आज के आधुनिक दौर में जहां लोग आधुनिक वाद्ययंत्रों और बदलते संगीत के दौर को अधिक पसंद कर रहे हैं, वहीं छत्तीसगढ़ का पारंपरिक लोकवाद्य मोहरी आज भी अपनी पहचान और मिठास बनाए हुए है। इसका जीवंत उदाहरण राष्ट्रपति भवन में देखने को मिला, जहां बालोद जिले की मोहरी ने अपनी अलग पहचान बनाई। डौंडीलोहारा क्षेत्र के ग्राम गुरामी निवासी लोक कलाकार राधे सिंह गंधर्व ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष ‘एट होम’ समारोह में मोहरी वादन की शानदार प्रस्तुति देकर छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया।
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