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नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और भाजपा राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी से जयराम ठाकुर की शिष्टाचार भेंट

हिमाचल प्रदेश के विकास एवं संगठन से जुड़े विभिन्न विषयों पर हुई चर्चा

शिमला : नई दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी जी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान हिमाचल प्रदेश से संबंधित विभिन्न विकासात्मक कार्यों, सड़क एवं राजमार्ग से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों तथा प्रदेश में कनेक्टिविटी को और सुदृढ़ करने से संबंधित विषयों पर चर्चा हुई।

इसके उपरांत जयराम ठाकुर ने भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से भी शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई।
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मुख्यमंत्री से अंतर-मंत्रालय केन्द्रीय दल ने भेंट की

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से आज यहां अंतर-मंत्रालय केन्द्रीय दल ने भेंट की। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एम. रामचंद्रुडु के नेतृत्व में अंतर मंत्रालय के इस दल ने सितम्बर माह में प्रदेश के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया। 
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बरसात के दौरान प्राकृतिक आपदाओं के संबंध में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव नजर आने लगे हैं। उन्होंने प्रदेश में बादल फटने की बढ़ती घटनाओं के वैज्ञानिक अध्ययन की आवश्यकता पर बल दिया। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र द्वारा आपदा राहत राशि जारी किए जाने वाले मापदंडों में बदलाव किया जाना चाहिए क्योंकि पर्वतीय राज्यों की परिस्थितियां मैदानी क्षेत्रों से भिन्न हैं। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश का उतरी भारत के पारिस्थितिक तंत्र को संतुलित रखने तथा स्वच्छ वायु प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने राजमार्गों के विकास के दौरान सुरंगों के अधिक से अधिक निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर मुख्य सचिव के.के. पंत, जल शक्ति मंत्रालय के निदेशक प्रकाश चंद, कृषि विभाग एवं कृषक कल्याण विभाग के निदेशक डॉ. सुभाष चंद्रा, ग्रामीण विभाग मंत्रालय के निदेशक रामावतार मीणा, निदेशक एवं विशेष सचिव आपदा प्रबंधन पुष्पेंद्र राणा, अंतर मंत्रालय केन्द्रीय दल के अन्य सदस्य और प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 
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*खेल प्रतिभाओं को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही प्रदेश सरकार : रोहित ठाकुर*

*विद्यार्थी शिक्षा के साथ खेलकूद में भी बढ़-चढ़कर लें भाग : शिक्षा मंत्री*

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तकलेच में आयोजित चार दिवसीय जिला स्तरीय अंडर-14 छात्र खेलकूद प्रतियोगिता का आज समापन हुआ। समापन समारोह में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की, जबकि हिमाचल प्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक नंद लाल विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

प्रतियोगिता में 20 ब्लॉकों के लगभग 692 विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिनमें 519 सरकारी तथा 173 निजी विद्यालयों के विद्यार्थी शामिल रहे। विद्यार्थियों ने वॉलीबॉल, खो-खो, कबड्डी और बैडमिंटन में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। खेलकूद शारीरिक एवं मानसिक विकास के साथ अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ खेलकूद में भी बढ़-चढ़कर भाग लेने तथा अपनी प्रतिभा को निरंतर निखारने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने अपने साढ़े तीन वर्ष के कार्यकाल में शिक्षा क्षेत्र में 9 हजार से अधिक नौकरियां प्रदान की हैं। प्रदेश में वर्तमान में 14,663 शिक्षण संस्थान हैं, जहां 65 हजार से अधिक अध्यापक सेवाएं दे रहे हैं तथा 7 लाख से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की साक्षरता दर अब 99.30 प्रतिशत हो गई है। प्रदेश स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में देश में छठे तथा राज्यों की श्रेणी में तीसरे स्थान पर है।

*खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने पर विशेष बल*

शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए खेल सुविधाओं को सुदृढ़ करने तथा विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि 69वीं राष्ट्रीय स्कूल खेल प्रतियोगिता में हिमाचल प्रदेश के खिलाड़ियों ने कुल 48 पदक प्राप्त किए, जिनमें 8 स्वर्ण, 11 रजत और 29 कांस्य पदक शामिल हैं। पिछले सत्र में 22 छात्र खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 11 स्पोर्ट्स हॉस्टल हैं, जहां अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 आयु वर्ग के खिलाड़ियों को खेल सामग्री एवं प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। खिलाड़ियों की डाइट मनी को भी 120 रुपये से बढ़ाकर 250 रुपये प्रतिदिन किया गया है।

*तकलेच विद्यालय के लिए 10 लाख रुपये की घोषणा*

शिक्षा मंत्री ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तकलेच में बरसात से खेल मैदान एवं दीवार को हुए नुकसान की मरम्मत के लिए प्रथम चरण में 10 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने विद्यालय में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 50 हजार रुपये देने की भी घोषणा की।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के 100 विद्यालयों को सीबीएसई विद्यालय बनाने की योजना के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तकलेच को भी शामिल किया जाएगा।

*विजेता खिलाड़ियों को किया सम्मानित*

शिक्षा मंत्री ने कबड्डी में नेरवा ब्लॉक को प्रथम तथा रोहड़ू को द्वितीय, वॉलीबॉल में रोहड़ू को प्रथम तथा नेरवा को द्वितीय, खो-खो में रोहड़ू को प्रथम तथा मतियाना को द्वितीय और बैडमिंटन में नेरवा को प्रथम तथा देहा को द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर खिलाड़ियों को बधाई दी तथा पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।

उन्होंने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए आयोजक विद्यालय, अध्यापकों एवं सहयोगी स्टाफ को भी बधाई दी। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याएं भी सुनी तथा उनके शीघ्र समाधान के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

समारोह में अतिरिक्त निदेशक शिक्षा योगेश चौहान, सहायक निदेशक प्रारंभिक शिक्षा अजय पांटा, जिला परिषद सदस्य रोनी राणा एवं अनुराधा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लाल चंद शर्मा, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष चंद्र प्रभा, पंचायत समिति उपाध्यक्ष रामपुर सुनील कायथ, निदेशक पर्यटन यशपाल सोनी, एचपीएमसी निदेशक मंडल के सदस्य भूपेश धीमान, कैलाश फेडरेशन निदेशक मंडल के सदस्य त्रिलोक भूलनी, ग्राम पंचायत प्रधान सुनील कायथ सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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वायरल पोस्ट......💔 क्या आउटसोर्स कर्मचारी की कोई जिंदगी नहीं होती?

मैं आज सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि उन 160 आउटसोर्स कर्मचारियों की तरफ से सवाल पूछ रहा हूँ, जिन्हें 1 अक्टूबर 2026 से कार्यालय न आने के लिए कहा गया।

सरकार से मेरा सीधा सवाल है—

क्या आउटसोर्स कर्मचारी की कोई जिंदगी नहीं होती?
क्या उसका कोई परिवार नहीं होता?
क्या उसके बच्चे नहीं होते?
क्या वह भी अपने परिवार के साथ एक खुशहाल और सुरक्षित जिंदगी जीने का सपना नहीं देख सकता?

आखिर हर 3 महीने, 6 महीने या 1 साल बाद उसके भविष्य पर तलवार क्यों लटकती रहे?

कभी सेवा समाप्त होने का डर…
कभी वेतन रुकने का डर…
कभी समय पर वेतन न मिलने की चिंता…
और ऊपर से परिवार की जिम्मेदारियां। 😔

हम वही आउटसोर्स कर्मचारी हैं, जो उस समय कार्यालयों में काम करने आए थे जब कई नियमित कर्मचारियों को कंप्यूटर चलाने का अनुभव तक नहीं था।

हमने ₹5,500 जैसी कम तनख्वाह में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक पूरी ईमानदारी से काम किया।
हम काम करते रहे और हमारे सामने कई नियमित कर्मचारी आराम से बैठे रहते थे, जबकि उनकी तनख्वाह हमसे कई गुना ज्यादा थी।

हमने कभी काम से पीछे हटने की कोशिश नहीं की।

कोरोना महामारी के समय भी, जब लोग घरों में रहने को मजबूर थे, तब भी कई आउटसोर्स कर्मचारी कार्यालयों में जाकर अपनी सेवाएं देते रहे। हमने अपना काम किया, क्योंकि हमें पता था कि हमारे काम से किसी न किसी का सिस्टम चल रहा है।

लेकिन आज सवाल यह है—

हमारे सिस्टम को चलाने वाले उन कर्मचारियों की जिंदगी कौन चलाएगा?

क्या सिर्फ इसलिए कि हम आउटसोर्स हैं, हमारे सपने छोटे हो जाने चाहिए?

क्या हमारे बच्चों को अच्छी शिक्षा पाने का अधिकार नहीं है?

क्या हमारे परिवार को अच्छा भोजन, अच्छा घर और सुरक्षित भविष्य देने की हमारी इच्छा गलत है?

आज मैं सरकार और जनप्रतिनिधियों से पूछना चाहता हूँ—

अगर आपको हर महीने सिर्फ ₹10,000 वेतन मिले, तो क्या आप अपने परिवार का खर्च आसानी से चला पाएंगे?

क्या आप अपने बच्चों की अच्छी शिक्षा, घर का किराया, राशन, बिजली-पानी, दवाइयां और बाकी जरूरतें ₹10,000 में पूरी कर पाएंगे?

अगर नहीं…

तो फिर एक आउटसोर्स कर्मचारी से यह उम्मीद क्यों की जाती है कि वह इतने कम वेतन में अपना पूरा परिवार चलाए और हर समय नौकरी जाने का डर भी सहता रहे?

🙏 हम भी इंसान हैं।
हम भी परिवार रखते हैं।
हमारे भी सपने हैं।
हमारे बच्चों का भी भविष्य है।

हम सरकार से कोई एहसान नहीं मांग रहे।

हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि हमारे वर्षों के काम और अनुभव को सम्मान मिले, हमारी नौकरी और भविष्य को सुरक्षा मिले और हमारे परिवारों को अनिश्चितता से बाहर निकाला जाए।

आज हमारी आवाज शायद छोटी लगे…

लेकिन याद रखिए—

हर आउटसोर्स कर्मचारी के पीछे एक परिवार खड़ा है।
उस परिवार के पीछे बच्चों के सपने हैं।
और उन सपनों के पीछे एक बेहतर भविष्य की उम्मीद है।

💔 आउटसोर्स कर्मचारी सिर्फ एक पद नहीं है…
वह भी किसी परिवार की पूरी दुनिया है।

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मुख्य सचिव ने केंद्रीय दल के साथ आपदा से हुए नुकसान के आकलन की समीक्षा की

मुख्य सचिव के.के. पंत ने आज यहां अंतर-मंत्रालय केंद्रीय दल के हिमाचल में चार दिवसीय दौरे के समापन अवसर पर आयोजित बैठक में हिमाचल प्रदेश के सभी 12 जिलों में मानसून के दौरान बादल फटने, अचानक आई बाढ़ और भू-स्खलन से हुए व्यापक नुकसान की समीक्षा की और क्षति का आकलन किया।
हिमाचल के दौरे के दौरान अंतर-मंत्रालय केंद्रीय दल ने राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों तथा विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया। केंद्रीय दल ने संबंधित विभागों से निर्धारित राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) एवं राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) के मानदंडों एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार अंतिम क्षति ज्ञापन तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा, जो संबंधित अभिलेखों एवं दस्तावेजों से विधिवत समर्थित होना चाहिए। अंतर-मंत्रालय केंद्रीय दल ने क्षेत्रवार क्षति का सटीक आकलन, नुकसान के सत्यापन तथा आवश्यक विवरण समयबद्ध तरीके से प्रस्तुत करने के महत्व पर भी बल दिया।
मुख्य सचिव ने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में जमीनी स्तर पर अनेक चुनौतियां हैं तथा बुनियादी ढांचे की बहाली और पुनर्निर्माण की लागत भी अपेक्षाकृत अधिक है। उन्होंने आग्रह किया कि केंद्र सरकार से अतिरिक्त वित्तीय सहायता का आकलन एवं सिफारिश करते समय इन परिस्थितियों को भी विशेष रूप से ध्यान में रखा जाए। यह भी बताया गया कि अंतिम ज्ञापन प्रस्तुत किए जाने और आकलन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अतिरिक्त वित्तीय सहायता पर विचार के लिए मामला गृह मंत्रालय के संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा।
मुख्य सचिव ने विशेष रूप से राज्य की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, बुनियादी ढांचे की बहाली की उच्च लागत और प्राकृतिक आपदाओं के प्रति बार-बार बनी रहने वाली संवेदनशीलता को देखते हुए मौजूदा एसडीआरएफ और एनडीआरएफ  मानदंडों में संशोधन की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला। केंद्रीय दल ने आश्वासन दिया कि इन चिंताओं को केंद्र स्तर पर संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
बैठक के दौरान हिमाचल प्रदेश सरकार के निदेशक-सह-विशेष सचिव (राजस्व-आपदा प्रबंधन) पुष्पेंद्र राणा ने क्षति के ज्ञापन को प्रस्तुत किया, जिसमें लोक निर्माण विभाग की सड़कों, जल शक्ति विभाग की पेयजल योजनाओं, विद्युत बुनियादी ढांचे और कृषि भूमि सहित विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में कुल 3,412.80 करोड़ रुपये की वित्तीय क्षति का विवरण दिया गया।
पुष्पेंद्र राणा ने राज्य के नाजुक हिमालयी भू-भाग और भौगोलिक चुनौतियों को रेखांकित किया। उन्होंने आगामी सर्दियों के मौसम के दृष्टिगत महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की बहाली और प्रभावित समुदायों को समय पर सहायता उपलब्ध करवाने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष के तहत सहायता राशि शीघ्र जारी करने की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक में विभिन्न विभागों के सचिव, विभागाध्यक्ष तथा वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र में 182.87 करोड़ रुपये की 61 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास किये

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिमला जिले के रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र के चिड़गांव स्थित नगर पंचायत मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 182.87 करोड़ रुपये की लागत वाली 61 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास किए।
मुख्यमंत्री ने चिड़गांव तहसील की ग्राम पंचायत कुलगांव के बडियारा व समीपवर्ती क्षेत्र के लिए 2.76 करोड़ रुपये की लागत से कार्यशील घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध करवाने की योजना, ग्राम पंचायत भंाफड के चिल्लाला तथा समीपवर्ती गांवों के लिए 5.20 करोड़ रुपये की लागत से कार्यशील घरेलू नल कनेक्शन योजना तथा ग्राम पंचायत संधा-भोंडा के संधा-भोंडा एवं आसपास के क्षेत्र के लिए 3.40 करोड़ रुपये की लागत की उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना का लोकार्पण किया।
उन्होंने तहसील रोहडू की ग्राम पंचायत शेखल के लहासा से शेखल तक बागवानी भूमि के लिए 4.75 करोड़ रुपये की लागत वाली उठाऊ सिंचाई योजना तथा तहसील चिड़गांव की जांगला ग्राम पंचायत में कुलगांव एवं आसपास के क्षेत्र के लिए 8.02 करोड़ रुपये की उठाऊ सिंचाई योजना का भी लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने 4.49 करोड़ रुपये की लागत से कुलगांव गांव को जोड़ने वाली सड़क, 7.66 करोड़ रुपये की लागत से जलोह से गाड़ सड़क, 7.64 करोड़ रुपये की शील-सौंघी-मंडला सड़क, 10.01 करोड़ रुपये की चेणू से बलासन सड़क, 7.22 करोड़ रुपये की मेलठी गांव संपर्क सड़क तथा 3.30 करोड़ रुपये लागत की टिक्करी गांव संपर्क सड़क का लोकार्पण किया।
इसके अलावा 8.52 करोड़ रुपये की लागत से खशधार से जाखी सड़क का उन्नयन, 4.47 करोड़ रुपये की भमवाड़ी से मंघारा सड़क का उन्नयन, 7.02 करोड़ रुपये की झलवाड़ी से भमवाड़ी सड़क का उन्नयन, 6.47 करोड़ रुपये की धमवाड़ी से गोकस्वाड़ी सड़क का उन्नयन, 3.91 करोड़ रुपये की पणेसरी-दुणना सड़क से संपर्क मार्ग, 3.49 करोड़ रुपये की आंध्रा से बाग्गी सड़क, 6.90 करोड़ रुपये की गोंसारी से गोकस्वाड़ी सड़क, 3.91 करोड़ रुपये की कितरवाड़ी गांव संपर्क सड़क, 10.71 करोड़ रुपये की जिशकून गांव संपर्क सड़क, 6 करोड़ रुपये की जारकोट गांव संपर्क सड़क, 13.55 करोड़ रुपये की नरसरी से डलगांव सड़क तथा 3.96 करोड़ रुपये की लागत से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भलूण के कार्यों का भी उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री ने सिविल अस्पताल रोहडू में 25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 50 बिस्तरों से युक्त क्रिटिकल केयर ब्लॉक एवं जिला एकीकृत जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला की आधारशिला रखी। इसके साथ ही राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जाखा में 3.54 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले विज्ञान ब्लॉक तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डोडरा के 4.93 करोड़ रुपये के भवन की भी आधारशिला रखी।
उन्होंने तहसील रोहडू की ग्राम पंचायत कुटाड़ा में 8 लाख रुपये की लागत से बुठारा बाघधार से नर्सरी तक सड़क निर्माण, 15 लाख रुपये की लागत से शलावत से श्री मदनू परशोत्तम दास के घर तक सड़क, 20 लाख रुपये की लागत से कायणी से गेडम सड़क, 50 लाख रुपये की लागत से गोपेश जनार्था से प्रेम प्रकाश जनार्था गांव काशणी सड़क, 30 लाख रुपये की लागत से चिड़गांव से थली चांटी सड़क तथा 10 लाख रुपये की लागत से ग्राम पंचायत बनोटी में उर्राेई के लिए सड़क का भूमि पूजन भी किया।
मुख्यमंत्री ने 10 लाख रुपये की लागत से बडियारा-नंदला एवं मगवांणी संपर्क सड़क, 10 लाख रुपये की पंप हाउस से ब्राल सड़क, 5 लाख रुपये की मचोटी से सरास सड़क के आरआर क्षति मरम्मत कार्य, 5 लाख रुपये की ककोई से शनवाली सड़क के मरम्मत कार्य, 10 लाख रुपये की सराईधार से बसुणी सड़क के मरम्मत कार्य तथा 10 लाख रुपये की कनेवरा खड्ड से नोई संपर्क सड़क की आधारशिला भी रखी।
इसके अलावा 10 लाख रुपये की तोड़सा-शागली से गुमना संपर्क सड़क, 10 लाख रुपये की गुम्मा क्रशर से टिक्करी संपर्क सड़क, 10 लाख रुपये की थलातर संपर्क सड़क, 10 लाख रुपये की एचबी चमराड़ा संपर्क सड़क, 10 लाख रुपये की भमनोली बस स्टैंड से मेलारी सड़क, 20 लाख रुपये की बुठारा नर्सरी से कटमोरी सड़क ग्राम कुठाड़ा पर सोलिंग एवं पुलिया निर्माण, 20 लाख रुपये की चीकू डाबर से गढ़ोली संपर्क सड़क तथा 50-50 लाख रुपये की लागत वाली बुठारा से वघारना सड़क और बुठारा नर्सरी से कटमोरी सड़क की आधारशिला रखी।
उन्होंने 5 लाख रुपये से मंछाड़ा एम्बुलेंस सड़क, 20 लाख रुपये की पीएचसी कुठारा से कुली सड़क पर पक्कीकरण, 20 लाख रुपये की जाखड़-बेशलारल-थापलीधार सड़क पर मेटलिंग एवं टारिंग तथा 5 लाख रुपये की पुजारली-सितली-मदिधार सड़क के कार्यों की भी आधारशिला रखी।
मुख्यमंत्री ने 20 लाख रुपये की गांव सुआन संपर्क सड़क, 20 लाख रुपये की बौली से धारकुली सड़क, 20 लाख रुपये की खशकंडी संपर्क सड़क तथा 20 लाख रुपये की ब्रटेली संपर्क सड़क की आधारशिला रखी।
इसके अतिरिक्त 10 लाख रुपये की डलगांव-माकड़ी-प्रेमनगर सड़क, 20 लाख रुपये की पडानाला बस स्टैंड से डीट शागुल कोठल सड़क, 20 लाख रुपये से संपर्क सड़क स्तोनू ग्राम पंचायत कुटारा तहसील रोहड़ू के मरम्मत कार्य, 25 लाख रुपये की समोली सेक्शन में भूस्खलन से गिरी सामग्री हटाने एवं जेसीबी किराये पर लेने, 10 लाख रुपये की चिड़गांव से थाना चांटी सड़क और 15 लाख रुपये की पडानाला बस स्टैंड से देवता शागुल तक सड़क के कार्यों की भी आधारशिला रखी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन विकास परियोजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि सड़क संपर्क सुविधा बेहतर होने से वाहनों की आवाजाही सुगम होगी तथा क्षेत्र के समग्र सड़क नेटवर्क को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि विभिन्न पेयजल आपूर्ति योजनाओं के माध्यम से संबंधित गांवों के लोगों को स्वच्छ, सुरक्षित और विश्वसनीय पेयजल उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने सेब के ख़रीद मूल्य में एक रुपये बढ़ोतरी की घोषणा की, एक दिसंबर से दूध के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी
संदासू को नागरिक अस्पताल का दर्जा, जांगला और चिड़गांव बनेंगे सीबीएसई स्कूल
भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रही सरकारः मुख्यमंत्री  
मुख्यमंत्री ने रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र को दी करोड़ों रुपये की सौगात

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने तथा किसानों, बागवानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। रोहडू विधानसभा क्षेत्र के चिड़गांव में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि एक दिसंबर से दूध के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में दूध के दाम में बहुत कम वृद्धि होती थी, जबकि वर्तमान राज्य सरकार ने दूध के समर्थन मूल्य में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है और आने वाले समय में इसमें और वृद्धि से पशुपालकों की आय में बढ़ोतरी होगी।
श्री सुक्खू ने मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत खरीदे जाने वाले सेब के खरीद मूल्य में भी एक रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की घोषणा करते हुए कहा कि अब एमआईएस के तहत सेब 12 रुपये के स्थान पर 13 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार गांवों की सरकार है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। सेब बागवानों को लाभान्वित करने के लिए राज्य सरकार ने यूनिवर्सल कार्टन व्यवस्था लागू की है तथा प्राकृतिक खेती के उत्पादों को भी समर्थन मूल्य प्रदान किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र पर ध्यान नहीं दिया गया और वर्ष 2021 में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान पर था, जबकि वर्तमान राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश अब पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों में आत्मविश्वास की कमी न हो, इसके लिए पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई शुरू की गई है। सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की घटती संख्या को देखते हुए राज्य सरकार ने 150 से अधिक सीबीएसई स्कूल खोले हैं। रोहडू के एक स्कूल में सीबीएसई व्यवस्था लागू होने के बाद एक ही वर्ष में विद्यार्थियों की संख्या में 500 से अधिक की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इन सीबीएसई स्कूलों में 1,500 अध्यापकों की नियुक्ति की है तथा सीबीएसई स्कूलों के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध स्कूलों को भी मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश में 300 स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बनाए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ही बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाना है ताकि अभिभावकों का निजी शिक्षा पर होने वाला खर्च कम हो।
श्री सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे बंद कर प्रदेश की संपदा को आम लोगों के हित में उपयोग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली भाजपा सरकार के समय उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाया गया, जबकि वर्तमान कांग्रेस सरकार गरीब और आम लोगों के हित में प्रदेश की संपदा का उपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि जब तक वह मुख्यमंत्री के पद पर हैं, प्रदेश की संपदा को न लूटने दिया जाएगा और न ही लुटने दिया जाएगा। उन्होंने इस लड़ाई में जनता से सहयोग का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है।
मुख्यमंत्री कार्यालय पर भाजपा द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय लोगों का कार्यालय है, जहां आम जनता की समस्याओं का समाधान किया जाता है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने प्रदेश में एक हजार करोड़ रुपये से अधिक के कार्यालय बनाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वाइल्ड फ्लावर हॉल और जेएसडब्ल्यू मामलों में सर्वाेच्च न्यायालय में प्रदेश के हितों की रक्षा की है तथा किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना मामले में भी प्रदेश के पक्ष में ऐतिहासिक सफलता मिली है, जिससे हिमाचल प्रदेश के खजाने में लगभग 1,200 से 1,500 करोड़ रुपये की आय होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में भाजपा की सरकार होती तो प्रदेश के हितों के साथ समझौता किया जाता।
श्री सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 1.36 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल की है और आने वाले समय में और कर्मचारियों को इसके दायरे में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘अपना परिवार सुखी परिवार’ योजना के तहत पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये मासिक पेंशन प्रदान की जाएगी तथा पात्र परिवारों को 300 यूनिट बिजली भी उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान प्रदेश में 23 हजार घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए, जिनके लिए वर्तमान कांग्रेस सरकार ने आर्थिक सहायता को डेढ़ लाख रुपये से बढ़ाकर साढ़े सात लाख रुपये किया और अब इसे बढ़ाकर आठ लाख रुपये कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने संदासू को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से स्तरोन्नत कर सिविल अस्पताल बनाने, समरकोट में सब-तहसील खोलने, चिड़गांव में एसडीएम कार्यालय खोलने के लिए सर्वे करवाने तथा जांगला और चिड़गांव स्कूलों को सीबीएसई स्कूल बनाने की घोषणा की।
इससे पहले, स्थानीय विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का यह रोहडू विधानसभा क्षेत्र का चौथा दौरा है और क्षेत्र की जनता ने सरकार से जो भी मांग रखी, उसे पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि विकास एक निरंतर प्रक्रिया है और क्षेत्र की विकासात्मक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि दूध के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है तथा क्षेत्र में दूध उत्पादन को भी बढ़ावा मिला है।
इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष शिवपाल ठाकुर, पंचायत प्रतिनिधि, बड़ी संख्या में महिला मंडलों एवं स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधि, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
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गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने बचाई लोगों की जान
148 सरकारी सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड लागू

निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के निर्देशों के अनुरूप हिमाचल प्रदेश के 148 सरकारी सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों के लिए निर्धारित ड्रेस कोड आज से लागू कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों में अनुशासन, पेशेवर पहचान और संस्थागत गरिमा को बढ़ावा देना तथा विद्यालयों में अधिक व्यवस्थित एवं पेशेवर शिक्षण वातावरण तैयार करना है। ड्रेस कोड तैयार करते समय शिक्षकों की व्यावसायिक आवश्यकताओं के साथ-साथ प्रदेश की जलवायु परिस्थितियों का भी ध्यान रखा गया है। निर्धारित रंगों में ‘हल्का लाइलैक, लाइलैक पर्पल और नेवी ब्लू’ शामिल हैं, जबकि जूते तथा निर्धारित अन्य एक्सेसरीज के लिए ‘काला रंग’ तय किया गया है।
महिला शिक्षकों के लिए निर्धारित परिधान में ‘ब्लेजर के साथ साड़ी, कुरता व कमीज के साथ पैंट, प्लाज़ो या सलवार तथा टाई और ब्लेजर के साथ शर्ट-ट्राउजर’ शामिल हैं। वहीं, पुरुष शिक्षकों के लिए ‘शर्ट, ट्राउजर, टाई और ब्लेजर’ निर्धारित किया गया है। ड्यूटी के दौरान सभी शिक्षकों को पहचान पत्र पहनना अनिवार्य होगा। ब्लेजर पर संबंधित विद्यालय अथवा विभाग का निर्धारित लोगो भी प्रदर्शित किया जाएगा।
निदेशक ने बताया कि यह ड्रेस कोड सभी शिक्षकों एवं प्रधानाचार्यों पर लागू होगा, जिसमें आउटसोर्स आधार पर कार्यरत शिक्षक भी शामिल हैं। चिकित्सकीय आवश्यकता, दिव्यांगता अथवा गर्भावस्था की स्थिति में संस्थान के प्रमुख की अनुमति से निर्धारित ड्रेस कोड में आवश्यक छूट या उपयुक्त परिवर्तन किया जा सकेगा।
यह पहल राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे व्यापक शिक्षा सुधारों और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है। इन सुधारों के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाए जा रहे हैं, जिनमें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समान अवसर, जवाबदेही और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण पर विशेष बल दिया जा रहा है। इन प्रयासों से हिमाचल प्रदेश को शिक्षा सुधारों के क्षेत्र में एक आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
राज्य सरकार आगामी शैक्षणिक सत्र से 100 नए सीबीएसई स्कूल खोलने की दिशा में कार्य कर रही है। वहीं, सीबीएसई स्कूलों में लगभग 2,000 शिक्षण पद पहले ही भरे जा चुके हैं। शिक्षकों की जवाबदेही और उपस्थिति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिन में तीन बार उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था भी शुरू की जा रही है।
राज्य सरकार द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए उनके सम्मान एवं पुरस्कार की व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा रहा है। आगामी शैक्षणिक सत्र से सरकारी पीएम श्री स्कूलों में नामांकित विद्यार्थियों के अभिलेखों में श्रेणी का उल्लेख नहीं किया जाएगा। हालांकि, पात्र परिवारों को मौजूदा प्रावधानों के अनुसार सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलता रहेगा।
राज्य सरकार की यह सभी पहल आधुनिक, समावेशी और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा व्यवस्था के व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाती हैं। इनका उद्देश्य शिक्षकों के पेशेवर मानकों को मजबूत करना, समान अवसर सुनिश्चित करना तथा विद्यार्थियों के बेहतर सीखने के परिणामों को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह  का रोहड़ू हेलिपैड पर आत्मीय स्वागत
रामपुर में 11 ग्राम चिट्टा बरामद, दो युवक गिरफ्तार

*अभियोग संख्या 105/2026, अधीनधारा 21, 29 ND&PS Act, दिनांक 01.10.2026, पुलिस थाना रामपुर*

पुलिस चौकी सिटी रामपुर की टीम द्वारा दिनांक 30.09.2026 को गुप्त सूचना के आधार पर पुराना बस अड्डा रामपुर, स्थित एक गेस्ट हाउस के समीप कार्रवाई करते हुए आशीष मेहता , निवासी तहसील निचार, जिला किन्नौर, उम्र 28 वर्ष तथा दिव्यांशु  निवासी तहसील कल्पा, जिला किन्नौर, उम्र 20 वर्ष के कब्जे से लगभग 11 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की गई।

जिसपर पुलिस थाना रामपुर में दिनांक 01.10.2026 को अभियोग संख्या 105/2026, अधीनधारा 21, 29 ND&PS Act के तहत मामला दर्ज किया गया है।

दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। मामले की आगामी जांच जारी है।
चंबा के हिमगिरी-सियुल मार्ग पर रेत से भरा एक टिप्पर चढ़ाई के दौरान पीछे खिसका, नाले की ओर जा पहुंचा। गनीमत रही कि वाहन नाले में नहीं गिरा और बड़ा हादसा टल गया।
*हिमाचल पुलिस ERSS-112 देश में फिर नंबर-1*
*आपातकालीन प्रतिक्रिया में औसत समय 4 मिनट 4 सेकंड; नवंबर 2025 के 34वें स्थान से हासिल किया शीर्ष स्थान*

शिमला, 1 अक्टूबर: हिमाचल प्रदेश पुलिस ने सितंबर 2026 की ERSS-112 Response Time Ranking में पूरे देश में प्रथम स्थान हासिल किया है। राज्य में आपातकालीन कॉल पर औसत प्रतिक्रिया समय मात्र 4 मिनट 4 सेकंड दर्ज किया गया।

यह उपलब्धि विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि नवंबर 2025 तक हिमाचल प्रदेश ERSS-112 की राष्ट्रीय रैंकिंग 34वें स्थान पर थी। कुछ ही महीनों में शीर्ष स्थान तक पहुंचना आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था में निरंतर सुधार, बेहतर तकनीक, परिचालन समन्वय और फील्ड स्तर पर प्रभावी तैनाती का परिणाम है।

इस सफलता में ERSS-112 के कॉल टेकर्स, डिस्पैचर्स, Emergency Response Vehicle (ERV) कर्मियों, जिला पुलिस टीमों और पर्यवेक्षण अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

*हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक श्री अशोक तेवारी*, *IPS* ने ERSS-112 की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पुलिस कर्मियों की प्रतिबद्धता, अनुशासन, टीम भावना और कर्तव्यनिष्ठा का परिणाम है।
*“34वें स्थान से देश में नंबर-1 तक का सफर हमारे पुलिस कर्मियों की मेहनत और टीमवर्क को दर्शाता है। आपात स्थिति में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। नंबर-1 बनना उपलब्धि है, लेकिन इस स्थान को निरंतर बनाए रखते हुए नागरिकों को तेज, पेशेवर और संवेदनशील सेवा प्रदान करना हमारी बड़ी जिम्मेदारी है।”*
*नशा तस्करों की अवैध कमाई पर शिमला पुलिस का प्रहार, 40 लाख रु की अवैध संपत्ति जब्त*

शिमला पुलिस द्वारा नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई को केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी एवं आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित न रखते हुए, नशा तस्करी से अर्जित अवैध धन एवं संपत्तियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जा रही है।

एनडीपीएस मामलों में फाइनेंशियल इन्वेस्टीगेशन के माध्यम से आरोपियों के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन एवं संपत्तियों का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है। इसी प्रक्रिया के तहत 3 एनडीपीएस मामलों में लगभग ₹ 40 लाख रुपए से ज्यादा मूल्य की चल-अचल एवं वित्तीय संपत्तियां सीज़ की गई हैं।

1. एफआईआर नं. 27/26, पुलिस थाना बालूगंज — ₹23 लाख

उक्त अभियोग में दिनांक 23.02.2026 को ISBT शिमला के समीप आरोपी अविनाश चौहान के कब्जे से करीब 7 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद होने पर उसे गिरफ्तार किया गया था। आगामी जांच के दौरान साक्ष्यों के आधार पर विशाल यादव, जय प्रकाश यादव तथा रवि अहिरवार को भी गिरफ्तार किया गया। 
मामले में फाइनेंशियल इनवेस्टिगेशन अमल में लाया गया। अन्वेषण के दौरान पाया गया कि आरोपी विशाल यादव एवं उसके सहआरोपी भाई जय प्रकाश यादव द्वारा मादक पदार्थ हेरोइन/चिट्टा के अवैध कारोबार से अर्जित धनराशि से संपत्तियां अर्जित की गई हैं।

जांच में सामने आया कि अप्रैल 2026 में आरोपी विशाल यादव द्वारा अपने भाई जय प्रकाश यादव के नाम पर एक Mahindra & Mahindra Scorpio-N, जिसकी अनुमानित कीमत ₹22,00,000/- है, खरीदी गई ।इसके अतिरिक्त, आरोपी विशाल यादव के बैंक खाता  में दिनांक 01.01.2025 से 26.08.2026 तक लगभग ₹1 करोड़ का लेन-देन पाया गया जबकि उनका कोई वैद्य आय का श्रोत नहीं है।

वित्तीय अन्वेषण के आधार पर वाहन एवं बैंक खाते में शेष राशि, जिनका कुल अनुमानित मूल्य करीब 23 लाख रुपए है, को NDPS Act के अंतर्गत जब्त किया गया है।

2. एफआईआर नं. 52/2025, पुलिस थाना रामपुर — लगभग ₹9.5 लाख

दिनांक 13.05.2025 को रामपुर के कुडीधार क्षेत्र में डिटेक्टिव टीम को सूचना मिली कि एक किराये के कमरे में कुछ व्यक्ति चिट्टा/हेरोइन की खरीद-फरोख्त में संलिप्त हैं। पुलिस टीम ने मौके पर तलाशी लेते हुए 31 ग्राम चिट्टा/हेरोइन तथा ₹50,400 नकद बरामद किए और पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।

मामले की जांच के दौरान आरोपियों के बैंकिंग लेन-देन, वित्तीय गतिविधियों एवं संपत्तियों का विस्तृत विश्लेषण किया गया। फाइनेंशियल इन्वेस्टीगेशन के आधार पर लगभग ₹9.5 लाख मूल्य की ऐसी संपत्तियों की पहचान की गई, जिनका कोई वैध आय स्रोत सामने नहीं आया तथा जो प्रथम दृष्टया नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी पाई गईं। इसमें एक गाड़ी, एक मोटरसाइकिल व एक स्कूटी शामिल हैं। उक्त संपत्तियों को नियमानुसार सीज़ किया गया है।

3. एफआईआर नं. 64/2025, पुलिस थाना रामपुर — लगभग ₹8 लाख

दिनांक 25.06.2025 को पुलिस ने नोगली बाजार, रामपुर स्थित बजीर बावड़ी रैन शेल्टर के पास कार्रवाई करते हुए आरोपी मनसा राम उर्फ मनीष को करीब 2.5 किलोग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया।

मामले की वित्तीय जांच के दौरान आरोपी के बैंक एवं डाकघर खातों तथा अन्य वित्तीय लेन-देन का विस्तृत विश्लेषण किया गया। जांच में लगभग ₹8 लाख की धनराशि प्रथम दृष्टया नशा तस्करी से जुड़ी पाई गई, जिसे नियमानुसार सीज़ किया गया है।

शिमला पुलिस द्वारा वर्ष 2026 में अब तक एनडीपीएस मामलों में फाइनेंशियल इन्वेस्टीगेशन करते हुए *कुल ₹12.5 करोड़ से अधिक मूल्य की चल-अचल एवं वित्तीय संपत्तियां सीज़ की जा चुकी हैं। इसके विपरीत, वर्ष 2025 एवं 2024 के दौरान एनडीपीएस मामलों में कोई फाइनेंशियल इन्वेस्टीगेशन नहीं की गई थी* तथा इन दोनों वर्षों में इस प्रकार की कोई भी अवैध संपत्तियां सीज़ नहीं की गई।
शिमला :  कुसुम्पटी लक्ष्मी नारायण मंदिर.. जय माता दी..
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने की शिष्टाचार भेंट
मुख्यमंत्री ने 66 मेगावाट क्षमता की धौलासिद्ध परियोजना को अधिग्रहित करने के लिए शपथ पत्र दायर करने के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (एसजेवीएनएल) द्वारा ब्यास नदी पर निर्मित की जा रही 66 मेगावाट क्षमता की धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना को प्रदेश सरकार के अधीन लेने के लिए बहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा विभाग को न्यायालय में शपथ पत्र दायर करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री आज यहां बहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश हित में धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना की लागत की पहली किस्त का भुगतान करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश के लोगों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगी तथा प्रदेश की संपदा और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एसजेवीएनएल से लुहरी और सुन्नी जल विद्युत परियोजनाओं को भी अपने अधीन लेने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन विभिन्न जल विद्युत परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की तथा अधिकारियों को इन परियोजनाओं के निर्माण कार्य में तेजी लाने और निर्धारित समय सीमा के भीतर इन्हें पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि प्रदेश के लोगों को इनका अधिकतम लाभ मिल सके।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि 450 मेगावाट क्षमता की शोंगटोंग जल विद्युत परियोजना अगले वर्ष सितंबर तक तीन टरबाइनों की कमीशनिंग के उपरांत पूरी तरह कार्यशील हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से उत्पादित होने वाली बिजली के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (एचपीएसईबीएल) के साथ विद्युत खरीद समझौता (पीपीए) किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने पूह से समदो तथा समदो से काजा तक निर्मित की जा रही 66 केवी ट्रांसमिशन लाइन के कार्य की भी समीक्षा की और इसके निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने रंगरिक में 2 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजना, जिसमें 1 मेगावाट हॉवर (एमडब्ल्यूएच) बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली स्थापित की गई है, की प्रगति की भी समीक्षा की तथा इसे बर्फबारी शुरू होने से पहले कार्यशील बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बर्फबारी के मौसम में भी यह परियोजना सुचारू रूप से कार्यशील रहनी चाहिए ताकि क्षेत्र के लोगों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के अध्यक्ष प्रबोध सक्सेना, अतिरिक्त मुख्य सचिव (विद्युत) आर.डी. नजीम, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, एचपीएसईबीएल के प्रबंध निदेशक आदित्य नेगी, हिमाचल प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक आबिद हुसैन सादिक, निदेशक ऊर्जा शुभ करण सिंह और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
खेलों से नशे से दूर रहेंगे युवा, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का लक्ष्य रखें विद्यार्थी : राठौर

शिमला 30 सितंबर,67वीं जिला स्तरीय यू-19 छात्र खेल प्रतियोगिता का उद्घाटन आज अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता  ठियोग के विधायक  कुलदीप राठौर ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय  सुन्नी में किया। इसमें  26 स्कूलों के 326 प्रतिभागियों ने विभिन्न खेलों में हिस्सा ले रहे हैं।
इस अवसर पर​मुख्य अतिथि कुलदीप राठौर के साथ शिमला ग्रामीण कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हरि कृष्ण हिमराल भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
​कुलदीप सिंह राठौर ने इस दौरान अपने संबोधन में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह की गतिशील नेतृत्व  उनकी कार्य क्षमता और उनके निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र विकास के मामले में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि  विक्रमादित्य सिंह लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री के रूप में केंद्र प्रायोजित योजनाओं से बजट लाने में उन्होंने उल्लेखनीय कार्य किया है।
​उन्होंने छात्रों को ड्रग्स और नशीले पदार्थों से दूर रहने की सलाह देते हुए उन्हें अधिक से अधिक खेल गतिविधियों में हिस्सा लेने का आह्वान किया। हिमाचल प्रदेश के शिक्षा विभाग में अभूतपूर्व सुधार करने के लिए उन्होंने शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आज  देश भर में हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर  21वें स्थान से  5वें नंबर पर आ गया है। यह प्रदेश के लिये बहुत ही गौरव की बात है।
​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष   हरिकृष्ण हिमराल ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने के लिए कुलदीप राठौर का धन्यवाद किया और प्रतिभागियों से इन खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन करने की अपील की। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक पहुँचने का लक्ष्य रखने को कहा, जहाँ राज्य में खेल प्रतिभाओं को प्रेरित और प्रोत्साहित करने के लिए अब सरकार ने स्वर्ण पदक जीतने पर 4 करोड़ रुपये, रजत पदक पर 2.5 करोड़ रुपये और कांस्य पदक जीतने पर 1.5 करोड़ रुपये तक की भारी-भरकम पुरस्कार राशि की घोषणा की है।
​इस अवसर पर ब्लॉक अध्यक्ष गोपाल शर्मा ,नगर पंचायत अध्यक्ष सत्या वर्मा,एसडीएम राजेश वर्मा,तहसीलदार सुनील वर्मा के अतिरिक्त प्रकाश चंद कमल, कवींदर कंवर, हेम लता, प्रवीण वर्मा, तेज राम शर्मा, कपिल गुप्ता, प्रशांत पंवार, ओम प्रभा, ज्योतिका वर्मा, साहिल साहित्य, मोहित गुप्ता, आशा कंवर, श्यामा देवी, अजय शर्मा, भीष्म हिमराल, महेंद्र वर्मा, नेहाल ठाकुर प्रधानाचार्य, रा.व.मा.वि. सुन्नी हंस राज सहित कई अन्य गणमान्य लोग  उपस्थित थे।
ट्रैफिक अपडेट: वर्तमान समय में mashobara Bifurcation के समीप एक वाहन (Truck) तकनीकी खराबी के कारण सड़क पर रुक गया है, जिसके चलते उक्त मार्ग पर यातायात वन-वे संचालित किया जा रहा है। ट्रैफिक पुलिस शिमला मौके पर तैनात है तथा यातायात को नियंत्रित करते हुए सुचारु रूप से संचालित किया जा रहा है।

वाहन को सड़क से हटाने की प्रक्रिया की जा रही है। वाहन चालकों से अनुरोध है कि मौके पर तैनात पुलिस कर्मियों के निर्देशों का पालन करें और अनावश्यक रूप से वाहन खड़ा न करें।

जारीकर्ता
ट्रैफिक पुलिस शिमला
होटल मैनेजर, शैफ और अन्य पदों के साक्षात्कार 9 को

सोहारू कंप्लैक्स हमीरपुर में संचालित किए जा रहे शिवाय रेस्तरां में मैनेजर, रिसेप्शनिस्ट, हैड शैफ, शैफ, सर्विस और हाउसकीपिंग के पदों सहित कुल 17 पदों को भरने के लिए 9 अक्तूबर को सुबह 10 बजे उप रोजगार कार्यालय नादौन में साक्षात्कार लिए जाएंगे।
 जिला रोजगार अधिकारी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि मैनेजर के एक पद के लिए एमबीए डिग्रीधारक कम से कम 3 वर्ष का अनुभव रखने वाले महिला एवं पुरुष उम्मीदवार पात्र होंगे। चयनित उम्मीदवार को 2.16 लाख रुपये सालाना पैकेज मिलेगा। रिसेप्शनिस्ट के 3 पदों के लिए स्नातक महिला एवं पुरुष उम्मीदवार पात्र होंगे। उन्हें कंप्यूटर का अच्छा ज्ञान तथा अच्छी कम्युनिकेशन स्किल्स होनी चाहिए। चयनित उम्मीदवारों को 1.44 लाख रुपये सालाना पैकेज मिलेगा।
 सर्विस के 5 पदों के लिए होटल प्रबंधन में डिप्लोमाधारक और अनुभवी महिला एवं पुरुष उम्मीदवार पात्र होंगे। चयनित उम्मीदवारों को सालाना 1.80 लाख रुपये पैकेज मिलेगा। हैड शैफ के एक पद के लिए होटल प्रबंधन में डिप्लोमा या डिग्रीधारक तथा 5 वर्ष का अनुभव रखने वाले पुरुष उम्मीदवार पात्र होंगे। चयनित उम्मीदवार को सालाना 3 लाख रुपये पैकेज मिलेगा। कांटिनेंटल, चाइनीज एवं एशियन और दक्षिण भारतीय व्यंजनों के तीन अलग-अलग शैफ के पदों के लिए भी डिप्लोमाधारक एवं कम से कम 2 वर्ष का अनुभव रखने वाले पुरुष उम्मीदवार पात्र हैं। चयनित उम्मीदवारों को 2.04 लाख रुपये सालाना पैकेज दिया जाएगा। हाउसकीपिंग के 4 पदों के लिए आठवीं या दसवीं पास पुरुष उम्मीदवार पात्र हैं। इन्हें सालाना 1.44 लाख रुपये पैकेज दिया जाएगा। इन सभी पदों के लिए आयु सीमा 21 से 45 वर्ष रखी गई है।  
जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि अगर कोई युवा इन पदों के लिए योग्यता रखता है और उसका नाम किसी भी रोजगार कार्यालय में पंजीकृत है तो वह अपने मूल प्रमाण पत्रों तथा हिमाचली प्रमाण पत्र के साथ साक्षात्कार में भाग ले सकता है।
  भर्ती के संबंध में अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार कार्यालय के दूरभाष नंबर 01972-222318 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल के बयान पर भड़के मंत्री जगत नेगी

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लो जी लीकेज... शुरू हुई खुदाई...
हिमाचल: कर्मचारियों को बड़ी राहत, मार्च-सितंबर के अंतिम दिनों में नियुक्ति वालों के नियमितीकरण में बदले नियम
‘वोट चोरी’ के आरोपों पर गरजीं प्रतिभा सिंह, चुनाव आयोग को घेरा

शिमला 30 सितंबर, अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य, पूर्व सांसद,पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने कहा है कि एस आई आर को लेकर चुनाव आयोग के मतभेद उजागर होने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त के एकतरफा फेंसलों से देश में जनमत चोरी किया जाना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा है कि देश में पहली बार किसी मुख्य चुनाव आयुक्त पर इस प्रकार के गंभीर आरोप लगना देश की चुनाव प्रणाली पर भी गंभीर चिंता की बात है।
प्रतिभा सिंह ने नई दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में भाग लेने के बाद बताया कि बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने पार्टी के नेताओं से देश के संविधान की रक्षा करने,लोकतंत्र में वोट चोरी जैसे महा अपराध को रोकने के लिये देशभर में एक बड़ा अभियान छेड़ने का आह्वान किया है।
प्रतिभा सिंह ने कहा कि भाजपा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिये हर प्रकार के हथकंडे अपना रही है। मीडिया में एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग में मतभेद की खबरों ने देश की चुनाव प्रक्रिया के साथ साथ मतदाता सूची का विशेष निरक्षण जिसके तहत अब तक देश के 13 लाख से अधिक मतदाताओं को उनके मताधिकार से बंचित कर दिया गया हो ऐसे में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नही है।
उन्होंने देश के नागरिकों के अधिकार का हनन किया है इसलिये उन पर देशद्रोह का मुकदमा भी चलाया जाना चाहिए।
प्रतिभा सिंह ने कहा है कि राहुल गांधी ने देश को साफ संदेश दिया है कि कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप बैठने वाली नही। इस महा अपराध के लिये भाजपा को भी देश से माफी मांगनी चाहिए।