धरियावद: मुनिराज उद्धार सागरजी महाराज का समाधिमरण, णमोकार मंत्र की गूंज के बीच निकली डोल यात्रा, बड़ी संख्या में दी विदाई
परमपूज्य आचार्य कल्पपुण्यसागरजी महाराज के सान्निध्य में विराजित मुनिराज उद्धार सागर जी महाराज ने रविवार रात्रि लगभग साढ़े दस बजे समताभावपूर्वक समाधिमरण प्राप्त किया। लंबे समय से असाध्य बीमारी से पीड़ित मुनिराज ने अंतिम समय में आचार्य श्री के समक्ष समाधिमरण की भावना व्यक्त की थी। उनकी इस भावना को देखते हुए आचार्य श्री ने उन्हें पहले क्षुल्लक दीक्षा प्रदान कीl