स्वास्थ्य विभाग ने मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के उपलक्ष्य में निकाली जागरूकता वॉकथॉन; युवाओं को दिया मानसिक संतुलन व नशा मुक्ति का संदेश
निदेशक डॉ. ब्रह्मदीप संधू ने युवाओं को नियमित व्यायाम, योग और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का दिया संदेश
सीएमओ डॉ. मुक्ता कुमार ने विद्यार्थियों को मानसिक तनाव से निपटने के लिए खुलकर बात करने की दी सलाह
पंचकूला 14 अक्टूबर : विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के तहत स्वास्थ्य विभाग, पंचकूला द्वारा एक विशेष जागरूकता वॉकथॉन का आयोजन किया गया। यह वॉकथॉन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सेक्टर-1 से शुरू होकर नागरिक अस्पताल सेक्टर-6, पंचकूला तक निकाली गई। इस कार्यक्रम में कॉलेज के विद्यार्थियों, एनसीसी कैडेट्स, युवाओं, शिक्षकों तथा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हरियाणा सरकार के निदेशक, मानसिक स्वास्थ्य डॉ. ब्रह्मदीप संधू ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज की व्यस्त और प्रतिस्पर्धात्मक जीवनशैली में मानसिक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने शारीरिक गतिविधि और मानसिक संतुलन के गहरे संबंध को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को अपनी दिनचर्या में नियमित व्यायाम, खेलकूद और योग शामिल करने की सलाह दी। इसके साथ ही, डॉ. संधू ने युवाओं को किसी भी प्रकार के नशे से पूरी तरह दूर रहने और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) पंचकूला डॉ. मुक्ता कुमार ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए विशेष रूप से परीक्षाओं और करियर से जुड़े मानसिक तनाव व घबराहट पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी चिंताओं या समस्याओं को मन में दबाकर न रखें, बल्कि अपने माता-पिता, शिक्षकों और दोस्तों से खुलकर बात करें। अपनी बात साझा करने से मानसिक तनाव दूर होता है और कई समस्याओं का सहज समाधान मिल जाता है।
वॉकथॉन के दौरान विद्यार्थियों और स्वास्थ्य कर्मियों ने हाथों में जागरूकता संदेश लिखे बैनर व तख्तियां लेकर आमजन को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने, तनाव प्रबंधन और 'नशा मुक्त भारत' अभियान के तहत नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
इस अवसर पर जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. विशाल सैनी, मनोरोग विभाग के विभागाध्यक्ष एवं मनोचिकित्सक डॉ. मनोज कुमार, राजकीय पीजी कॉलेज सेक्टर-1 के प्राचार्य सहित स्वास्थ्य विभाग व महाविद्यालय के अनेक चिकित्सा अधिकारी, प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।