शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का काशी आगमन, भव्य स्वागत
वाराणसी, 30 सितंबर। ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज छत्तीसगढ़ में चातुर्मास्य व्रत अनुष्ठान पूर्ण कर बुधवार शाम काशी पहुंचे। उनके आगमन पर संतों, भक्तों और काशीवासियों ने ब्रह्मचारी परमात्मानंद जी की अगुवाई में शहनाई, ढोल-नगाड़ों, पुष्पवर्षा और जयकारों के साथ भव्य स्वागत किया।
श्रीविद्यामठ पहुंचने पर कमला प्रसाद मिश्रा एवं प्रेमलता मिश्रा ने शंकराचार्य जी की चरण पादुका का पूजन कर आरती उतारी। मार्ग में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
मीडिया से चर्चा में शंकराचार्य जी ने कहा कि चातुर्मास्य पूर्ण कर काशी आए हैं और अब गौमाता के प्राणों की रक्षा तथा उन्हें राष्ट्रमाता घोषित कराने की मांग को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए सत्ता और विपक्ष से आग्रह किया जाएगा तथा सनातनियों को जागृत कर इस विषय को मजबूती से उठाया जाएगा।
राम मंदिर चोरी प्रकरण से जुड़े सवाल पर उन्होंने सरकार की जांच और कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अपनी आपत्तियां व्यक्त कीं। उनके बयान में 71 लाख गायों के मारे जाने का भी दावा किया गया।
मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि शंकराचार्य जी नवरात्र पर्यंत काशी में विराजेंगे। इस दौरान विभिन्न आध्यात्मिक अनुष्ठान एवं मांगलिक आयोजन होंगे। कार्यक्रम में साध्वी पूर्णांबा दीदी, साध्वी शारदांबा दीदी सहित अनेक संत, श्रद्धालु एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
Narayan Prasad Gupta