नवाबगंज: 1942 में अंग्रेजों को दी सीधी चुनौती, बाराबंकी के दो क्रांतिकारियों ने फूंक दिया था बिंदौरा रेलवे स्टेशन
बाराबंकी के मसौली क्षेत्र के हेतमपुर गांव से जुड़ी आजादी की लड़ाई की एक अनसुनी कहानी सामने आई है। स्वतंत्रता सेनानी रामेश्वर प्रसाद और सतराम वर्मा ने 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ साहसिक भूमिका निभाई थी। बताया जाता है कि दोनों क्रांतिकारी अंग्रेजों की गतिविधियों की जानकारी गुप्त रूप से दूसरे क्रांतिकारियों तक पहुंचाते थे।