प्रताड़ना के चलते फांसी मामले में वांछित राजबहादुर यादव गिरफ्तार
प्रताड़ना के चलते फांसी मामले में वांछित राजबहादुर यादव गिरफ्तार
दो दशक में करोड़ों की संपत्ति जुटाने का आरोप, मकान के सौदे और दो लाख रुपये के लेनदेन से जुड़ा मामला
जालौन। थाना कोतवाली जालौन क्षेत्र के मोहल्ला सहावनाका निवासी प्रदीप कुमार की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वांछित आरोपी राजबहादुर यादव पुत्र स्वर्गीय सीताराम यादव, उम्र करीब 62 वर्ष, निवासी मोहल्ला धुँवाताल जालौन को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ दर्ज मुकदमे में गंभीर धाराओं के साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा भी शामिल है। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
मकान के सौदे और रुपये के विवाद से जुड़ा मामला
मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार प्रदीप कुमार का सात माह का बेटा धीरज काफी समय से बीमार चल रहा था और उसका इलाज कराया जा रहा था। परिजनों के अनुसार बेटे के इलाज के लिए प्रदीप ने मोहल्ला धुँवाताल निवासी राजबहादुर यादव से करीब दो लाख रुपये उधार लिए थे। इसके एवज में मकान का सौदा किए जाने की बात सामने आई थी।
प्रदीप की पत्नी शीला देवी ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया था कि उधार ली गई रकम में से करीब डेढ़ लाख रुपये वापस किए जा चुके थे, इसके बावजूद मकान वापस नहीं किया गया। बाद में राजबहादुर यादव द्वारा करीब छह लाख रुपये में मकान लेने की बात कहे जाने का भी आरोप लगाया गया।
परिजनों का आरोप है कि राजबहादुर यादव, उनके भाई और दस्तावेज लेखक माताप्रसाद ने आपसी सांठगांठ कर मकान को राजबहादुर के भाई के नाम कर दिया और रुपये के चेक के माध्यम से लेनदेन किए जाने की बात कही गई।
14 अगस्त को रुपये मांगने पर जातिसूचक गाली देने का आरोप
परिजनों के मुताबिक प्रदीप ने बकाया रकम की मांग की थी। आरोप है कि 14 अगस्त को रुपये मांगने पर उसके साथ जातिसूचक गालियां दी गईं और उसे वहां से भगा दिया गया। इसके बाद प्रदीप मानसिक रूप से काफी परेशान हो गया था।
परिजनों के अनुसार शनिवार रात प्रदीप ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस जांच में सामने आएंगे कई अहम सवाल
प्रकरण में अब राजबहादुर यादव की गिरफ्तारी के बाद पुलिस जांच और तेज होने की उम्मीद है। पुलिस के सामने मकान के कथित सौदे, रुपये के लेनदेन, दस्तावेज तैयार कराने और मृतक द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच अहम होगी।
मृतक की पत्नी की ओर से लगाए गए आरोपों में यह भी कहा गया है कि राजबहादुर मूल रूप से जालौन के निवासी नहीं हैं, बल्कि कानपुर देहात में रहते थे और कुछ समय पहले रिश्तेदारी के चलते जालौन आए थे। स्थानीय लोगों के हवाले से खबर में यह आरोप भी सामने आया है कि पिछले करीब दो दशकों में उन्होंने बड़ी मात्रा में संपत्ति अर्जित की है। हालांकि इन संपत्तियों और उनकी आय के स्रोतों की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
करोड़ों की संपत्ति के आरोपों की भी उठी चर्चा
मामले के बीच राजबहादुर यादव पर पिछले दो दशकों में करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित करने के आरोप भी चर्चा में हैं। यदि पुलिस अथवा संबंधित जांच एजेंसी द्वारा उनकी चल-अचल संपत्तियों की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की जाती है तो संपत्ति अर्जित करने के स्रोतों तथा संबंधित दस्तावेजों की स्थिति सामने आ सकती है।
हालांकि संपत्तियों की वास्तविक कीमत, स्वामित्व और आय के स्रोतों से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
गंभीर धाराओं में दर्ज है मुकदमा
थाना कोतवाली जालौन में दर्ज मु0अ0सं0 182/2026 में पुलिस ने धारा 108, 316(2), 318(4), 352, 351(2) बीएनएस तथा धारा 3(2)(va) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार वांछित अभियुक्त राजबहादुर यादव को 20 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अब गिरफ्तारी के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि मकान के कथित सौदे, रुपये के लेनदेन और मृतक द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच में कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं।
Jalaun, Jalaun | Aug 20, 2026