#आज़ादी के 80 #साल बाद भी #चंपावत में #बच्चे_आज भी #जान_जोखिम में #डालकर_स्कूल पहुंचने को #मजबूर।
#बूँगादुर्गापीपल तोक से #ककनई_इंटर कॉलेज 4 #किलोमीटर की दूरी, ना पक्का रास्ता ना नदी पर पुल
इस तस्वीर में दिख रहे बच्चे विधानसभा चंपावत के बूँगादुर्गापीपल तोक से रोज़ 4 किलोमीटर पैदल चलकर ककनई इंटर कॉलेज पढ़ने आते हैं। बरसात में बूँगा दुर्गापीपल नदी जो आगे चलकर नंधोर नदी कहलाती है उफान पर रहती है। पुल न होने के कारण हर दिन नदी पार करने के दौरान छात्र-छात्राओं के बहने का खतरा बना रहता है। बच्चों के माता-पिता दिल थामकर घर से बच्चों को स्कूल के लिए विदा करते हैं तथा उनके सकुशल घर लौटने का इंतजार करते हैं। ग्रामीणों ने कहा मामला मुख्यमंत्री की अपनी विधानसभा क्षेत्र का है। पर समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों ने अपने विधायक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मांग करते हुए कहा कि इस स्वतंत्रता दिवस पर हमारे बच्चों को "शिक्षा तक सुरक्षित पहुंचने की आजादी" दीजिए।ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से बूँगादुर्गापीपल तोक से ककनई तक पक्का रास्ता तथा नदी पर पैदल पुल/झूला पुल का निर्माण की मांग की है। कहा"बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" तभी सार्थक होगा जब बेटियां सुरक्षित स्कूल पहुंचेंगी। अब देखने वाली बात यह है कि ग्रामीणों की समस्या पर मुख्यमंत्री शासन प्रशासन क्या संज्ञान लेता है। क्या छात्र छात्राओं की समस्या का समाधान हो पाएगा?
Kichha, Udham Singh Nagar | Aug 17, 2026