नालंदा में सिपाही अजीत की मौत का खुलासा, शराब माफिया पर फायरिंग का आरोप निकला गलत,महिला SI समेत 5 गिरफ्तार।
बिहार के नालंदा जिले में उत्पाद विभाग के सिपाही अजीत कुमार की गोली लगने से मौत के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। शुरुआत में इस घटना में शराब माफियाओं पर फायरिंग का आरोप लगाया गया था, लेकिन पुलिस जांच में विभागीय टीम की ही भूमिका सामने आई है। मामले में उत्पाद विभाग की सब-इंस्पेक्टर पुष्पा कुमारी, दो होमगार्ड जवान, पटना से आए एक सिपाही और निजी वाहन के चालक समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
नालंदा के आरक्षी अधीक्षक हृदय कांत के अनुसार, 14 अक्टूबर 2026 को पटना उत्पाद विभाग की टीम शराब तस्करों के खिलाफ छापेमारी करने नालंदा आई थी। टीम में सिपाही अजीत कुमार और सिपाही अमित कुमार शामिल थे। अभियान में सहयोग के लिए राजगीर उत्पाद विभाग की सब-इंस्पेक्टर पुष्पा कुमारी को भी अपनी टीम के साथ बुलाया गया था।
छापेमारी के दौरान पावापुरी थाना क्षेत्र में शराब से लदे एक पिकअप वैन का पीछा किया जा रहा था। इसी बीच एक काली स्कॉर्पियो भी टीम की गाड़ी का पीछा करने लगी। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान पुष्पा कुमारी के निर्देश पर होमगार्ड जवानों ने अपने साथी की राइफल से तीन राउंड फायरिंग की। इस दौरान एक गोली सिपाही अजीत कुमार को लग गई।
घायल अजीत को पहले पावापुरी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें पटना स्थित पीएमसीएच रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नालंदा पुलिस ने 15 अक्टूबर को एसआईटी का गठन किया। जांच में पता चला कि घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी गई थी। आरोप है कि घटना में इस्तेमाल निजी वाहन को पटना ले जाया गया और शुरुआती तौर पर शराब माफियाओं पर फायरिंग का झूठा आरोप लगाया गया।
एसपी हृदय कांत ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई अहम पहलू सामने आए हैं, हालांकि कुछ बिंदुओं पर जांच अभी जारी है। अब सवाल उठ रहे हैं कि छापेमारी दल की कार्यप्रणाली क्या थी, फायरिंग के बाद सूचना क्यों छिपाई गई और क्या साक्ष्य मिटाने की कोशिश हुई। पुलिस इन सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।
Deoria, Deoria | Oct 16, 2026