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बेटे ने मृतक पिता की लाश का अंगूठा लगवाकर हड़प ली 3 करोड़ की बेशकीमती जमीन,,, पिता की मौत के बाद उनके अंगूठे का इस्तेमाल कर करीब 3 करोड़ रुपये की जमीन अपने नाम कराने का मामला सामने आया है। आरोप मृतक के बेटे पर है, जिसने कथित तौर पर पिता के अंतिम संस्कार से पहले ही कागजों पर उनका अंगूठा लगवा लिया। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है। मामला लखनऊ रहीमाबाद के खड़ौरा गांव का बताया जा रहा है। यहां रहने वाले छत्रपाल (75) की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें इलाज के लिए ले जाया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक 7 जुलाई को उनकी तबीयत बिगड़ी और इसकी सूचना उनके बेटे महेंद्र को भी दी गई। आरोप है कि महेंद्र पिता को इलाज कराने के बहाने अपने साथ ले गया, जिसके करीब तीन दिन बाद 9 जुलाई को छत्रपाल की मौत हो गई। आरोप है कि पिता की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार से पहले महेंद्र ने उनके शव से जमीन से जुड़े दस्तावेजों पर अंगूठा लगवाया। गांव के लोगों ने इस दौरान का वीडियो भी बनाया, जो अब सामने आया है। पुलिस की जांच में भी इस मामले को लेकर कई गंभीर सवाल सामने आने की बात कही जा रही है। पत्नी और बेटियों को संपत्ति से बेदखल करने का आरोप बताया गया है कि छत्रपाल अपनी पत्नी शिवदेवी और बहू लक्ष्मी के साथ लंबे समय से विवाद में चल रहे थे। बेटियों का आरोप है कि उनका पिता के साथ भाई-भाभी द्वारा कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया जाता था। छत्रपाल ने अपनी तीनों बेटियों को संपत्ति देने की बात कही थी। इसी बीच आरोप है कि पिता की मौत के बाद महेंद्र ने जमीन से जुड़े दस्तावेज तैयार कराने की साजिश रची। परिवार के मुताबिक, साल 2023 में भी छत्रपाल पैतृक घर से निकल गए थे और लखनऊ में रहने वाली अपनी बड़ी बेटी सुमन के घर चले गए थे। मृतक की बेटी सुमन के अनुसार, पिता की तबीयत खराब होने की जानकारी मिलने के बाद महेंद्र उन्हें अपने साथ ले गया था। तीन दिन बाद पिता की मौत की सूचना मिली। परिवार ने आरोप लगाया है कि अंतिम संस्कार के दौरान भी महेंद्र और उसके ससुराल पक्ष के लोगों ने परिजनों के साथ गाली-गलौज की। फिलहाल पिता की मौत के बाद कथित तौर पर दस्तावेजों पर अंगूठा लगवाकर करोड़ों की जमीन हड़पने के आरोप ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जमीन के दस्तावेजों पर अंगूठा कब और किन परिस्थितियों में लगवाया गया तथा संपत्ति के हस्तांतरण में किसकी भूमिका थी। - Madhya Pradesh News