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Dainik Uday Samachar

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भिण्ड ब्रेकिंग, चम्बल नदी को पार कर रहे स्टीमर की पेट्रोल खत्म, मचा हड़कंप

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*मेहरा गांव ने जमीन धंसी,भरभरा गिरा भवन,बाकी भवन भी क्षतिग्रस्त, कभी भी गिर सकता है मकान...*
गोरमी के पास अनियंत्रित होकर कर पेड़ से टकराई बड़ा हादसा हुआ
*चंबल नदी के बीच फंसा स्टीमर, 50 से ज्यादा बाइक और करीब 100 यात्री सवार*

मुरैना/ पोरसा क्षेत्र के नगरा साहसपुर घाट से उत्तर प्रदेश के बटेश्वरा महादेव मंदिर जा रहा स्टीमर रविवार सुबह चंबल नदी के बीच अचानक खराब हो गया। इंजन बंद होने और डीजल खत्म होने के बाद स्टीमर तेज बहाव में बहने लगा। बताया जा रहा है कि स्टीमर में 50 से ज्यादा मोटरसाइकिल और करीब 100 यात्री सवार हैं।
यात्री महेश सिंह के मुताबिक स्टीमर के पंखे में कपड़ा फंसने के साथ डीजल भी खत्म हो गया। स्टाफ बल्लियों के सहारे स्टीमर को किनारे लगाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन तेज बहाव के कारण परेशानी हो रही है। यात्रियों में दहशत का माहौल है। बताया जा रहा है कि स्टीमर बहते हुए भिंड जिले की सीमा की ओर पहुंच गया है। यात्रियों ने स्टीमर संचालन में लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रशासन और पुलिस से तत्काल मदद की मांग की है।
मेहदौली में स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर पर निकली विशाल प्राचीन गुफा देखने को मन जन सैलाब
मेहगांव नगर में निकाली गई विशाल तिरंगा यात्रा कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला हुए शामिल
बालरपुरा निकाली गई विशाल तिरंगा यात्रा
मेहगांव थाना पुलिस ने दुष्कर्म के आरोपी को महेश 24 घंटे के अंदर किया गिरफ्तार
भिंड जिले के सिंहपुर में चला सिर्फ रेस्क्यू ऑपरेशन <nis:link nis:type=tag nis:id=bhind nis:value=bhind nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bhindnews nis:value=BhindNews nis:enabled=true nis:link/>
रक्षक ही बन रहे भक्षक,108 एम्बुलेंस ने गायों समेत बाइक में मारी टक्कर,मसेरन मोड़ पर हुए दर्दनाक हादसे मे कई गायों की मौत हुई है,,एक घायल भी हुई है जिसे समय पर उपचार नही मिल रहा है,गौ सेवक सन्तोष चौहान मोके पर..  <nis:link nis:type=tag nis:id=bhind nis:value=bhind nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bhindnews nis:value=bhindnews nis:enabled=true nis:link/>
भिंड पुलिस ने निकाली विशाल तिरंगा यात्रा
Video 11
झारखंड में हेमंत सरकार ने कल एक अहिंसात्मक आन्दोलन, गाँधीवादी आन्दोलन, संवैधानिक आन्दोलन,  डाॅ.अंबेडकरवादी आन्दोलन और शांतिप्रिय आन्दोलन को कुचलने का गंदा खेल खेला जो अलोकतांत्रिक था, संविधान विरोधी था 

36 घंटे से ज्यादा समय निकलने के बाद भी राहुल गाँधी और छाती पीटने वाला इंडी गठबंधन मौन है।

छात्र-छात्राओ की बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज से जिस बेरहमी से पिटाई हुई है, उन घायल बच्चों के लिए इनके पास एक भी शब्द नही है। सत्ता के लालच में अन्याय को अन्याय कहने की इनकी संवेदनाऐ मर चुकी है।

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भिण्ड: पहली बारिश में ही उखड़ गई सड़क, सरपंच पर घटिया निर्माण के लगे आरोप।

भिण्ड जिले के मेहगांव जनपद अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत भारौली कलां में हुए विगत माह सड़क निर्माण की गुणवत्ता की पोल पहली ही बारिश में खुल गई है।

 12 अगस्त 2026 को भारौली कलां में बने इस वीडियो में साफ दिख रहा है कि नई बनी सड़क जगह-जगह से उखड़ कर गिट्टी और कीचड़ में तब्दील हो गई है।

पंचायत निवासियों का आरोप

पंचायत निवासी अंकित सिंह,गोविंद सिंह ने वीडियो बनाकर गंभीर आरोप लगाए हैं। वीडियो में वे सड़क पर हाथ से गिट्टी निकालकर दिखा रहे हैं और कह रहे हैं कि "तीन महीने में रोड पास करी, लोग परेशान हैं, पूरी रोड खुदी रखी है"। उनका कहना है कि घटिया सामग्री से निर्माण किया गया है, जिसके चलते बारिश होते ही सड़क बैठ गई, केवल गिट्टी दिख रही है।

वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है। GPS लोकेशन के अनुसार यह सड़क भारौली कलां, जिला भिण्ड, MP 477332 पर स्थित है।

पहले से विवादों में पंचायत भारौली कलां 
स्थानीय लोगों के अनुसार यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले बस स्टैंड निर्माण से पहले पंचायत खाते से अवैध आहरण के आरोप भी लग चुके हैं। उन आरोपों के चलते पिछले 2 महीने से पंचायत में कोई विकास कार्य नहीं हो पा रहा है, जांच लंबित है।

तस्वीरों में क्या दिखा
- सड़क बीच से पूरी तरह धंस गई है और उसमें गहरे गड्ढे हो गए हैं
- जगह-जगह सिर्फ गिट्टी, मिट्टी और कचरा बचा है
- ग्रामीण गिट्टी पत्थर तोड़कर निर्माण की गुणवत्ता दिखा रहे हैं
- वीडियो 12/08/2026 सुबह 8:40 बजे का है

फिलहाल पंचायत प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई और सड़क के पुनर्निर्माण की मांग की है।
फिर कब सुधरेगा मुख्य मार्ग मार्ग
Bhind : जब तक रोड नहीं तब तक वोट नहीं
*मध्यप्रदेश विधानसभा भवन में आयोजित युवा संसद के लिए चयनित हुए:- विष्णु कौरव*

*आलमपुर/भिंड* मध्य प्रदेश विधानसभा भवन, भोपाल में आगामी 13 और 14 अगस्त को आयोजित होने वाली दो दिवसीय "युवा संसद" के लिए आलमपुर नगर के युवा विचारक "विष्णु कौरव" का चयन हुआ है। इस प्रतिष्ठित आयोजन में विष्णु कौरव भिंड-दतिया संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करेंगे ! इस दो दिवसीय सत्र में देश भर से चयनित युवा 'सांसद' के रूप में पक्ष और विपक्ष की भूमिका के साथ लोकतांत्रिक नीति-निर्माण की प्रक्रिया को समझेंगे जिसमें संसदीय कार्य प्रणाली के दौरान "विष्णु कौरव" देश में लैंगिक न्याय और राष्ट्रीय एकजुटता के लिए *"समान नागरिक संहिता"* (UCC) जैसे महत्वपूर्ण विधेयक की आवश्यकता पर सरकार का मजबूत पक्ष रखेंगे ! गौरतलब है कि इस "युवा संसद" के कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश भर के युवाओं को विधायी और संसदीय कार्यप्रणाली से परिचित कराना है,ताकि उनमें भविष्य के लिए कुशल नेतृत्व क्षमता का विकास हो सके ! परंतु हर्ष का विषय है कि अपने विचारों से सरकार की नीति व मंशा को अधिक प्रभावी बनाने में हमारे नगर के युवा "विष्णु कौरव" की भूमिका रहेगी !
*!!.IPS डॉ. संजुक्ता पाराशर बनीं CRPF की नई IG: असम के जंगलों में AK-47 लेकर उग्रवादियों का खात्मा, ठोक डाले 16आतंकवादी.!!*
देशभक्ति, साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति की जब भी बात आती है, तो भारतीय पुलिस सेवा (IPS) की जांबाज महिला अधिकारियों का नाम सबसे पहले आता है। इन्हीं में से एक बेहद चर्चित नाम है डॉ. संजुक्ता पाराशर का। असम की 'आयरन लेडी' के नाम से मशहूर 2006 बैच की IPS अधिकारी संजुक्ता पाराशर को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में महानिरीक्षक (IG) के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया गया है। संजुक्ता पाराशर की यह नियुक्ति देश भर के उन लाखों युवाओं और छात्रों के लिए एक बड़ा संदेश है, जो चुनौतियों से डरने के बजाय उनका डटकर सामना करने का जज्बा रखते हैं।
*पढ़ाई में अव्वल और JNU से Ph.D.*
3 अक्टूबर 1979 को असम में जन्मीं संजुक्ता पाराशर का बचपन से ही पढ़ाई में गहरा लगाव था। उनके पिता सिंचाई विभाग में इंजीनियर और माता स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत थीं। गुवाहाटी में अपनी शुरुआती स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद वह उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली आ गईं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित इंद्रप्रस्थ कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से इंटरनेशनल रिलेशन में MA, Mphil और Ph.D. की उच्च डिग्री प्राप्त की।
*UPSC में 85वीं रैंक और IPS का चयन*
कड़ी मेहनत और निरंतर प्रयास के दम पर संजुक्ता पराशर ने वर्ष 2006 में सिविल सेवा परीक्षा (UPSC CSE) में पूरे देश में 85वीं ऑल इंडिया रैंक (AIR 85) हासिल की। इतनी शानदार रैंक होने के बावजूद उन्होंने प्रशासनिक सेवा (IAS) के बजाय भारतीय पुलिस सेवा (IPS) को चुना, क्योंकि वह जमीनी स्तर पर देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए काम करना चाहती थीं। उन्हें असम-मेघालय काडर आवंटित किया गया और वह असम की पहली महिला IPS अधिकारियों में शामिल हुईं।
*जंगलों में AK-47 लेकर उग्रवादियों का खात्मा*
असम में अपनी तैनाती के दौरान उन्होंने उग्रवाद प्रभावित इलाकों में कानून-व्यवस्था कायम करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। जब बोडो और अन्य सशस्त्र उग्रवादी गुट असम के घने जंगलों में हिंसा फैला रहे थे, तब संजुक्ता पराशर ने कमांड सेंटर में बैठने के बजाय खुद मैदान में उतरने का फैसला किया। हाथों में AK-47 राइफल थामे घने जंगलों में कमांडो टीमों और सुरक्षा बलों का नेतृत्व करते हुए उन्होंने महज 15 महीनों में 16 से अधिक खतरनाक उग्रवादियों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया और 64 से ज्यादा को गिरफ्तार किया। उनके इसी अदम्य साहस और निडर नेतृत्व के कारण उन्हें 'आयरन लेडी ऑफ असम' का खिताब मिला।
*NIA से लेकर CRPF तक का शानदार सफर*
संजुक्ता पाराशर ने केवल मैदानी अभियानों में ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में उप महानिरीक्षक (DIG) के रूप में भी कई राष्ट्रीय सुरक्षा जांचों को अंजाम दिया। देश के प्रति उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें 'गृह मंत्री पदक' से भी सम्मानित किया जा चुका है।अब देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल CRPF में IG पद पर उनकी नियुक्ति उनकी प्रतिभा और निडर नेतृत्व पर मुहर लगाती है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए संजुक्ता पराशर का जीवन यह सीख देता है कि यदि इरादे मजबूत हों, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।
*रोड नहीं तो वोट नहीं, मुख्य मार्ग की समस्या से पीड़ित ग्रामीणों ने उठाई आवाज*

भिण्ड : दर्शल ये मामला भिंड जिला के अंतर्गत आने वाले जनपद पंचायत मेहगांव के पूर्व राज्य मंत्री के गांव अक्लोनी का है, जहां शिव कॉलोनी को बसे हुए लगभग 40 साल बीते पर अभी तक नहीं बनी रोड पंचायतें आई गई कई जनप्रतिनिधि बने राज्य मंत्री बने पर यहां की नहीं ली किसी ने सूद, परेशान होकर ग्रामीणों ने उठाया कदम कहा यदि रोड नहीं तो वोट नहीं मीडिया से लगाई गुहार बोले अगर हमारी रोड नहीं बन सकती तो यहां किसी भी सांसद प्रतिनिधि एवं जनप्रतिनिधि विधायक मंत्री किसी को भी यहां आने की कोई आवश्यकता नहीं है, ग्रामीणों का कहना कई बार की शिकायत कई बार राज्य मंत्री से लेकर कई मंत्रियों जिला प्रशासन तक लगाई गुहार पर नहीं हुई सुनवाई, यहां स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय जो मुख्य मार्ग से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर पर यहां तक पहुंचाने का रास्ता अति दुर्गम ऐसी स्थिति में विद्यार्थियों का यहां जाना संभव, बरसों से परेशान चल रहे ग्रामीण बोले कि अब नहीं सहेंगे ग्रामीणों ने कहा कि आप हमें वोट देने का कोई फायदा नजर नहीं आता है जब वोट लेने आते हैं तब चाहे कोई भी हो बाहर लगते हैं गिड़गिड़ाते हैं पर जैसे ही उनका काम निकल जाता है फिर यहां की कोई शुध नहीं लेता , इसलिए अब हम सब ने यह निर्णय किया है कि जब तक हमारी रोड का निर्माण नहीं होगा तब तक किसी भी चुनाव में वोटिंग नहीं करेंगे, ग्रामीण बोले बीमार हो जाने पर भी मुख्य मार्ग तक पहुंचाने के लिए पीड़ित को खाट पर रखकर ले जाना पड़ता है क्योंकि यहां तक कोई वहां नहीं पहुंच सकता, इस संबंध में कई मंत्री राजनेता एवं वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष से भी की गई बात पर नहीं हुई किसी भी तरीके की सुनवाई, जिले में ऐसे सैकड़ो गांव पर कहां सो रहा है प्रशासन क्यों नहीं नजर आती उनकी समस्याएं या शासन नहीं मानता इनको अपना नागरिक विकास की बात करने वाली भाजपा सरकार आखिर क्यों उनकी ओर नहीं दे रही है ध्यान क्या है वजह और क्या है मसाला पीड़ित ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री तक लगाई गुहार की उनकी बात सुने और यहां शीघ्र अति शीघ्र हो मुख्य मार्ग से लेकर मजरे तक रोड का निर्माण <nis:link nis:type=tag nis:id=bhind nis:value=bhind nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=madhyapradesh nis:value=MadhyaPradesh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bsp_bhind nis:value=bsp_bhind nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=भिण्ड nis:value=भिण्ड nis:enabled=true nis:link/> Collector Office Bhind Kamna Singh CM Madhya Pradesh राहुल भदौरिया मेहगांव शिवा कांकर मेहगांव OPS Bhadoria KP Singh Bhadauriya PRO Bhind
*रोड नहीं तो वोट नहीं, मुख्य मार्ग की समस्या से पीड़ित ग्रामीणों ने उठाई आवाज*

भिण्ड : दर्शल ये मामला भिंड जिला के अंतर्गत आने वाले जनपद पंचायत मेहगांव के पूर्व राज्य मंत्री के गांव अक्लोनी का है, जहां शिव कॉलोनी को बसे हुए लगभग 40 साल बीते पर अभी तक नहीं बनी रोड पंचायतें आई गई कई जनप्रतिनिधि बने राज्य मंत्री बने पर यहां की नहीं ली किसी ने सूद, परेशान होकर ग्रामीणों ने उठाया कदम कहा यदि रोड नहीं तो वोट नहीं मीडिया से लगाई गुहार बोले अगर हमारी रोड नहीं बन सकती तो यहां किसी भी सांसद प्रतिनिधि एवं जनप्रतिनिधि विधायक मंत्री किसी को भी यहां आने की कोई आवश्यकता नहीं है, ग्रामीणों का कहना कई बार की शिकायत कई बार राज्य मंत्री से लेकर कई मंत्रियों जिला प्रशासन तक लगाई गुहार पर नहीं हुई सुनवाई, यहां स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय जो मुख्य मार्ग से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर पर यहां तक पहुंचाने का रास्ता अति दुर्गम ऐसी स्थिति में विद्यार्थियों का यहां जाना संभव, बरसों से परेशान चल रहे ग्रामीण बोले कि अब नहीं सहेंगे ग्रामीणों ने कहा कि आप हमें वोट देने का कोई फायदा नजर नहीं आता है जब वोट लेने आते हैं तब चाहे कोई भी हो बाहर लगते हैं गिड़गिड़ाते हैं पर जैसे ही उनका काम निकल जाता है फिर यहां की कोई शुध नहीं लेता , इसलिए अब हम सब ने यह निर्णय किया है कि जब तक हमारी रोड का निर्माण नहीं होगा तब तक किसी भी चुनाव में वोटिंग नहीं करेंगे, ग्रामीण बोले बीमार हो जाने पर भी मुख्य मार्ग तक पहुंचाने के लिए पीड़ित को खाट पर रखकर ले जाना पड़ता है क्योंकि यहां तक कोई वहां नहीं पहुंच सकता, इस संबंध में कई मंत्री राजनेता एवं वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष से भी की गई बात पर नहीं हुई किसी भी तरीके की सुनवाई, जिले में ऐसे सैकड़ो गांव पर कहां सो रहा है प्रशासन क्यों नहीं नजर आती उनकी समस्याएं या शासन नहीं मानता इनको अपना नागरिक विकास की बात करने वाली भाजपा सरकार आखिर क्यों उनकी ओर नहीं दे रही है ध्यान क्या है वजह और क्या है मसाला पीड़ित ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री तक लगाई गुहार की उनकी बात सुने और यहां शीघ्र अति शीघ्र हो मुख्य मार्ग से लेकर मजरे तक रोड का निर्माण <nis:link nis:type=tag nis:id=bhind nis:value=bhind nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=madhyapradesh nis:value=MadhyaPradesh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bsp_bhind nis:value=bsp_bhind nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=भिण्ड nis:value=भिण्ड nis:enabled=true nis:link/> 100066711552147:2048:Collector Office Bhind 100088803454283:2048:Kamna Singh 100044445579131:2048:CM Madhya Pradesh 100051374607302:2048:राहुल भदौरिया मेहगांव 100015268234573:2048:शिवा कांकर मेहगांव 100044951410768:2048:OPS Bhadoria 100002886525655:2048:KP Singh Bhadauriya 100064438433927:2048:PRO Bhind Part 23
*रोड नहीं तो वोट नहीं, मुख्य मार्ग की समस्या से पीड़ित ग्रामीणों ने उठाई आवाज*

भिण्ड : दर्शल ये मामला भिंड जिला के अंतर्गत आने वाले जनपद पंचायत मेहगांव के पूर्व राज्य मंत्री के गांव अक्लोनी का है, जहां शिव कॉलोनी को बसे हुए लगभग 40 साल बीते पर अभी तक नहीं बनी रोड पंचायतें आई गई कई जनप्रतिनिधि बने राज्य मंत्री बने पर यहां की नहीं ली किसी ने सूद, परेशान होकर ग्रामीणों ने उठाया कदम कहा यदि रोड नहीं तो वोट नहीं मीडिया से लगाई गुहार बोले अगर हमारी रोड नहीं बन सकती तो यहां किसी भी सांसद प्रतिनिधि एवं जनप्रतिनिधि विधायक मंत्री किसी को भी यहां आने की कोई आवश्यकता नहीं है, ग्रामीणों का कहना कई बार की शिकायत कई बार राज्य मंत्री से लेकर कई मंत्रियों जिला प्रशासन तक लगाई गुहार पर नहीं हुई सुनवाई, यहां स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय जो मुख्य मार्ग से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर पर यहां तक पहुंचाने का रास्ता अति दुर्गम ऐसी स्थिति में विद्यार्थियों का यहां जाना संभव, बरसों से परेशान चल रहे ग्रामीण बोले कि अब नहीं सहेंगे ग्रामीणों ने कहा कि आप हमें वोट देने का कोई फायदा नजर नहीं आता है जब वोट लेने आते हैं तब चाहे कोई भी हो बाहर लगते हैं गिड़गिड़ाते हैं पर जैसे ही उनका काम निकल जाता है फिर यहां की कोई शुध नहीं लेता , इसलिए अब हम सब ने यह निर्णय किया है कि जब तक हमारी रोड का निर्माण नहीं होगा तब तक किसी भी चुनाव में वोटिंग नहीं करेंगे, ग्रामीण बोले बीमार हो जाने पर भी मुख्य मार्ग तक पहुंचाने के लिए पीड़ित को खाट पर रखकर ले जाना पड़ता है क्योंकि यहां तक कोई वहां नहीं पहुंच सकता, इस संबंध में कई मंत्री राजनेता एवं वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष से भी की गई बात पर नहीं हुई किसी भी तरीके की सुनवाई, जिले में ऐसे सैकड़ो गांव पर कहां सो रहा है प्रशासन क्यों नहीं नजर आती उनकी समस्याएं या शासन नहीं मानता इनको अपना नागरिक विकास की बात करने वाली भाजपा सरकार आखिर क्यों उनकी ओर नहीं दे रही है ध्यान क्या है वजह और क्या है मसाला पीड़ित ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री तक लगाई गुहार की उनकी बात सुने और यहां शीघ्र अति शीघ्र हो मुख्य मार्ग से लेकर मजरे तक रोड का निर्माण <nis:link nis:type=tag nis:id=bhind nis:value=bhind nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=madhyapradesh nis:value=MadhyaPradesh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bsp_bhind nis:value=bsp_bhind nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=भिण्ड nis:value=भिण्ड nis:enabled=true nis:link/> 100066711552147:2048:Collector Office Bhind 100088803454283:2048:Kamna Singh 100044445579131:2048:CM Madhya Pradesh 100051374607302:2048:राहुल भदौरिया मेहगांव 100015268234573:2048:शिवा कांकर मेहगांव 100044951410768:2048:OPS Bhadoria 100002886525655:2048:KP Singh Bhadauriya 100064438433927:2048:PRO Bhind Part 22
आज की प्रमुख खबरे...
गोरमी विशेष...
Bhind : भिंड जिले के उमरी में स्थित एक किलोमीटर के अंदर दो टोल लगाए जाने को लेकर विरोध जारी ग्रामीणों ने उठाए सवाल पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह बोले यदि ऐसा ही चला रहा तो ग्रामीणों के साथ करूंगा आंदोलन उखाड़ फेंक दूंगा यह टोल
*लहार सिविल अस्पताल की बड़ी लापरवाही*
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*दो घंटे तक तड़पता रहा सड़क हादसे का घायल, इमरजेंसी में नहीं मिला डॉक्टर*
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*अस्पताल के बाहर लावारिस हालत में पड़ा रहा घायल युवक, उपचार के अभाव में परिजन और राहगीरों में आक्रोश*
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      बांके तिगुनायक/देवानंद नायक 
लहार। प्रदेश सरकार जहां बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे कर रही है, वहीं लहार सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। शुक्रवार को रावतपुरा थाना क्षेत्र के महुआ के पास सड़क दुर्घटना में घायल हुए युवक को इलाज के लिए लहार सिविल अस्पताल लाया गया, लेकिन आरोप है कि अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। नतीजतन घायल युवक करीब दो घंटे तक दर्द से तड़पता रहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घायल युवक को अस्पताल परिसर के बाहर ही लावारिस अवस्था में छोड़ दिया गया। समय पर उपचार नहीं मिलने से उसकी हालत बिगड़ती रही। अस्पताल में मौजूद लोगों ने कई बार चिकित्सकों और स्टाफ को सूचना देने का प्रयास किया, लेकिन काफी देर तक कोई जिम्मेदार अधिकारी या डॉक्टर मौके पर नहीं पहुंचा।
बाद में घायल की पहचान असवार निवासी धीरेंद्र पुत्र प्रेमनारायण जोशी के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि वह रावतपुरा थाना क्षेत्र के महुआ के पास सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुआ था।
*पहले भी उठते रहे हैं सवाल*
लहार सिविल अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर यह पहला मामला नहीं है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति, इमरजेंसी सेवाओं में लापरवाही और मरीजों की अनदेखी की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। कई बार शिकायतें उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बावजूद व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ।
*जिम्मेदार कौन?*
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी पर डॉक्टर मौजूद नहीं थे तो गंभीर मरीजों का उपचार कैसे किया जा रहा है अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही तय क्यों नहीं की जा रही यदि समय पर उपचार नहीं मिलता तो किसी भी घायल की जान जोखिम में पड़ सकती है।
*सीएमएचओ की कार्यप्रणाली पर भी सवाल*
लगातार सामने आ रही शिकायतों के बावजूद जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) द्वारा लहार सिविल अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से लोगों में नाराजगी है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई होती, तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होती।
*जनता के सवाल*
क्या लहार सिविल अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं केवल कागजों तक सीमित हैं?
दुर्घटना में घायल मरीज को समय पर इलाज क्यों नहीं मिला?
ड्यूटी पर डॉक्टर अनुपस्थित थे तो जिम्मेदारी किसकी है?
अस्पताल परिसर के बाहर घायल को लावारिस हालत में क्यों छोड़ दिया गया?
जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी लगातार मिल रही शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे?