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#कटनी में #प्रधानमंत्री_आयुष्मान_भारत_योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को #आयुष्मान_कार्ड वितरण होंगे।

Anuppur, Anuppur | Apr 2, 2021

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नवागत कलेक्टर रत्नाकर झा का कोतमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में औचक निरीक्षण

बीएमओ को लगाई कड़ी फटकार,बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के दिए निर्देश

अनूपपुर। जिले के नवागत कलेक्टर रत्नाकर झा ने पदभार ग्रहण करते ही स्वास्थ्य सेवाओं को अपनी प्राथमिकता में शामिल कर लिया है। इसी क्रम में उन्होंने दूसरे दिन कोतमा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण कर अस्पताल की व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति, दवा वितरण, साफ-सफाई, वार्डों की स्थिति तथा मरीजों को मिल रही चिकित्सा सेवाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।कलेक्टर ने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से सीधे संवाद कर उपचार, दवाओं की उपलब्धता और अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान कुछ व्यवस्थाओं में कमी एवं लापरवाही सामने आने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर रत्नाकर झा ने कोतमा के बीएमओ डॉ. के.एल. दीवान को स्वास्थ्य सेवाओं में पाई गई कमियों पर कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अस्पताल की सभी व्यवस्थाओं को शीघ्र दुरुस्त करने, साफ-सफाई बनाए रखने, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने के निर्देश दिए।उल्लेखनीय है कि कलेक्टर रत्नाकर झा ने पदभार ग्रहण करने के पहले ही दिन पुष्पराजगढ़ क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया था।इसके बाद दूसरे दिन कोतमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर उन्होंने यह संकेत दे दिया कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। लगातार हो रहे औचक निरीक्षणों से स्वास्थ्य विभाग में सक्रियता बढ़ी है और अधिकारियों-कर्मचारियों में जवाबदेही का भाव भी देखने को मिल रहा है। जिले में नवागत कलेक्टर की कार्यशैली को लेकर आमजन में सकारात्मक संदेश गया है।

नवागत कलेक्टर रत्नाकर झा का कोतमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में औचक निरीक्षण बीएमओ को लगाई कड़ी फटकार,बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के दिए निर्देश अनूपपुर। जिले के नवागत कलेक्टर रत्नाकर झा ने पदभार ग्रहण करते ही स्वास्थ्य सेवाओं को अपनी प्राथमिकता में शामिल कर लिया है। इसी क्रम में उन्होंने दूसरे दिन कोतमा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण कर अस्पताल की व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति, दवा वितरण, साफ-सफाई, वार्डों की स्थिति तथा मरीजों को मिल रही चिकित्सा सेवाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।कलेक्टर ने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से सीधे संवाद कर उपचार, दवाओं की उपलब्धता और अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान कुछ व्यवस्थाओं में कमी एवं लापरवाही सामने आने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर रत्नाकर झा ने कोतमा के बीएमओ डॉ. के.एल. दीवान को स्वास्थ्य सेवाओं में पाई गई कमियों पर कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अस्पताल की सभी व्यवस्थाओं को शीघ्र दुरुस्त करने, साफ-सफाई बनाए रखने, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने के निर्देश दिए।उल्लेखनीय है कि कलेक्टर रत्नाकर झा ने पदभार ग्रहण करने के पहले ही दिन पुष्पराजगढ़ क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया था।इसके बाद दूसरे दिन कोतमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर उन्होंने यह संकेत दे दिया कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। लगातार हो रहे औचक निरीक्षणों से स्वास्थ्य विभाग में सक्रियता बढ़ी है और अधिकारियों-कर्मचारियों में जवाबदेही का भाव भी देखने को मिल रहा है। जिले में नवागत कलेक्टर की कार्यशैली को लेकर आमजन में सकारात्मक संदेश गया है।

Anuppur, Anuppur | Aug 14, 2026

क्रूरता की हदें पार! शहडोल के बलबहरा में दो पक्षों की लड़ाई सुलझाने गई 112 डायल पुलिस का अमानवीय चेहरा, जमकर चटकाई लाठियां
खाकी का खौफनाक रूप: शासकीय प्राथमिक विद्यालय दमकी टोला के पास डायल 112 ने बरसाया लाठी का कहर, मची अफरा-तफरी
शहडोल / बुढार: शासकीय प्राथमिक विद्यालय दमकी टोला (संकुल बलबहरा) के पास उस वक्त सनसनी फैल गई, जब दो लोगों के आपसी विवाद को शांत कराने पहुंची '112 डायल' पुलिस का एक बेहद क्रूर और अमानवीय चेहरा सामने आया। विवाद सुलझाने और कानून व्यवस्था संभालने के बजाय पुलिसकर्मियों ने सीधे लाठियां भांजना शुरू कर दिया, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई।
विवाद सुलझाने की जगह खुद ही बरसाने लगे लाठियां
स्थानीय लोगों के अनुसार, बुढार थाना क्षेत्र के बलबहरा स्थित दमकी टोला में दो व्यक्ति आपस में कहासुनी और मारपीट कर रहे थे। अनहोनी से बचने के लिए ग्रामीणों ने डायल 112 को सूचना दी। लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने बिना स्थिति समझे तानाशाही रवैया अपनाया और वहां मौजूद लोगों पर अमानवीय तरीके से लाठियां बरसा दीं।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना: "पुलिस रक्षक बनकर आई थी, लेकिन वहां पहुंचकर खुद ही भक्षक का रूप धारण कर लिया। स्कूल परिसर के पास दिन-दहाड़े हुए इस घटनाक्रम से बच्चों और ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।"
बलबहरा क्षेत्र में भारी जनाक्रोश, वरिष्ठ अधिकारियों पर टिकी नजरें
पुलिस की इस बर्बरता को लेकर बुढार क्षेत्र की जनता में गहरा आक्रोश व्याप्त है। लोगों का सवाल है कि आम नागरिक सुरक्षा के लिए पुलिस को बुलाते हैं, न कि पुलिसिया गुंडागर्दी सहने के लिए। अब देखने वाली बात होगी कि बुढार थाना क्षेत्र की इस विवादित घटना पर पुलिस के उच्च अधिकारी दोषी कर्मचारियों पर क्या सख्त कदम उठाते हैं।
तीखे सवाल:
विवाद सुलझाने की जगह कानून हाथ में लेने का अधिकार 112 डायल को किसने दिया?
क्या इस अमानवीय रवैये के जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर निलंबन की गाज गिरेगी?

क्रूरता की हदें पार! शहडोल के बलबहरा में दो पक्षों की लड़ाई सुलझाने गई 112 डायल पुलिस का अमानवीय चेहरा, जमकर चटकाई लाठियां खाकी का खौफनाक रूप: शासकीय प्राथमिक विद्यालय दमकी टोला के पास डायल 112 ने बरसाया लाठी का कहर, मची अफरा-तफरी शहडोल / बुढार: शासकीय प्राथमिक विद्यालय दमकी टोला (संकुल बलबहरा) के पास उस वक्त सनसनी फैल गई, जब दो लोगों के आपसी विवाद को शांत कराने पहुंची '112 डायल' पुलिस का एक बेहद क्रूर और अमानवीय चेहरा सामने आया। विवाद सुलझाने और कानून व्यवस्था संभालने के बजाय पुलिसकर्मियों ने सीधे लाठियां भांजना शुरू कर दिया, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई। विवाद सुलझाने की जगह खुद ही बरसाने लगे लाठियां स्थानीय लोगों के अनुसार, बुढार थाना क्षेत्र के बलबहरा स्थित दमकी टोला में दो व्यक्ति आपस में कहासुनी और मारपीट कर रहे थे। अनहोनी से बचने के लिए ग्रामीणों ने डायल 112 को सूचना दी। लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने बिना स्थिति समझे तानाशाही रवैया अपनाया और वहां मौजूद लोगों पर अमानवीय तरीके से लाठियां बरसा दीं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना: "पुलिस रक्षक बनकर आई थी, लेकिन वहां पहुंचकर खुद ही भक्षक का रूप धारण कर लिया। स्कूल परिसर के पास दिन-दहाड़े हुए इस घटनाक्रम से बच्चों और ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।" बलबहरा क्षेत्र में भारी जनाक्रोश, वरिष्ठ अधिकारियों पर टिकी नजरें पुलिस की इस बर्बरता को लेकर बुढार क्षेत्र की जनता में गहरा आक्रोश व्याप्त है। लोगों का सवाल है कि आम नागरिक सुरक्षा के लिए पुलिस को बुलाते हैं, न कि पुलिसिया गुंडागर्दी सहने के लिए। अब देखने वाली बात होगी कि बुढार थाना क्षेत्र की इस विवादित घटना पर पुलिस के उच्च अधिकारी दोषी कर्मचारियों पर क्या सख्त कदम उठाते हैं। तीखे सवाल: विवाद सुलझाने की जगह कानून हाथ में लेने का अधिकार 112 डायल को किसने दिया? क्या इस अमानवीय रवैये के जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर निलंबन की गाज गिरेगी?

Anuppur, Anuppur | Aug 14, 2026