जरा गौर से देखिए
मदनपुर प्रखंड के ग्राम पंचायत खिरियावां के बाजार जाने वाला मुख्य पथ आज भी जलजमाव और कीचड़ से अटा पड़ा है। इसी रास्ते से होकर राजकीय उत्क्रमित विद्यालय खिरियावां के सैकड़ो बच्चे रोज स्कूल जाते हैं।
79 साल की आजादी के बाद भी अगर बच्चों को "कीचड़ की गंगा" पार करके पढ़ने जाना पड़े, तो इसे विकास कहें या मजबूरी?