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किलाघाट निवासी मो. फरीद खान के इंतकाल पर उमड़ा जनसैलाब, सैकड़ों लोगों ने दी अंतिम विदाई दरभंगा। किलाघाट स्थित निर्माजन मोहल्ला निवासी मो. फरीद खान (90) का सोमवार, 17 अगस्त 2026 को शाम करीब 4 बजे इंतकाल हो गया। उनके इंतकाल की खबर से परिजनों, रिश्तेदारों, दोस्तों और मोहल्ले के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों के अनुसार, मो. फरीद खान पिछले करीब चार महीने से बीमार चल रहे थे। पत्नी के इंतकाल के बाद से उनकी तबीयत लगातार खराब रहने लगी थी। मरहूम की मिट्टी किलाघाट कब्रिस्तान में अदा की गई, जहां उन्हें सुपुर्द-ए-खाक करने के लिए सैकड़ों लोग पहुंचे। इस मौके पर पूर्व पार्षद डब्बी खान, वर्तमान पार्षद पप्पू सरदार, मरहूम के पोते मो. शमशाद, उनके सभी बेटे सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी और दुआ-ए-मगफिरत की। मरहूम मो. फरीद खान अपने पीछे पांच बेटे और दो बेटियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके बच्चों में मुन्नी खातून, मो. लाल, मो. मोती, मो. चांद, मो. इरफान, मो. रिजवान और चुन्नी खातून शामिल हैं। बताया गया कि उनकी पत्नी सवारा खातून का करीब चार वर्ष पूर्व 65 वर्ष की उम्र में इंतकाल हो गया था। पत्नी के इंतकाल के बाद से ही मो. फरीद खान की तबीयत ठीक नहीं रहती थी और पिछले चार महीनों में उनकी बीमारी बढ़ गई थी। किलाघाट कब्रिस्तान में मिट्टी के दौरान माहौल पूरी तरह गमगीन रहा। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने मरहूम के लिए दुआ-ए-मगफिरत की और शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। स्थानीय लोगों ने कहा कि मो. फरीद खान का लोगों के साथ व्यवहार हमेशा अच्छा रहा और उनके इंतकाल से मोहल्ले ने एक बुजुर्ग एवं सम्मानित व्यक्ति को खो दिया है। अल्लाह तआला मरहूम मो. फरीद खान की मगफिरत फरमाए, उनकी कब्र को नूर से भर दे और उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मकाम अता फरमाए। तमाम अहले-खाना को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन। - Darbhanga News