफिया: एनजीटी (NGT) के सख्त निर्देशों और स्थानीय प्रशासन के प्रतिबंधों की धज्जियां उड़ाते हुए बेखौफ रेत कारोबारी रात के अंधेरे में नदियों को गहरे जानलेवा गड्ढों में तब्दील कर रहे हैं।
👉जलस्तर पर गहराता खतरा: रात-दिन के इस अंधाधुंध उत्खनन के कारण नदी का प्राकृतिक प्रवाह बुरी तरह बाधित हो रहा है और आसपास का भूजल स्तर तेज़ी से गिरता जा रहा है, जिससे पूरा क्षेत्र गंभीर जल संकट के मुहाने पर खड़ा हो गया है।
रात में दौड़ते ओवरलोड वाहन, बुढार पुलिस और खनिज विभाग सुस्त
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर बुढार थाना क्षेत्र के इतने करीब रात के सन्नाटे में खुलेआम यह अवैध कारोबार किसके संरक्षण में चल रहा है?
👉अंधी बनी नाइटी गश्ती टीम: रेत से लदे अवैध रेत मिनी ट्रक और ट्रैक्टर रात भर मुख्य मार्गों से फर्राटे भरते हैं,लेकिन गश्त का दावा करने वाली पुलिस और खनिज विभाग की नज़र इन पर क्यों नहीं पड़ती?
👉शिकायतों पर सिर्फ खानापूर्ति: ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि रात में जारी इस लूट की बार-बार शिकायत करने के बावजूद सिर्फ नाममात्र की कागजी खानापूर्ति की जाती है, जिससे माफियाओं के हौसले आसमान छू रहे हैं।
👉खस्ताहाल सड़कें और हादसों का रात भर बना साया
रात के अंधेरे में तेज़ रफ्तार और बिना लाइट/ओवरलोड दौड़ते इन रेत के ट्रकों-ट्रैक्टरों के कारण केशौरी और मरजाद आसपास की ग्रामीण सड़कों की हालत पूरी तरह बदतर हो चुकी है। 
रात के समय इन सड़कों पर से गुजरना राहगीरों और ग्रामीणों के लिए सीधे मौत को दावत देने जैसा हो गया है।
👉माफिया का सीधा तमाचा: "हम रात में प्रशासन को पैसा देते हैं, कर्मचारी आकर मिलते हैं गले!"
इस काले कारोबार का सबसे चौंकाने वाला पहलू तब सामने आया, जब टोकने पर रेत कारोबारी बेधड़क बोले—
"हम पूरे पुलिसिया तंत्र और पूरे प्रशासन को पैसा देते हैं, हमारा कोई कुछ नहीं उखाड़ सकता! 
रात के अंधेरे में जिम्मेदार अधिकारियों के कर्मचारी खुद आकर हमसे गले मिलते हैं।"
👉माफिया के इस सनसनीखेज बयान ने साफ कर दिया है कि बुढार क्षेत्र में कानून का खौफ खत्म हो चुका है और खाकी की मिलीभगत से ही रात के सन्नाटे में यह लूट का खेल फल-फूल रहा है।
👉विशेष खुलासे की तैयारी — शेष अगले अंक में:
रात के अंधेरे में कौन-कौन से जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी इस अवैध खनन के खेल में शामिल होते हैं?
 किसकी कितनी मिनी ट्रक (कट-मनी) तय है, किस माध्यम से रात में कितनी रकम ली जाती है और कौन से अफसर इस काले धंधे को शह दे रहे हैं—अगले अंक में सभी के नाम, वसूली की रकम और हिस्सेदारी के पक्के सबूतों के साथ बड़ा पर्दाफाश! देखते रहिए...
छुहिया घाटी में फिल्मी स्टाइल में वारदात: 4 गाड़ियों में आए बदमाशों ने उड़ीसा पुलिस पर किया हमला, AK-47 से लैस गार्ड्स की आंखों में झोंका स्प्रे, NDPS आरोपी को छुड़ा ले गए
सीधी/रीवा। रीवा-सीधी सीमा पर स्थित छुहिया घाटी में मंगलवार दोपहर उस समय सनसनी फैल गई, जब फिल्मी अंदाज में आए बदमाशों ने ओडिशा पुलिस की टीम पर हमला कर दिया। 4 लग्जरी गाड़ियों में सवार होकर आए करीब एक दर्जन बदमाशों ने न सिर्फ पुलिस की गाड़ी को घेरा, बल्कि एके-47 (AK-47) जैसे आधुनिक हथियारों से लैस पुलिस टीम की आंखों में मिर्च/पेपर स्प्रे डाल दिया। इसके बाद बदमाशों ने ताबड़तोड़ तीन बार फायरिंग की और बेसबॉल बैट से हमला कर एनडीपीएस (NDPS) मामले के मुख्य आरोपी आदित्य मिश्रा को पुलिस हिरासत से छुड़ाकर फरार हो गए।
पेशी के लिए रीवा ला रही थी पुलिस
मिली जानकारी के अनुसार, ओडिशा पुलिस एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार आरोपी आदित्य मिश्रा को ओडिशा से रीवा जिला न्यायालय में पेशी के लिए लेकर आ रही थी। दोपहर करीब 12 बजे जब पुलिस का वाहन छुहिया घाटी (रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र) से गुजर रहा था, तभी घात लगाए बदमाशों ने चार गाड़ियों से पुलिस वैन को ओवरटेक कर घेर लिया।
स्प्रे डालकर पुलिस को किया अपाहिज, बरसाए बेसबॉल बैट
इस सुनसनीखेज वारदात में बदमाशों की सोची-समझी प्लानिंग सामने आई है। पुलिस टीम में कुल आठ जवान शामिल थे, जो एके-47 और पिस्टल जैसे अत्याधुनिक सरकारी हथियारों से लैस थे। पुलिसकर्मी कुछ समझ पाते या जवाबी कार्रवाई करते, इससे पहले बदमाशों ने उनके चेहरे पर तीखा स्प्रे (मिर्च या पेपर स्प्रे) डाल दिया। आंखों में जलन के कारण पुलिसकर्मी पूरी तरह असहाय हो गए। इसी का फायदा उठाकर बदमाशों ने वाहन के शीशे तोड़े, बेसबॉल बैट से हमला किया और दहशत फैलाने के लिए तीन राउंड हवाई फायरिंग की। इसके बाद वे आदित्य मिश्रा को अपने साथ गाड़ियों में बैठाकर रफूचक्कर हो गए।
मैहर की तरफ भागे आरोपी, तीन जिलों में हाई अलर्ट
दुस्साहसिक वारदात की खबर मिलते ही सीधी पुलिस अधीक्षक (SP) संतोष कोरी तुरंत दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। रीवा और सीधी जिले के आला अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया। प्राथमिक इनपुट्स के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाशों की गाड़ियां मैहर जिले की ओर भागती देखी गई हैं। घटना के बाद रीवा, सीधी और मैहर जिलों की सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया गया है। टोल प्लाजा और मुख्य मार्गों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
सुरक्षा पर बड़े सवाल
हथियारों से लैस 8 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बाद भी बदमाशों का इतनी आसानी से आरोपी को छुड़ा ले जाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि, इस हमले में किसी भी पुलिसकर्मी को गंभीर गोली लगने की सूचना नहीं है, लेकिन मारपीट में कुछ को मामूली चोटें आई हैं। मध्य प्रदेश पुलिस ने ओडिशा पुलिस के समन्वय के साथ आरोपियों की धरपकड़ के लिए एक संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
🚨 कुर्की की कार्रवाई के बीच बड़ा ट्विस्ट!
8 साल पुराना लोन विवाद मौके पर सुलझा, ₹1.19 लाख में हुआ फाइनल सेटलमेंट
अनूपपुर। श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड के करीब 8 साल पुराने लोन मामले में मंगलवार को न्यायालयीन कुर्की की कार्रवाई के दौरान उस समय नया मोड़ आ गया, जब कुर्की टीम के पहुंचने के बाद दोनों पक्षों के बीच मौके पर ही समझौता हो गया। न्यायालय के आदेश पर अमीन और पुलिस बल की टीम ऋणी के घर-दुकान पहुंची थी। घरेलू सामान की कुर्की की कार्रवाई से पहले कंपनी के अधिवक्ता नीरज नायक ने दोनों पक्षों के बीच बातचीत कर समाधान का रास्ता निकाला।

💰 ऋणी अमित गुप्ता ने ₹1 लाख 19 हजार की एकमुश्त राशि जमा की, जिसके बाद कंपनी ने मामले का फाइनल सेटलमेंट कर दिया। बताया गया कि मामला वर्ष 2016 में लिए गए करीब ₹2.10 लाख के वाहन ऋण से जुड़ा था। लंबे समय से बकाया राशि का निपटारा नहीं होने के बाद मामला न्यायालय तक पहुंचा था।

⚖️ कुर्की की नौबत आने से पहले समझौता होने से घरेलू सामान जब्त करने की कार्रवाई टल गई और करीब 8 साल पुराने विवाद का मौके पर ही पटाक्षेप हो गया।

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निर्वाचन ड्यूटी में लापरवाही पर शहडोल पुलिस की कार्रवाई।
प्रधान आरक्षक 677 सुभाष महोविया को ड्यूटी से अनुपस्थित पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर थाना पपौंध से संबद्ध किया गया।
शहडोल 
हरियाली और रंग-बिरंगे फूलों से सजा ये खूबसूरत घर पहली नज़र में ही मन मोह लेता है। 🌸🌺
कुदरत के बीच खूबसूरती की एक प्यारी तस्वीर। ❤️
भगवान चोर पागल 
बुढ़ार में गली में घूमने वाला पागल कितनी चालाकी से दीवार की ग्रिल फांदकर अंदर से भगवान की फोटो चुरा ले गया 😀
खेल के नाम पर भ्रष्टाचार ,
अनूपपुर के नवागत कलेक्टर ने मामले में सख्त संज्ञान लिया
वर्ष 2021-25 के दौरान ₹18.46 लाख से अधिक के बिल-वाउचर न देने और आदेशों की अवहेलना करने वाले जिला क्रीडा प्रभारी शेख खलील कुरैशी को कलेक्टर के अनुमोदन से तत्काल प्रभाव से पद से पृथक कर दिया गया है।
Video 9
<nis:link nis:type=tag nis:id=अनूपपुर:- nis:value=अनूपपुर:- nis:enabled=true nis:link/> कोर्ट का बड़ा फैसला चेक बाउंस के मामले में दोषी को 1 साल की जेल और ₹5.75 लाख का जुर्माना! 
<nis:link nis:type=tag nis:id=अनूपपुर:- nis:value=अनूपपुर:- nis:enabled=true nis:link/> में चेक बाउंस से जुड़े एक मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोर्ट JMFC ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषी ठहराया है। अदालत ने आरोपी की ज़मानत याचिका निरस्त करते हुए उसे तुरंत जेल भेज दिया है।
<nis:link nis:type=tag nis:id=अनूपपुर nis:value=अनूपपुर nis:enabled=true nis:link/> कोर्ट ने चेक बाउंस के मामले में आरोपी अब्दुल आसिफ मंसूरी उम्र 32 वर्ष को दोषी करार देते हुए 1 साल की कठोर कारावास सश्रम जेल की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर पीड़ित पक्ष को ₹5,75,000 पाँच लाख पचहत्तर हजार रुपये से अधिक का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। फैसला सुनाए जाने के बाद कोर्ट ने आरोपी की ज़मानत निरस्त कर दी और उसे तुरंत हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। लेन-देन के मामलों में चेक बाउंस होना धारा 138 Negotiable Instruments Act के तहत एक गंभीर अपराध है। किसी भी व्यावसायिक या व्यक्तिगत लेन देन में दिए गए चेक का अनादर होने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है जिससे जेल और भारी आर्थिक जुर्माना दोनों भुगतना पड़ सकता है।
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पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने पुलिसकर्मियों के लिए सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए। गोपनीयता, सुरक्षा और पुलिस की गरिमा बनाए रखने के साथ सोशल मीडिया पर सतर्क एवं जिम्मेदार आचरण के निर्देश दिए।
Collector Office Shahdol Shahdol Commissioner Shahdol Police
उमरिया - भांजे ने मामी के गहने चुराकर खरीदा आईफोन 😀
बैंक वालो की फिर 3 दिन का हड़ताल होने वाला है,
तैयारी कर ले😀
।।इस शनिवार रविवार को भी बैंक रहेंगे चालू।।।
RBI ने जारी किया नोटिस
*गोपालपुर में वन विभाग की खुली पोल: जो गार्ड जंगल बचाने के लिए तैनात थे, वही डिप्टी रेंजर के साथ खड़े होकर कटवा रहे हरे-भरे वृक्ष!*।       
    👉जंगल के रखवालों का ही कुल्हाड़ी को सलाम! डिप्टी रेंजर और बीट गार्ड की देखरेख में उजड़ गया गोपालपुर का हरा-भरा आशियाना
*गोपालपुर जंगल में हादसा: लकड़ी की चपेट में आने से मजदूर की मौत रोते बिलखते परिवार जन 
*बिड़ला कारपोरेशन की अंडरटेकिंग "TMC" के लिए कट रही थी लकड़ी....फारेस्ट विभाग के ठेकेदार के जिम्मे थी कटाई...मौके पर शासकीय अमला मौजूद...
पेड़ गिरने से मजदूर की हुई मौत
गोपालपुर में बिड़ला माइंस और वन विभाग मिलकर खदान के लिए पेड़ कटाई का कार्य चालू था, जिसमें पेड़ कटकर मजदूर के ऊपर गिर गया और तत्काल मजदूर की मौत हो गई।
गोपालपुर हादसा: बिड़ला प्रोजेक्ट और वन परिक्षेत्र बुढ़ार की सांठगांठ का पर्दाफाश! केशव प्रसाद साहू की मौत का हर्जाना कौन देगा?
गोपालपुर। बिड़ला माइंस प्रोजेक्ट में पेड़ कटाई के दौरान शाहपुर निवासी मजदूर केशव प्रसाद साहू की दर्दनाक मौत के मामले में अब वन परिक्षेत्र बुढ़ार के अधिकारियों और बिड़ला प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि बुढ़ार रेंज के डिप्टी रेंजर और संबंधित बीट गार्ड की लापरवाही व मौन सहमति के चलते ही नियमों को ताक पर रखकर यह जानलेवा खेल खेला जा रहा था।
वन परिक्षेत्र बुढ़ार के अधिकारियों की घोर लापरवाही
नियमों के अनुसार वन भूमि पर कटाई का कार्य वन परिक्षेत्र बुढ़ार के जिम्मेदार अधिकारियों की सीधी निगरानी में होना चाहिए। लेकिन कार्यस्थल पर न तो सुरक्षा के कोई इंतजाम थे और न ही मौके पर वन विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद था।
बीट गार्ड की गायब मौजूदगी: बीट गार्ड की प्राथमिक जिम्मेदारी कटाई के दौरान सुरक्षा घेरा बनवाने और मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की होती है, लेकिन बीट गार्ड ने अपनी जिम्मेदारी से पूरी तरह मुंह मोड़ लिया।
डिप्टी रेंजर का ढुलमुल रवैया: बुढ़ार रेंज के डिप्टी रेंजर की शह पर बिना किसी सुरक्षा प्रोटोकॉल और प्रशिक्षण के काम जारी था। आखिर डिप्टी रेंजर ने कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की जांच किए बिना कटाई की अनुमति कैसे रहने दी?
बाहरी लोगों से काम और केशव प्रसाद साहू की बलि
बिड़ला प्रोजेक्ट के ठेकेदार और बुढ़ार वन परिक्षेत्र के कर्मचारियों की मिलीभगत से बाहरी लोगों और मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के जोखिम भरे काम में झोंका जा रहा है। शाहपुर निवासी केशव प्रसाद साहू इसी सिस्टम की लापरवाही की भेंट चढ़ गए। सुरक्षा हेलमेट, चेतावनी बोर्ड और आपातकालीन चिकित्सा जैसी बेसिक सुविधाएं तक गायब थीं।
बड़ा सवाल: केशव प्रसाद साहू के परिवार को हर्जाना कौन देगा?
एक गरीब मजदूर की मौत के बाद अब वन विभाग और बिड़ला माइंस प्रबंधन एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
क्या वन परिक्षेत्र बुढ़ार के डिप्टी रेंजर और बीट गार्ड पर विभागीय कार्रवाई और मामला दर्ज होगा?
क्या बिड़ला माइंस प्रबंधन मृतक केशव प्रसाद साहू के पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और जीवन-यापन का सहारा देगा?
ग्रामीणों का आक्रोश, कड़े आंदोलन की चेतावनी
शाहपुर और गोपालपुर के ग्रामीणों में बुढ़ार वन विभाग और बिड़ला प्रबंधन के खिलाफ भारी गुस्सा है। ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि जब तक दोषी डिप्टी रेंजर, बीट गार्ड और बिड़ला प्रोजेक्ट के ठेकेदार पर आपराधिक मामला दर्ज नहीं होता और पीड़ित परिवार को हर्जाना नहीं मिलता, तब तक उग्र आंदोलन जारी रहेगा।
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धनपुरी नगर के मनीराम धनीराम किराना वालो के यहां विराजमान गणेश जी की भव्य प्रतिमा,
मनीराम धनीराम जी के परिवार में पिछले 55 वर्ष से प्रतिवर्ष गणेश चतुर्थी के दिन गणपति बप्पा जी की स्थापना और पूजा भव्यता से परिपूर्ण होता आ रहा है।
जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने शहडोल में आयोजित 70 वीं शालेय राज्य स्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता का शुभारम्भ खेल ध्वज फहराकर एवं गगन में गुब्बारे छोड़कर किया।

इस अवसर पर कमिश्नर श्रीमती सुरभि गुप्ता, विधायक श्रीमती मनीषा सिंह, श्री जय सिंह, कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कोच खिलाड़ी, गणमान्य नागरिक मौजूद रहें।

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एमपीपीएससी में प्रथम स्थान प्राप्त कर रुचि तिवारी ने नौरोजाबाद और उमरिया जिले का नाम रोशन किया, congratulation 🇮🇳

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शहडोल मेडीकल कॉलेज सबसे घटियां सर्विस वाला हॉस्पिटल है। अरबों की बिल्डिंग करोड़ो का बजट लेकिन सुविधाएं जीरो।
ICU में मरीज गर्मी से मर रहे न पंखा, न AC ,
दफ्तर में कर्मचारी बैठकर हंसी ठिठोली में व्यस्त।।