हर दिल अज़ीज़, अनुज हसीब कौसर की असामयिक मृत्यु से मैं स्तब्ध और मर्माहत हूँ।
काल के इस क्रूर हादसे ने एक उभरते हुए युवा चेहरे को असमय ही हमसे छीन लिया। यह अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल प्रदान करें।
Supaul, Supaul | Oct 4, 2026