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HARDOI EXPRESS INDIA NEWS

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जिस बेटे के लिए किया था व्रत, सुबह उसी की लाश देख टूट गई मां; वियतनाम में हुई थी जमशेदपुर के 'राजा' की मौत

जमशेदपुर। कदमा के शास्त्रीनगर ब्लॉक नंबर चार में रविवार की सुबह करुण क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया।

बेटे की सलामती के लिए जितिया का उपवास रखने वाली लग्न देवी ने पारण के बाद जैसे ही घर के दरवाजे पर बेटे विनय कुमार राय का शव देखा, वह बदहवास हो गईं।

बेटे को उठाने का प्रयास करते हुए बार-बार कहती रहीं, "बेटा, तुम्हारे लिए उपवास किया है, उठ जाओ।" उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।

रमेश राय के पुत्र विनय कुमार राय दो वर्ष पहले योग शिक्षा का प्रशिक्षण लेकर वियतनाम गए थे। 25 सितंबर की रात हल्की बारिश के दौरान विनय और रांची निवासी राजा कुमार स्कूटी से घर लौट रहे थे।

बारिश के कारण स्कूटी फिसल गई और अनियंत्रित होकर सामने से आ रही ओमनी कार से जा टकराई। हादसे में दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।

शनिवार देर रात पहुंचा शव

सांसद विद्युत वरण महतो, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और विदेश मंत्री एस. जयशंकर की पहल के बाद शनिवार देर रात विनय का पार्थिव शरीर जमशेदपुर पहुंचा। शव को टीएमएच में रखा गया था। रविवार सुबह शव घर पहुंचते ही परिजनों का धैर्य जवाब दे गया।

मां लग्न देवी बेटे के चेहरे को निहारते हुए उसे वापस लौटाने की गुहार भगवान से करती रहीं। पिता रमेश राय, दादा-दादी भी खुद को संभाल नहीं सके।

कुछ देर पहले जिस बेटे की सलामती के लिए मां ने व्रत रखा था, उसी बेटे के शव को अंतिम संस्कार के लिए उठते देख घर में कोहराम मच गया।

अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। शोकाकुल लोगों का हुजूम बिष्टुपुर स्थित पार्वती घाट पहुंचा, जहां विनय का अंतिम संस्कार किया गया।
शादी के 5 साल बाद पत्नी के कमरे में मिला एक बंद दरवाजा, पति ने पहली बार अंदर झांककर देखा तो सामने आई ऐसी सच्चाई जिसने पूरे परिवार को हिला दिया!

महाराष्ट्र के नागपुर में रहने वाली 33 वर्षीय काव्या की शादी को पांच साल हो चुके थे। उसका पति रोहित एक निजी कंपनी में काम करता था। दोनों एक पुराने मकान में रहते थे, जिसे रोहित के दादा ने बनवाया था।

घर में सब कुछ सामान्य था, लेकिन मकान के ऊपरी हिस्से में बना एक छोटा कमरा हमेशा बंद रहता था। काव्या ने शादी के बाद रोहित को उस कमरे के पास जाने से भी कई बार रोका था।

रोहित ने जब भी उस कमरे के बारे में पूछा, काव्या कहती कि वहां पुराना और बेकार सामान रखा है। लेकिन एक दिन घर की सफाई करते समय उसे उस दरवाजे के नीचे से एक पुरानी तस्वीर दिखाई दी। तस्वीर में काव्या एक अनजान बुजुर्ग महिला के साथ खड़ी थी। तस्वीर के पीछे लाल स्याही से लिखा था-"जिस दिन सच सामने आएगा, उस दिन यह घर पहले जैसा नहीं रहेगा।"

रोहित ने तस्वीर काव्या को दिखाई तो उसका चेहरा उतर गया। उसने तस्वीर अपने हाथ में ली, कुछ देर तक उसे देखती रही और फिर बिना कुछ बताए वहां से चली गई। अब रोहित का शक गहरा गया था। उसे लगा कि उसकी पत्नी ने शादी से पहले की जिंदगी का कोई बड़ा राज छिपा रखा है।

अगले दिन काव्या बाजार गई हुई थी। रोहित को पुराने सामान की अलमारी में उस कमरे की चाबी मिल गई। उसने ताला खोला और दरवाजा धीरे से धकेला। कमरे में धूल जमी थी। एक कोने में लकड़ी का संदूक, दीवार के सहारे रखी कुछ पुरानी कुर्सियां और मेज पर फाइलों का ढेर था। कमरे की दीवार पर कई तस्वीरें लगी थीं। उनमें एक तस्वीर ऐसी थी, जिसे देखकर रोहित के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसमें उसके अपने पिता काव्या के साथ खड़े थे।

संदूक खोलने पर रोहित को पुराने पत्र, कुछ दस्तावेज और एक छोटी डायरी मिली। डायरी में दर्ज जानकारी के मुताबिक, कई साल पहले रोहित के पिता ने इस मकान के एक हिस्से में महिलाओं के लिए सिलाई प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने में मदद की थी। काव्या उस केंद्र में प्रशिक्षक के रूप में काम करती थी। तस्वीर में दिखाई देने वाली बुजुर्ग महिला उसी केंद्र की पहली संचालिका थीं।

लेकिन कुछ समय बाद केंद्र अचानक बंद हो गया था। परिवार में यह बात फैला दी गई थी कि संचालिका पैसे लेकर गायब हो गई थीं। डायरी में लिखी बातों से पता चला कि असल में केंद्र के लिए जमा की गई रकम का हिसाब अधूरा था और संचालिका पर गलत आरोप लगा था। रोहित के पिता ने उनकी बेगुनाही साबित करने के लिए कुछ रसीदें और रिकॉर्ड सुरक्षित रखे थे, लेकिन बीमारी के कारण वह मामला पूरा नहीं कर पाए।

शाम को काव्या घर लौटी तो रोहित ने उससे पूरी बात पूछी। काव्या ने बताया कि वह उस केंद्र में काम करने वाली आखिरी प्रशिक्षकों में से एक थी। संचालिका की मृत्यु से पहले उन्होंने काव्या से वादा लिया था कि सही दस्तावेज मिलने पर उनका नाम साफ कराया जाएगा। वह वर्षों से उन रिकॉर्ड को संभालकर रखे थी, क्योंकि उसे डर था कि पुराना विवाद दोबारा परिवार में तनाव पैदा कर देगा।

रोहित ने डायरी और दस्तावेज ध्यान से देखे। कुछ रसीदें और पुराने हिसाब अब भी मौजूद थे। दोनों ने बाकी रिकॉर्ड खोजने और मामले की सच्चाई संबंधित लोगों तक पहुंचाने का फैसला किया। कुछ सप्ताह बाद पुराने केंद्र से जुड़े लोगों की मदद से रकम के इस्तेमाल का हिसाब स्पष्ट हुआ और संचालिका पर लगा आरोप गलत साबित हुआ।

जिस बंद कमरे को रोहित अपनी पत्नी का रहस्यमय राज समझ रहा था, वह दरअसल एक अधूरे वादे और एक निर्दोष महिला की प्रतिष्ठा से जुड़ा था। उस दिन के बाद कमरे का ताला हमेशा के लिए खोल दिया गया। काव्या ने वहां फिर से सिलाई प्रशिक्षण शुरू करने का फैसला किया-ताकि उस जगह का उद्देश्य दोबारा जीवित हो सके।
जिस कलाई पर 15 साल बांधी राखी, उसे के नाम का पहन लिया मंगलसूत्र. प्रयागराज में घरवालों ने कर दिया बेटी का अंतिम संस्कार!...

प्रयागराज लोग प्यार में अंधे हो जाते हैं, ये तो आपने कई बार सुना होगा, लेकिन क्या आपने कभी ऐसी कहानी सुनी है, जहां कोई लड़की उसी शख्स से शादी कर ले, जिसे वह सालों तक अपना भाई मानकर राखी बांधती रही हो?

जी हां, सही सुना आपने प्रयागराज से सामने आई इस कहानी ने रिश्तों की परिभाषा पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां 20 साल की एक युवती ने उस युवक से शादी कर ली, जिसे उसका परिवार करीब 15 साल से भाई मानता था.

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि युवती खुद भी उसे बचपन से राखी बांधती थी. शादी की खबर सामने आते ही परिवार ने बेटी को मृत मानकर उसका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार तक कर दिया. हालांकि, युवती का कहना है कि उसने अपनी मर्जी से शादी की है और वह अपने पति के साथ खुश है. ऐसे में चलिए विस्तार से जानें कि जो लड़की युवक को सालों से राखी बांधती थी, अचानक उसके मन में उसके लिए प्रेमी वाला प्रेम-भाव कैसे पनप गया.

मामला यमुनागर स्थित औद्योगिक थाना इलाके का बताया जा रहा है. परिवार के मुताबिक 22 साल के शाश्वत का उनके घर लंबे समय से आना-जाना था. वह LLB की पढ़ाई कर रहा है और उसके पिता बिजली विभाग में नौकरी करते हैं. परिवार का कहना है कि शाश्वत और उनकी 20 साल की बेटी नंदिनी के बीच भाई-बहन जैसा रिश्ता था और युवती करीब 15 सालों से उसे राखी बांधती आ रही थी. उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि दोनों के बीच कब प्रेमी-प्रेमिका वाली नजदीकियां बढ़ीं. 20 सितंबर को दोनों घर से चले गए और बाद में उन्होंने इंटरकास्ट मैरिज कर लिया. इसके बाद परिवार में हड़कंप मच गया.

शादी की खबर मिलने के बाद युवती के पिता गणेश ने उसे मृत मानकर प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार किया. परिवार की ओर से उसकी तस्वीर पर 'स्वर्गीय' लिखे जाने की बात सामने आई है. परिजनों ने 22 सितंबर को उसकी पुण्यतिथि जैसी रस्में पूरी करने का दावा किया. मां का कहना है कि परिवार अब बेटी से अपना रिश्ता खत्म कर चुका है.

दूसरी तरफ युवती ने एक वीडियो जारी कर परिवार के आरोपों को खारिज किया है. उसका कहना है कि उसने शाश्वत से अपनी इच्छा से शादी की है और वह अपने पति के साथ खुश है. उसने परिवार से उसे और उसके पति को परेशान नहीं करने की अपील भी की. युवती ने अपने पिता गणेश पर मारपीट और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं.

नंदिनी का दावा है कि वह लंबे समय से बीमार थी, लेकिन परिवार ने उसका ठीक से इलाज नहीं कराया. शादी के बाद पति और ससुराल वालों द्वारा इलाज और देखभाल किए जाने की बात भी उसने कही है. घर से दो लाख रुपये ले जाने के आरोप से भी उसने इनकार किया. वहीं, परिवार का आरोप है कि शाश्वत उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया. फिलहाल दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं. युवती की शादी उसकी सहमति से हुई या मामले में कोई अन्य पहलू है, इसकी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी.
शिष्य की मौत के 9 दिन बाद प्रेमानंद महाराज की तरफ से आया पहला बयान, बताया आखिर हुआ क्या था?

वृंदावन के मशहूर संत प्रेमानंद महाराज का 'श्री हित राधा केलि कुंज आश्रम' लगातार विवादों में घिरा हुआ है। आश्रम में शिष्य साधक दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद विवाद और बढ़ गया है।

25 सितंबर को हुई इस घटना के बाद कई सवाल उठे। घटना के पूरे 9 दिन बीतने के बाद आखिरकार प्रेमानंद महाराज के राधा केलि कुंज ट्रस्ट ने अपनी चुप्पी तोड़ी है।

ट्रस्ट ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर एक अपील जारी कर सफाई दी है। ट्रस्ट ने घटना पर दुख जताया है और पुलिस जांच में सहयोग की बात कही है। साथ ही लोगों से अधूरी जानकारी और अफवाहों के आधार पर प्रेमानंद महाराज या आश्रम की छवि खराब नहीं करने की अपील की है। हालांकि बयान सामने आने के बाद भी कई ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब मिलना अभी बाकी हैं।

9 दिन बाद आई सफाई में आश्रम प्रबंधन ने क्या कहा?

आश्रम प्रबंधन ने सोशल मीडिया पर जारी अपनी अपील में कहा कि शिष्य की मौत की घटना से पूज्य महाराज जी और पूरा आश्रम परिवार गहरा आहत है। ट्रस्ट की तरफ से जारी बयान में लिखा गया,

"हम दिवंगत साधक के परिवार के साथ अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। आश्रम प्रशासन पुलिस की निष्पक्ष जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक सभी भक्तों और आम जनता से गुजारिश है कि अधूरी खबरों या अफवाहों के आधार पर पूज्य महाराज जी और आश्रम की छवि खराब करने की कोशिश न करें।"

यह बयान ऐसे समय आया है, जब घटना को लेकर सोशल मीडिया और सार्वजनिक स्तर पर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। इसी वजह से बयान जारी होने के समय को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, ट्रस्ट ने अपने संदेश में जांच को ही घटना की सच्चाई सामने लाने का रास्ता बताया है।

दीपक लोधी की मौत में अब तक क्या पता चला?

रसिक दुलारी शरण को दीपक लोधी के नाम से भी जाना जाता था। रिपोर्टों के मुताबिक, 25 सितंबर को वह गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल से नीचे गिर गए थे। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस जांच में मौत की परिस्थितियों को समझने की कोशिश की जा रही है।

इस मामले में कई सवाल इसलिए भी उठे क्योंकि मौत से पहले और बाद की परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग बातें सामने आईं। कुछ रिपोर्टों में शरीर पर चोट और कमरे से सामान मिलने का जिक्र है। इन दावों की सच्चाई जांच के बाद ही तय होगी। अभी किसी एक वजह को अंतिम सच मानना जल्दबाजी होगी।

आश्रम के बाहर 3 परिवारों का हंगामा, अपनों की तलाश में भटक रहे लोग

एक तरफ शिष्य की मौत का रहस्य सुलझा नहीं था, वहीं दूसरी तरफ अब गायब हुए श्रद्धालुओं के परिजनों ने आश्रम के बाहर मोर्चा खोल दिया है। अलग-अलग जगहों से पहुंचे तीन परिवारों ने आश्रम के मुख्य द्वार पर जमकर नारेबाजी और हंगामा किया।

कासगंज का 16 साल का मयंक: कासगंज की आवास विकास कॉलोनी निवासी 16 वर्षीय मयंक का मामला भी सामने आया है। परिवार के मुताबिक, वह 7 अगस्त को प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए घर से निकला था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिवार लगातार उसकी तलाश कर रहा है। इस मामले में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने की बात भी सामने आई है।

संभाजीनगर (महाराष्ट्र) की उज्ज्वला: महाराष्ट्र के संभाजी नगर से आईं उज्ज्वला भी अपने लापता परिजन की तलाश में आश्रम पहुंची हैं। वहीं, मथुरा के देवी आटस इलाके का एक परिवार भी अपने लापता सदस्य की खोज में आश्रम के चक्कर लगा रहा है। अलग-अलग परिवारों के इस तरह सामने आने से मामला और चर्चा में आ गया है।

मथुरा (देवी आटस) का परिवार: स्थानीय देवी आटस इलाके का एक परिवार भी अपने गायब परिजन का सुराग लगाने के लिए आश्रम के चक्कर काट रहा है।

परिजन बोले- दर्शन के लिए आए, फिर कहां गए?

परिजनों का कहना है कि उनके लोग दर्शन की बात कहकर वृंदावन आए थे। इसके बाद उनका पता नहीं चला। इसी सवाल के साथ परिवार आश्रम के बाहर पहुंचे और नारेबाजी की।

दूसरी तरफ आश्रम से जुड़े कुछ सेवादारों ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया। उनका कहना है कि प्रेमानंद महाराज और आश्रम की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। प्रदर्शन के दौरान कुछ सेवादारों और परिजनों के बीच बहस की खबरें भी सामने आई हैं। कुछ रिपोर्टों में मीडियाकर्मियों से विवाद और पुलिस द्वारा कुछ लोगों को हिरासत में लिए जाने का भी जिक्र है।

सबसे बड़ा सवाल- जांच कब देगी इन सवालों के जवाब?

इस पूरे मामले में फिलहाल सबसे जरूरी बात तथ्य और जांच है। दीपक लोधी की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी पूरी तस्वीर जांच से ही सामने आएगी। इसी तरह जिन लोगों के लापता होने की शिकायत परिवार कर रहे हैं, उनकी तलाश और पुलिस रिकॉर्ड से यह पता चलेगा कि वे आखिरी बार कहां देखे गए थे।

मथुरा पुलिस के एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने कहा है कि जिन लोगों के परिजन लापता हैं और उन्होंने पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई है, वे पुलिस से संपर्क करें। पुलिस उनकी हर संभव मदद करेगी।

फिलहाल दो मामले एक साथ चर्चा में हैं। एक तरफ रसिक दुलारी शरण की मौत की जांच है। दूसरी तरफ कुछ परिवार अपने लापता परिजनों को खोज रहे हैं। आश्रम की तरफ से जांच में सहयोग और अफवाहों से बचने की अपील की गई है। अब निगाह पुलिस जांच पर है। उसी से यह साफ होगा कि इन मामलों में असल घटनाक्रम क्या था और किन दावों में कितनी सच्चाई है।
'दूसरी शादी करूंगी, तलाक दो...', बिलासपुर में महिला कांस्टेबल ने मांगा डाइवोर्स, इनकार पर शिक्षक पति को पीटा

बिलासपुर। सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में सरकारी शिक्षक और उसकी आरक्षक पत्नी के बीच पारिवारिक विवाद पुलिस तक पहुंच गया है। शिक्षक ने अपनी पत्नी शकुंतला बंजारे और सास रोहणी बाई पर मारपीट करने और धमकी देने का आरोप लगाया है।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने दोनों महिलाओं के खिलाफ संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

दूसरी शादी की बात पर हुआ विवाद

जांजगीर-चांपा जिले के डभरा क्षेत्र के ग्राम तेंदुमुंडी छिपिया निवासी किसन कुमार दिव्य प्राथमिक शाला पथरी में शिक्षक हैं। वर्तमान में वह महगई में किराए को परिवार से मिलने गांव पहुंचे थे। उस समय उनकी सास रोहणी बाई भी घर पर मौजूद थीं। 27 सितंबर की रात करीब दो बजे पत्नी ने किसन से कहा कि वह अब उनकेिसन ने तलाक देने से इनकार किया तो दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया।

आरोप है कि इसके बाद पत्नी और सास ने गाली-गलौज करते हुए शिक्षक के साथ लात और मुक्कों से मारपीट की कुमार सिरगिट्टी थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पत्नी शकुंतला ब आया है। शिक्षक की शिकायत से करीब चार दिन पहले महिला आरक्षक ने भी पुलिस में शिकायत दी थी। उसने पति पर के मकान में रहते हैं, जबकि उनकी पत्नी शकुंतला बंजारे और बच्चे बिलासपुर में रहते हैं।

शिकायत के अनुसार, किसन 26 सितंबर को परिवार से मिलने गांव पहुंचे थे। उस समय उनकी सास रोहणी बाई भी घर पर मौजूद थीं। 27 सितंबर की रात करीब दो बजे पत्नी ने किसन से कहा कि वह अब उनके साथ नहीं रहना चाहती और दूसरी शादी करेगी। इसके लिए उसने तलाक देने की बात कही।

पत्नी और सास पर मारपीट का आरोप

किसन ने तलाक देने से इनकार किया तो दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि इसके बाद पत्नी और सास ने गाली-गलौज करते हुए शिक्षक के साथ लात और मुक्कों से मारपीट की।

शिक्षक ने पुलिस को बताया कि पत्नी ने खुद को रेलवे पुलिस में पदस्थ बताते हुए उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी। इसके अलावा रेलवे ट्रैक पर फेंक देने की बात कहने का आरोप है।

थाने पहुंचकर दर्ज कराई शिकायत

घटना के बाद किसन कुमार सिरगिट्टी थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पत्नी शकुंतला बंजारे और सास रोहणी बाई के खिलाफ संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज किया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

पत्नी ने भी दर्ज कराई शिकायत

इस मामले में एक और पक्ष सामने आया है। शिक्षक की शिकायत से करीब चार दिन पहले महिला आरक्षक ने भी पुलिस में शिकायत दी थी। उसने पति पर चरित्र को लेकर शंका के चलते मारपीट करने का आरोप लगाया था। उसकी शिकायत पर भी पुलिस ने अपराध दर्ज किया है। अब शिक्षक ने अपनी आरक्षक पत्नी के खिलाफ शिकायत की है। दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
आजमगढ़ से महंगा पड़ा तो गोरखपुर जिले में ही काटने लगे गोवंश, आजाद निकला मास्टरमाइंड

गोला, (गोरखपुर)। गोवंशीय पशुओं के मांस के अवैध कारोबार की जांच आगे बढ़ने के साथ जिले में फैले नेटवर्क की कड़ियां सामने आने लगी हैं। पुलिस के अनुसार, इस गोरखधंधे का मास्टरमाइंड आजाद है।

पहले गिरोह के लोग आजमगढ़ से मांस मंगाकर बेचता था।

वहां से मांस लाने में लागत बढ़ने लगी तो जिले में ही छुट्टा गोवंश को काटकर मांस बेचने की योजना बनाई गई। गोला के धौसहर उर्फ बेलवाबारी से लेकर उरुवा और पीपीगंज तक इसके तार जुड़े होने की जानकारी पुलिस की पूछताछ में सामने आई है।

पुलिस के मुताबिक आजमगढ़ से मांस 270 से 230 रुपये किलो तक पड़ता था। लाने-ले जाने का खर्च अलग था। इसके बाद गोरखपुर में यही मांस 330 से 400 रुपये किलो तक बेचते थे। इसी मुनाफे को देखते हुए जिले में ही पशुओं को काटने का रास्ता अपनाया गया। स्थानीय स्तर पर ग्राहक तैयार होने से कारोबारियों को बाहर से मांस मंगाने की जरूरत भी कम हो गई।

आजाद इस नेटवर्क की मुख्य कड़ी है। उसकी ससुराल पीपीगंज क्षेत्र में है और वहीं रहकर वह आजमगढ़ से मांस लाने और उसे अलग-अलग ग्राहकों तक पहुंचाने का काम करता था। वह एक बार में करीब 10 से 12 किलो मांस लाता था। कभी आजमगढ़ तो कभी कुशीनगर से मांस लाने की बात भी पुलिस की जांच में सामने आई है। पुलिस के अनुसार, पीपीगंज और आसपास की कालोनियों तथा नातेदारों के बीच इसकी बिक्री की जाती थी।

वर्ष 2024 में पुलिस ने आजाद को पकड़ा था और 2026 में जेल से छूटा। बाहर आने के बाद काम नहीं मिलने पर वह फिर इसी धंधे में लग गया। गोला पुलिस ने सत्यापन कर उसे पीपीगंज में रहने वाला बताया था। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक इतिहास और संपर्कों की भी पड़ताल कर रही है।

गोला में बनाया था नया ठिकाना:
पुलिस के मुताबिक बाहर से मांस मंगाने में लागत अधिक पड़ने लगी तो आजाद ने जिले में ही कटान की योजना बनाई। करीब एक माह पहले उसकी मुलाकात अब्दुल रहमान से गोला में हुई। पुलिस के अनुसार, अब्दुल रहमान पहली बार इस मामले में पकड़ा गया है। वह आजाद और उसके चाचा नूरूल हसन के बीच कड़ी का काम करता था।

नूरूल हसन पर मांस खरीदकर स्थानीय स्तर पर बेचने की बात पुलिस की पूछताछ में सामने आई है। शुक्रवार को धौसहर उर्फ बेलवाबारी में कार्रवाई से पहले तीन पशुओं को काटने की तैयारी थी। दो पशुओं को काट दिया गया था, जबकि तीसरे का कटान पूरा नहीं हो सका। इसी दौरान वाहन आने की आहट पर आरोपित मांस छोड़कर भाग निकले। पुलिस अब यह पता कर रही है कि कटे मांस को किस-किस स्थान पर पहुंचाया जाना था और इसके खरीदार कौन थे।

सप्ताह में तीन दिन होती थी गतिविधि :
ग्रामीणों के मुताबिक आसपास के गांवों में सप्ताह के तीन दिन रविवार, बुधवार और शुक्रवार को इस तरह की गतिविधियां होने की चर्चा थी। परसा उर्फ अगलगहवा में फायर स्टेशन से करीब 500 मीटर दूर खाली स्थान को भी कटान और मांस बिक्री से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस इन दावों की भी जांच कर रही है। घटनास्थल के आसपास मांस पकाने की भट्ठी, प्याज के छिलके और शराब की खाली बोतलें मिलने की बात सामने आई है।

बाइक पर रोटी-चावल लेकर पहुंचे तीन लोग
घटना वाले दिन दोपहर में बाइक से तीन लोग मौके पर पहुंचे थे। एलआइयू की टीम ने उन्हें पकड़ लिया। उनके पास रोटी और चावल मिले। पूछताछ में उन्होंने खुद को हरपुर चीनी मिल क्षेत्र का निवासी बताया। बाद में उन्हें पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में ऐसे लोगों के बारे में जानकारी मिली जो गांव में ही किराये के मकान में रहते थे। इसके बाद रात में पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

पुलिस अब बाहरी लोगों के साथ स्थानीय मददगारों की भूमिका भी तलाश रही है। थाना प्रभारी सीपी पांडेय के अनुसार, कारोबार में शामिल स्थानीय लोगों को चिह्नित किया जा रहा है और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

छुट्टा पशुओं के मांस का अवैध कारोबार करने वालों पर गैंग्सटर एक्ट के तहत कार्रवाई करने के साथ ही अपराध से अर्जित उनकी संपत्ति जब्त कराई जाएगी। गिरोह से जुड़े लोगों की तलाश चल रही है। फरार चल रहे आरोपितों को भी पकड़ लिया जाएगा।
'पहली पत्नी को दो तलाक, मुझसे करो शादी.', इनकार किया तो प्रेमिका ने भाइयों से पिटवाया, तुड़वाए हाथ-पैर

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के भोजीपुरा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक युवती ने पहली पत्नी को तलाक देकर खुद से शादी न करने पर अपने भाइयों के साथ मिलकर प्रेमी की बेरहमी से पिटाई करवा दी.

मारपीट में युवक के दोनों हाथपैर टूट गए हैं. पीड़ित युवक के पिता की शिकायत पर पुलिस ने प्रेमिका और उसके भाइयों समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक पप्पू अपने क्षेत्र में एक क्लीनिक पर दवा लेने गया था. पीड़ित का आरोप है कि उसकी प्रेमिका ने उसे फोन करके एक स्थान पर बुलाया.

जब पप्पू वहां पहुंचा, तो युवती उस पर पहली पत्नी को तलाक देकर शादी करने का दबाव बनाने लगी. जब पप्पू ने पहली पत्नी को छोड़ने और शादी करने से साफ इंकार कर दिया, तो युवती ने अपने भाइयों और साथियों के साथ मिलकर उस पर हमला बोल दिया.

हाथपैर टूटे, जिला अस्पताल में भर्ती

हमले में पप्पू गंभीर रूप से घायल हो गया. मारपीट इतनी खौफनाक थी कि युवक के हाथ और पैर टूट गए. घटना की सूचना के बाद परिजनों में हड़कंप मच गया. पीड़ित युवक के पिता जाकिर हुसैन ने तत्काल भोजीपुरा थाने पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी. शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और घायल युवक का मेडिकल परीक्षण कराया. फिलहाल पप्पू का इलाज बरेली के जिला अस्पताल में चल रहा है.

6 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, पुलिस जांच जारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों के खिलाफ नामजद और संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. क्षेत्राधिकारी देवेश सिंह ने बताया पीड़ित जाकिर हुसैन की ओर से बेटे के साथ मारपीट की शिकायत मिली थी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मेडिकल परीक्षण कराया और 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है, जल्द ही उन्हें हिरासत में लेकर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
गलत काम करने के लिए भेजा, मना किया तो मारा', ओमान से लौटीं पंजाबी लड़कियों की आपबीती, अभी भी 130 फंसी होने का दावा

जालंधर। ओमान के मस्कट में फंसी जालंधर और कपूरथला जिलों की दो पंजाबी लड़कियां राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल के प्रयासों से सुरक्षित भारत लौट आई हैं।

दोनों लड़कियां इसी वर्ष मस्कट पहुंची थीं, जहां उन्हें अच्छी तनख्वाह वाली नौकरी का भरोसा दिया गया था, लेकिन वहां परिस्थितियां इसके विपरीत निकलीं।

सुल्तानपुर लोधी स्थित निर्मल कुटिया में इन लड़कियों के साथ पहुंचे परिवारों ने संत सीचेवाल का धन्यवाद किया।

परिवारों ने कहा कि उनके प्रयासों के कारण उनकी बेटियां सुरक्षित वापस अपने परिवारों के बीच पहुंच सकीं। दोनों मामलों में लड़कियों को ओमान ले जाने में लड़कियां ही कथित तौर पर ट्रैवल एजेंट के रूप में भूमिका निभा रही थीं।

अभी भी 130 लड़कियां फंसी हैं

दोनों परिवारों ने पुलिस के पास भी शिकायतें दर्ज करवाई हैं। लड़कियों के अनुसार, उन्हें मुंबई एयरपोर्ट के रास्ते ओमान ले जाया गया था। मीडिया से बातचीत के दौरान इन लड़कियों ने दावा किया कि अभी भी मस्कट में करीब 130 लड़कियां फंसी हुई हैं, जो भारत वापसी का इंतजार कर रही हैं।

दोनों लड़कियों के परिवारों ने संत सीचेवाल को लिखित अर्जियां देकर अपनी बेटियों को ओमान से सुरक्षित वापस लाने में मदद की अपील की थी। परिवारों द्वारा दी गई अर्जियों में ओमान में उनकी बेटियों के साथ कथित शोषण, मारपीट, धमकियों और वापस भेजने के लिए पैसे की मांग के गंभीर आरोप लगाए गए थे।

जालंधर जिले से वापस आई लड़की ने बताया कि वह इसी वर्ष मार्च में ओमान गई थी। परिवार के अनुसार, मरीयम नाम की लड़की ने उसे ओमान में ब्यूटी पार्लर में काम और 25 से 30 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन का भरोसा दिया था। लेकिन वहां पहुंचने के बाद उसे पार्लर के काम के बजाय कथित तौर पर गलत कामों की ओर धकेलने का प्रयास किया गया।

मरीयम ने बताया कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की गई। परिवार ने आरोप लगाया कि लड़की का पासपोर्ट भी अपने कब्जे में ले लिया गया और उसे जान से मारने की धमकियां दी गईं।

बेटी को बचाने के लिए बेची बाइक

मरीयम के परिवार वालों ने बताया कि उनके द्वारा कभी 20 हजार तो कभी 35 हजार रुपये की मांग की जाती रही। बेटी की सुरक्षा के लिए परिवार को अपना मोटरसाइकिल तक बेचना पड़ा।

परिवार ने 1 जुलाई को संत सीचेवाल के कार्यालय से संपर्क कर अपनी बेटी की सुरक्षित वापसी के लिए मदद मांगी थी। लगातार प्रयासों के बाद लड़की 7 सितंबर को सुरक्षित अपने परिवार के पास भारत लौट आई।

इसी तरह कपूरथला जिले की दूसरी लड़की के परिवार ने बताया कि उनके गांव की रहने वाली अंजू नाम की लड़की उसे ओमान में घरेलू काम करने का भरोसा देकर ले गई थी। परिवार के अनुसार, शुरुआत में करीब दो महीने तक सब कुछ ठीक रहा, लेकिन बाद में लड़की की तबीयत खराब हो गई और उसे आवश्यक इलाज व दवाइयां नहीं मिलीं।

परिवार वालों को मिल रही धमकी

परिवार ने आरोप लगाया कि लड़की को भारत वापस भेजने के लिए उनसे एक लाख रुपये की मांग की गई और पैसे नहीं देने पर वापस न भेजने की धमकी दी गई। परिवार ने अपना घर गिरवी रखकर एक लाख रुपये का इंतजाम किया और संबंधित लोगों को दिए। इसके बावजूद और पैसे मांगे गए तथा परिवार पर अन्य लड़कियों को भी ओमान भेजने के लिए दबाव डाला गया।

कपूरथला जिले के परिवार ने 11 अगस्त को संत बलबीर सिंह सीचेवाल से संपर्क कर अपनी बेटी की सुरक्षित वापसी के लिए मदद मांगी थी। संत सीचेवाल के प्रयासों के बाद यह लड़की 23 अगस्त को सुरक्षित भारत लौट आई।

नौकरी के नाम पर हो रही मानव तस्करी

पत्रकारों से बातचीत करते हुए संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने कहा कि विदेश में नौकरी के नाम पर मानव तस्करी और शोषण के मामले बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा, "हमारी बेटियां बेहतर भविष्य की उम्मीद में विदेश जाती हैं, लेकिन अगर उन्हें वहां धोखे, प्रताड़ना या शोषण का सामना करना पड़े तो यह केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की पीड़ा है।

सरकारों को ऐसे मामलों में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। लोगों को भी विदेश भेजने से पहले एजेंट, वीजा, नौकरी और काम के स्थान की पूरी जांच करनी चाहिए।"

अब तक 190 लड़कियों को लाया गया सुरक्षित

अब तक करीब 190 लड़कियों की सुरक्षित वापसी विदेशों में मुसीबत में फंसे पंजाबियों की मदद के लिए लगातार प्रयास कर रहे संत बलबीर सिंह सीचेवाल के हस्तक्षेप से अब तक करीब 190 लड़कियों को सुरक्षित भारत वापस लाया जा चुका है। इनमें विभिन्न देशों में फंसी या कथित शोषण का शिकार हुई लड़कियां शामिल हैं।
सास और दामाद के बीच हुआ इश्क- रंगे हाथ' पकड़े गए तो ससुर ने ही भरवा दी महिला की मांग.

प्यार  की कोई उम्र नहीं होती. सच ही कहा है किसी ने इश्क में ना कोई जात-पात, ना रंग-रुप और ना ही अमीरी गरीबी देखा जाता है. ये तो बस एक फीलींग है जो किसी के लिए भी आ सकती है. आज कल इन बातों को कई लोग सच कर रहे हैं.

तब ही तो कई ऐसी लव स्टोरी सामने आ रही हैं जिसके बारे में जानकर हर कोई हैरान रह जा रहा है. हाल ही में एक स्टोरी अलीगढ़ से आई थी. जहां सास और होने वाले दामाद के प्यार की चर्चा खूब हुई. हर कोई ये जानना चाह रहा था कि दोनों आजकल कहां है और क्या कर रहे हैं.

आपको बता दें कि दोनों ही प्रेमी जोड़े फरार हो जाते हैं. ये कोई पहला मामला नहीं. ऐसे अजीबो गरीब लव स्टोरी के किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं. पिछले साल भी एक ऐसा मामला सामने आया है. ये स्टोरी थी बिहार की. जब सास और दामाद एक साथ पकड़े गए थे. ससुर ने ही कराई दोनों की शादी करवाई थी.

सास और दामाद की लव स्टोरी

बिहार के बांका से एक अनोखी प्रेम कहानी सामने आई है, जहां एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की मौत के बाद अपनी सास से शादी कर ली. इतना ही नहीं, महिला का कन्यादान उसके पूर्व पति यानी व्यक्ति के ससुर ने किया. यह पेचीदा प्रेम कहानी हीर मोती गांव की 45 वर्षीय गीता देवी की है, जिसकी शादी दिलेश्वर दरवे से हुई थी. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गीता कटोरिया थाना क्षेत्र के धोवनी गांव निवासी अपने दामाद सिकंदर यादव से प्यार करती थी. सिकंदर ने गीता देवी की बेटी से शादी की थी.

जब सिकंदर की पत्नी की मौत हो गई थी. जिसके बाद वह अपनी सास से प्यार करने लगा था. लेकिन उसके ससुर को शक हो गया और उसने दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया. इसके बाद उसने पंचायत बुलाई और अपनी पत्नी और दामाद के बीच के संबंध के बारे में बताया. पंचायत और गांव वालों के सामने सिकंदर ने अपनी सास से प्यार का इजहार किया जिसके बाद दोनों की कोर्ट मैरिज हो गई. वीडियो में वह गीता देवी की मांग में सिंदूर भरता नजर आ रहा है.
कोथावां में महिला से मारपीट का आरोप, लोहे के चिमटे से हमला कर घायल कर दिया गया कोथावां चौकी पर तैनात संजय रावत को सूचना मिलते ही तुरंत महिला को अपने कब्जे में कर लिया और चौकी पर सुरक्षित बैठा दिया

हरदोई बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के कोथावां कस्बे में एक महिला ने दबंगई और मारपीट का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता के अनुसार, शनिवार शाम करीब पांच बजे वह अपने परिवार को बचाने के लिए लड़की के पिता से हाथ-पैर जोड़कर गुहार लगाती रही, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद बाप-बेटे ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी और जाति सूचक गंदी-गंदी गालियां दी

पीड़िता का आरोप है कि विनोद गुप्ता की लड़की की बात पीड़ित महिला के पति से तकरीबन 4 या 5 सालों से बात हो रही है उसी की शिकायत करने आई थी महिला के साथ सड़क पर मारपीट की गई और लोहे के चिमटे से भी हमला कर घायल कर दिया गया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उसके साथ जातिसूचक अपशब्दों का प्रयोग किया गया तथा उसे और उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी दी मामले को लेकर महिला ने 3 अक्टूबर 2026 को थाना बेनीगंज में शिकायती पत्र देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में उसने विनोद गुप्ता समेत आरोपितों पर अभद्रता व जाति सूचक गाली-गलौज और मारपीट के आरोप लगाए हैं पीड़िता ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई तथा सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। पुलिस जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
लखीमपुर खीरी में तमंचा दिखाकर युवक को दौड़ाने का वीडियो वायरल, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

लखीमपुर खीरी जिले के मोहम्मदी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बेला तुर्सिया गांव से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ 20 सितंबर को एक युवक को कथित तौर पर हाथ में तमंचा लेकर जान से मारने की धमकी देते हुए दौड़ाया गया। 

​पीड़ित का दावा है कि उसने इस पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया था। इसके बावजूद मोहम्मदी पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से पीड़ित पक्ष में भारी नाराजगी है। 

​तमंचा दिखाकर दौड़ाने का वीडियो सामने आने के बाद पीड़ित लगातार पुलिस से न्याय और उचित कार्रवाई की मांग कर रहा है। वहीं, शिकायत और वीडियो सबूत होने के बाद भी कार्रवाई न होने पर स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
लखीमपुर खीरी में दर्दनाक हादसा: तेल निकालने वाली मशीन में फंसा युवती का हाथ, हालत गंभीर

लखीमपुर खीरी के शाहिदपुर गांव से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। गांव में स्थित देवी दयाल के कोल्हू पर सरसों से तेल निकालने वाली मशीन के पास खड़ी साक्षी नाम की युवती भीषण हादसे का शिकार हो गई।  
​जानकारी के अनुसार, साक्षी मशीन से हाथ के जरिए खली निकालने का प्रयास कर रही थी। इसी दौरान उसके हाथ में पहना कड़ा मशीन के बोल्ट में फंस गया और देखते ही देखते उसका पूरा हाथ मशीन की चपेट में आ गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।  
​घटनास्थल पर मौजूद परिजनों और ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद साक्षी को मशीन से बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाया। बताया जा रहा है कि युवती गंभीर रूप से घायल है और उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। यह हादसा मशीनरी के आसपास काम करते समय विशेष सावधानी बरतने की सीख देता है।
विधायक और पुलिस की कार्यप्रणाली पर पीड़ित परिवार ने उठाए सवाल, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर लगाया गंभीर आरोप

सोशल मीडिया पर एक वीडियो और पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक पीड़ित व्यक्ति ने स्थानीय विधायक और पुलिस प्रशासन पर उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है। 

​वायरल पोस्ट के अनुसार, पीड़ित का कहना है कि जब उनके घर पर कोई मौजूद नहीं था, उस दौरान सत्ताधारी पार्टी के विधायक पुलिस बल को लेकर उनके घर पहुंचे और कार्रवाई की। पीड़ित ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई से उनका पूरा परिवार मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित हुआ है। 

​घटनास्थल का वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है, जिसमें पुलिस अधिकारी और ग्रामीण मौजूद नजर आ रहे हैं। इस मामले को लेकर विपक्ष और स्थानीय लोगों में चर्चाओं का बाजार गर्म है, हालांकि अभी तक इस मामले में स्थानीय पुलिस या संबंधित विधायक की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है।
पीपल के हरे-भरे पेड़ों की कटान का वीडियो वायरल, कार्रवाई पर उठे सवाल

हरदोई थाना शाहाबाद क्षेत्र में शाहाबाद-संडी मार्ग पर सिरोमन नगर की ओर से पीपल के हरे-भरे पेड़ों की कच्ची लकड़ी काटकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वायरल वीडियो 3 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 9 बजे का बताया जा रहा है। वीडियो में मोटी-मोटी पीपल की लकड़ियां काटकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरते हुए दिखाई दे रही हैं। आरोप है कि लकड़ी ले जाने वाले कुछ ट्रैक्टरों पर नंबर प्लेट भी दिखाई नहीं दे रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पीपल के पेड़ धार्मिक आस्था से भी जुड़े हुए हैं। ऐसे में हरे-भरे पेड़ों की कथित कटान से लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कराकर यदि अवैध कटान की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

वहीं, स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस की कथित मिलीभगत के भी आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पूरे मामले में पुलिस एवं वन विभाग की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
बिहार: चलती ट्रेन की खिड़की से झपट्टा मार रहा था मोबाइल चोर, यात्रियों ने पकड़ा हाथ; कई किलोमीटर लटका रहने के बाद रतनपुर स्टेशन के पास गिरा

बिहार: भागलपुर-दानापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन में मोबाइल छिनतई की कोशिश कर रहे एक शातिर चोर को यात्रियों की मुस्तैदी के कारण भारी पड़ गया। 

​मिली जानकारी के अनुसार, ट्रेन की खिड़की से यात्री का मोबाइल छीनने का प्रयास कर रहे झपटमार को यात्रियों ने देख लिया और तुरंत उसका हाथ पकड़ लिया। ट्रेन चलने लगी और यात्रियों ने चोर का हाथ नहीं छोड़ा, जिससे शातिर चोर चलती ट्रेन की खिड़की के बाहर हवा में लटक गया। 

​यात्रियों की पकड़ में फंसा चोर कई किलोमीटर तक ट्रेन की खिड़की से बाहर ही लटका रहा। आखिरकार, रतनपुर स्टेशन से आगे बढ़ने पर वह खिड़की से छूटकर नीचे जा गिरा। इस घटना का पूरा वीडियो ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने अपने कैमरे में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।
लखीमपुर खीरी के भीरा थाना क्षेत्र में परिवार को जान से मारने की धमकी, पीड़िता ने मांगी सुरक्षा

लखीमपुर खीरी जिले के थाना भीरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम राजगढ़ से एक उत्पीड़न और धमकी का मामला सामने आया है। यहाँ पीड़ित परिवार ने दबंगों पर लगातार जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। 

​मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता ने स्थानीय पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने अपने परिवार की जान-माल की सुरक्षा की मांग करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त और उचित कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है। 

​वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और धमकियों तथा लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
एआरटीओ कार्यालय पर सपा का हल्लाबोल, कथित अवैध वसूली के आरोपों से मचा घमासान

ज्ञापन में दलालों के जरिए लाइसेंस, वाहन पंजीकरण और फिटनेस के नाम पर वसूली के आरोप; 15 दिन में कार्रवाई न हुई तो आंदोलन की चेतावनी

हरदोई समाजवादी पार्टी युवजन सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष हरिनाम सिंह यादव के नेतृत्व में शनिवार को सैकड़ों सपा कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर एआरटीओ कार्यालय में कथित अवैध वसूली का मुद्दा उठाया। ज्ञापन में एआरटीओ अरविंद कुमार सिंह के कार्यालय में दलालों के माध्यम से वाहन संबंधी कामों के नाम पर अतिरिक्त रकम लिए जाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

सपा नेताओं का आरोप है कि नया ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने, नए वाहनों के पंजीकरण और पुराने वाहनों के फिटनेस सहित विभिन्न कार्यों के लिए कथित तौर पर तय रकम वसूली जाती है। आरोप यह भी है कि रकम न देने पर कागजी प्रक्रिया में कथित रूप से अड़चन पैदा की जाती है।

ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने कथित रूप से तय किए गए रेट का भी उल्लेख किया है। आरोपों के मुताबिक हेवी लाइसेंस के लिए 18 से 20 हजार रुपये, लाइट परमानेंट लाइसेंस के लिए 7 से 9 हजार रुपये, रिन्यूवल के लिए 3 से 4 हजार रुपये तथा वाहन फिटनेस के लिए 5 से 6 हजार रुपये तक लिए जाने का दावा किया गया है।

अब सवाल सीधा है_अगर सरकारी कार्यालय में काम कराने के लिए सरकारी फीस के ऊपर कथित 'दलाली फीस' भी देनी पड़े, तो फिर व्यवस्था किसके लिए है और दलालों की इतनी हिम्मत किसके संरक्षण में है? आरोपों की निष्पक्ष जांच होने पर ही तस्वीर साफ होगी।

सपा नेताओं ने जिलाधिकारी से मांग की कि एआरटीओ कार्यालय में दलालों के माध्यम से कथित वसूली पर तत्काल रोक लगाई जाए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही चेतावनी दी गई कि 15 दिन के भीतर कथित अवैध वसूली बंद नहीं हुई तो समाजवादी पार्टी अगला कदम उठाएगी।

ज्ञापन के दौरान व्यापार सभा जिलाध्यक्ष सुधीर गुप्ता, छात्र सभा के राष्ट्रीय सचिव पंकज यादव, हारुफा अली, आशीष वर्मा, अनुराग यादव, यतेंद्र मोहन, पुष्पेंद्र वर्मा, साजन, विपिन वर्मा, अतुल राज वर्मा, अभिषेक यादव, विद्यासागर, अनूप कुमार, कन्हैयालाल कुशवाहा, सर्वेंद्र यादव, मदन यादव, जितेंद्र सिंह, राम लखन कुशवाहा, गौरव यादव, सचिन यादव, मोहित, कुलदीप, बब्बू यादव, अतर सिंह, राजेश मंजिया, दीपक, सूरज यादव, रजनीश, नितिन, राम सिंह, मनोज सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

फिलहाल आरोप सामने हैं, अब निगाह जिला प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर है_क्योंकि सवाल सिर्फ लाइसेंस या फिटनेस का नहीं, सरकारी दफ्तर में आम आदमी की जेब और व्यवस्था की विश्वसनीयता का है।
घर से भागकर शादी करने पर ग्रामीणों ने प्रेमी जोड़े को पकड़ा, लड़की के साथ मारपीट का वीडियो वायरल

एक गांव से अजीबोगरीब और शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां घर से भागकर शादी करने वाले एक प्रेमी जोड़े को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। 

​सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट के अनुसार, लड़का और लड़की दोनों घर से भाग गए थे और उन्होंने शादी कर ली थी। जब ग्रामीणों को इसकी भनक लगी तो उन्होंने दोनों को पकड़ लिया। आरोप है कि पकड़ने के बाद ग्रामीणों ने निष्पक्षता ताक पर रखते हुए सिर्फ लड़की को निशाना बनाया और उसके साथ बुरी तरह मारपीट की। 

​वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ग्रामीणों के इस व्यवहार पर सवाल उठा रहे हैं। कानून को अपने हाथ में लेने और केवल लड़की को प्रताड़ित किए जाने की घटना को लेकर लोगों में काफी नाराजगी है।
हरदोई कोथावां में महिला से मारपीट का आरोप, लोहे के चिमटे से हमला कर घायल कर दिया गया
हरदोई शाहाबाद सांडी मार्ग पर पीपल के हरे-भरे पेड़ों की कटान का वीडियो वायरल, कार्रवाई पर उठे सवाल
विधायक और पुलिस की कार्यप्रणाली पर पीड़ित परिवार ने उठाए सवाल, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर लगाया गंभीर आरोप
कन्नौज: नाली के पानी व कीचड़ निकासी को लेकर दो पक्षों में विवाद, भीम आर्मी जिलाध्यक्ष और ग्रामीणों में हुई तीखी नोकझोंक;
​सीतापुर: मंदिर के सामने कूड़ा डालने को लेकर विवाद, दबंगों ने बुजुर्ग दंपत्ति पर लाठी-डंडों से किया हमला, वीडियो वायरल
बुलन्दशहर 70 वर्षीय विधवा का गंभीर आरोप- "मुझे मृत दिखाकर 8 बीघा जमीन अपने नाम करा ली"
हरदोई नगर पंचायत पाली में ​सरकारी जमीन पर कब्जे और रामलीला आयोजन के नाम पर अवैध वसूली का आरोप, एडीएम से शिकायत