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शिमला शहरी: उपायुक्त कार्यालय शिमला के बाहर ABVP नेतानाशाही CU प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी। - Shimla Urban News
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शिमला शहरी: उपायुक्त कार्यालय शिमला के बाहर ABVP नेतानाशाही CU प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी।
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Shimla Urban, Shimla
| Feb 26, 2021
#other
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परमाणु में भारी बारिश से सड़कों पर बाढ़ जैसे हालात ओल्ड कसौली रोड पर बारिश का कहर, टकसाल फाटक के पास पानी के तेज बहाव में फंसे वाहन--
Shimla Urban, Shimla | Aug 18, 2026
छोटा शिमला के पास पेड़ गिरने के कारण रिस्ट्रिक्टेड रोड पूर्णतः बंद है। वहीं, मुख्य मार्ग (Main Road) पर यातायात सामान्य रूप से संचालित हो रहा है। पुलिस मौके पर तैनात है तथा संबंधित विभाग द्वारा पेड़ हटाने का कार्य जारी है। वाहन चालकों से अनुरोध है कि मुख्य मार्ग का उपयोग करें और पुलिस के निर्देशों का पालन करें। #TrafficPoliceShimla #TrafficUpdate #Shimla #RoadSafety
Shimla Urban, Shimla | Aug 18, 2026
शिमला एयरपोर्ट नालागढ़ मार्ग पर भारी बारिश के बीच। हुआ भूस्खलन चपेट में आई दो गाड़ियां। देखे वीडीयो
Shimla Urban, Shimla | Aug 18, 2026
कुलदीप राठौर के पक्ष में उतरे मंत्री विक्रमादित्य सिंह -----हिमाचल की राजनीति में सशक्त और प्रतिष्ठित नाम हैं कुलदीप राठौर ----हिमाचल में कांग्रेस को सत्ता में लाने में कुलदीप राठौर का बड़ा योगदान, हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस नेताओं के बीच बयानबाजी को लेकर सियासत गरमाने लगी है। ठियोग में वन विभाग के उपाध्यक्ष केयर सिंह खाची की ओर से कुलदीप राठौर को लेकर दिए गए बयान पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कुलदीप राठौर का खुलकर समर्थन करते हुए उन्हें हिमाचल कांग्रेस का कद्दावर और प्रतिष्ठित नेता बताया है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि कुलदीप सिंह राठौर ने एनएसयूआई अध्यक्ष से लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तक का सफर तय किया है और करीब चार दशक कांग्रेस संगठन को मजबूत करने में दिए हैं। उन्होंने कहा कि राठौर का संगठन के प्रति योगदान किसी भी स्तर पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मंत्री ने कहा कि कुलदीप राठौर पहली बार विधानसभा चुनाव मैदान में उतरे और जीत हासिल कर विधानसभा पहुंचे। हालांकि, चुनावी राजनीति में उनकी भूमिका के अलावा संगठन के लिए उनके लंबे योगदान को भी समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष में रहते हुए राठौर ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में पार्टी को एकजुट रखने और संगठन को मजबूत करने का काम किया। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस को सत्ता में लाने में कुलदीप राठौर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने संगठन को मजबूत किया और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने का प्रयास किया। उनके अनुसार, कांग्रेस के सत्ता में आने के पीछे जिन नेताओं ने संगठनात्मक स्तर पर मेहनत की, उनमें कुलदीप राठौर का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि "सच्चे नेतृत्व की पहचान पदों से नहीं, बल्कि संगठन के प्रति समर्पण और जनता के प्रति जवाबदेही से होती है।" विक्रमादित्य सिंह ने कुलदीप राठौर की राजनीतिक यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ जननेताओं को किसी औपचारिक परिचय की आवश्यकता नहीं होती। उनका दशकों का संघर्ष, अटूट निष्ठा और संगठन के प्रति समर्पण ही उनकी पहचान बन जाता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की राजनीति में कुलदीप सिंह राठौर ऐसा ही एक सशक्त और प्रतिष्ठित नाम हैं। उनकी दूरदर्शी सोच, मजबूत संगठन क्षमता और जनसेवा की भावना कांग्रेस पार्टी और हिमाचल प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण है। दरअसल, ठियोग में वन विभाग के उपाध्यक्ष केयर सिंह खाची की ओर से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और विधायक कुलदीप राठौर को लेकर दिए गए बयान के बाद प्रदेश कांग्रेस की सियासत में चर्चा तेज हो गई थी। खाची के कथित बयान में कहा गया था कि "11 लोग भी कुलदीप राठौर को नहीं जानते।" इसी बयान को लेकर अब विक्रमादित्य सिंह ने राठौर के समर्थन में खुलकर अपनी बात रखी है। उनके बयान से यह स्पष्ट है कि कांग्रेस के भीतर कुलदीप राठौर के राजनीतिक कद और संगठन में उनके योगदान को लेकर एक मजबूत समर्थन भी मौजूद है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि राठौर ने छात्र राजनीति से लेकर प्रदेश कांग्रेस संगठन के शीर्ष पद तक का सफर तय किया है। ऐसे में उनके दशकों लंबे राजनीतिक और संगठनात्मक योगदान को किसी एक बयान के आधार पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
Shimla Urban, Shimla | Aug 18, 2026
न कोई संपत्ति छिपाई, न कोई लेन-देन; सतर्कता विभाग को बैंक, डीमैट और संपत्तियों सहित हर वित्तीय रिकॉर्ड दस्तावेजों के साथ दे रहा हूं : सुधीर शर्मा जांच से नहीं डरता, लेकिन राजनीतिक दबाव में चयनात्मक कार्रवाई स्वीकार नहीं; कांग्रेस सरकार की दमनकारी नीति मुझे जनता की आवाज उठाने से नहीं रोक सकती : सुधीर शर्मा धर्मशाला। पूर्व मंत्री एवं धर्मशाला से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, धर्मशाला द्वारा दर्ज FIR No. 0006/2026 के संबंध में कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 35 के तहत जारी नोटिस का विस्तृत जवाब दिया जा रहा है और जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है। सतर्कता विभाग द्वारा पूछे गए सभी वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों, निवेश, संपत्तियों एवं अन्य रिकॉर्ड का उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर पूरा विवरण दिया जा रहा है। सुधीर शर्मा ने कहा कि इस मामले में उनकी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट है—न कोई संपत्ति छिपाई गई है और न ही कोई वित्तीय लेन-देन छिपाया गया है। यदि जांच एजेंसी किसी विशेष संपत्ति को छिपाने का आरोप लगाती है तो उस संपत्ति की स्पष्ट पहचान करे और संबंधित रिकॉर्ड सामने रखे। बिना किसी वास्तविक छिपाव को प्रमाणित किए आरोप लगाना गलत धारणा पैदा करने और उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास प्रतीत होता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक सामान्य नागरिक किसी राजनेता का चुनावी हलफनामा और उसमें घोषित चल-अचल संपत्तियों का विवरण देख सकता है, तो वही जानकारी सरकार और उसकी जांच एजेंसियों से कैसे छिपाई जा सकती है? उन्होंने कहा कि संपत्तियों के पंजीकरण, बिक्री विलेख और राजस्व रिकॉर्ड सरकारी विभागों के पास उपलब्ध रहते हैं। इसी प्रकार बैंक खातों, डीमैट खातों और निवेश संबंधी रिकॉर्ड संबंधित वित्तीय संस्थाओं के पास दर्ज होते हैं। चुनाव लड़ने वाला प्रत्याशी भी कानून के अनुसार अपनी संपत्तियों और देनदारियों का विवरण चुनावी हलफनामे में देता है और यह जानकारी सार्वजनिक होती है। “जब सरकारी रिकॉर्ड और सार्वजनिक दस्तावेजों से हर तथ्य सत्यापित किया जा सकता है तो संपत्ति छिपाने की बात किस आधार पर की जा रही है? यदि मैंने कोई संपत्ति छिपाई है तो सरकार और जांच एजेंसी उस विशिष्ट संपत्ति का नाम और रिकॉर्ड सार्वजनिक करे।” डीमैट रिकॉर्ड भी सत्यापन के लिए उपलब्ध करवाया सुधीर शर्मा ने कहा कि सतर्कता विभाग द्वारा शेयरों और निवेश से संबंधित जानकारी भी मांगी गई है। शेयरों का पूरा विवरण और डीमैट रिकॉर्ड सत्यापन के लिए सतर्कता विभाग को उपलब्ध करवाया गया है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी ने बैंक खाते, डीमैट खाते, संपत्तियां, वाहन, निवेश, ऋण तथा अन्य चल-अचल संपत्तियों से संबंधित बड़ी संख्या में रिकॉर्ड मांगे हैं और मांगी गई जानकारी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध करवाई जा रही है। ₹74.07 लाख की पैतृक भूमि की बिक्री का पूरा रिकॉर्ड मौजूद सुधीर शर्मा ने बताया कि संबंधित अवधि के दौरान बैजनाथ में स्थित पैतृक भूमि के दो हिस्से बेचे गए थे। दोनों लेन-देन की कुल राशि ₹74,07,000 थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों लेन-देन विधिवत पंजीकृत हैं और सरकारी रिकॉर्ड से उनका सत्यापन किया जा सकता है। इसलिए इन लेन-देन को छिपाने का कोई प्रश्न ही पैदा नहीं होता। ₹14.50 लाख का लेन-देन पूछा भी नहीं, फिर भी स्वयं बताया सुधीर शर्मा ने कहा कि इसी अवधि में एक अन्य संपत्ति श्री अनुराग शर्मा, निवासी बीड़, को ₹14,50,000 में बेची गई थी। सतर्कता विभाग द्वारा जारी नोटिस में इस विशेष लेन-देन का विवरण अलग से नहीं मांगा गया था, इसके बावजूद पारदर्शिता रखते हुए इसे स्वयं सतर्कता विभाग को दिए जा रहे जवाब में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा, “जिस लेन-देन के बारे में विशेष रूप से पूछा तक नहीं गया, उसकी जानकारी भी मैं स्वयं जांच एजेंसी को दे रहा हूं। इससे अधिक पारदर्शिता क्या हो सकती है?” उन्होंने कहा कि इस लेन-देन की जांच किए जाने पर भी उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। बल्कि उनकी मांग है कि प्रत्येक प्रासंगिक वित्तीय लेन-देन की जांच हो, लेकिन जांच का मापदंड सभी के लिए समान होना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब संबंधित अवधि की संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की इतनी विस्तृत जांच की जा रही है तो इस पंजीकृत ₹14.50 लाख के लेन-देन की जानकारी विशेष रूप से क्यों नहीं मांगी गई? जांच चयनात्मक नहीं बल्कि संपूर्ण होनी चाहिए। जांच से नहीं, चयनात्मक जांच से आपत्ति सुधीर शर्मा ने कहा कि वह किसी भी कानूनसम्मत जांच को रोकने की मांग नहीं कर रहे हैं। वह जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। लेकिन परिस्थितियां यह गंभीर सवाल जरूर खड़ा करती हैं कि कहीं सतर्कता तंत्र का इस्तेमाल मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार के राजनीतिक दबाव में विपक्ष पर दबाव बनाने के लिए तो नहीं किया जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच के स्थान पर यदि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल चुनिंदा राजनीतिक विरोधियों पर दबाव बनाने के लिए किया जाता है तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है। “मेरी मांग जांच रोकने की नहीं है। मेरी मांग केवल इतनी है कि जांच निष्पक्ष, स्वतंत्र, तथ्य आधारित और सभी के लिए समान हो। सरकारी रिकॉर्ड को ही सच और झूठ का फैसला करने दिया जाए।” दमनकारी राजनीति से जनता की आवाज नहीं दबेगी सुधीर शर्मा ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि प्रदेश में विपक्ष की आवाज दबाने के लिए दमनकारी और प्रतिशोध की राजनीति की जा रही है। सरकार को लगता है कि मुकदमों और जांच एजेंसियों के माध्यम से विपक्ष के नेताओं को जनता के मुद्दे उठाने से रोका जा सकता है, लेकिन यह उसकी गलतफहमी है। उन्होंने कहा, “मुझे जनता के मुद्दे उठाने से ऐसी कोई साजिश नहीं रोक सकती। मैं पहले भी धर्मशाला और हिमाचल की जनता की आवाज मजबूती से उठाता रहा हूं और आगे भी उठाता रहूंगा। सत्ता और जांच एजेंसियों का भय दिखाकर मुझे चुप नहीं कराया जा सकता।” उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता सब कुछ देख और समझ रही है। समय आने पर जनता कांग्रेस सरकार को उसकी दमनकारी एवं प्रतिशोधपूर्ण कार्यप्रणाली का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी। सुधीर शर्मा ने कहा कि सच्चाई चयनात्मक जांच से नहीं बल्कि पूर्ण, निष्पक्ष और समान जांच से सामने आएगी। सभी वित्तीय लेन-देन के दस्तावेज उपलब्ध करवाए जा रहे हैं और जांच एजेंसी को सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर तथ्यों का सत्यापन करना चाहिए।
Shimla Urban, Shimla | Aug 18, 2026