12 अगस्त को ग्वालियर के रजिस्ट्रार कार्यालय में जब दो पत्रकारों ने खोल दी सालों से की जा रही भ्रष्टाचार की परत, तो पत्रकारों पर प्रायवेट गुर्गों से प्री प्लानिंग के साथ करवाई अभद्रता, मारपीट ओर धमकी, इससे भी नहीं भरा मन तो महिला होने का फायदा उठाते हुए पूरे विभाग ने मिलकर बनाया एस पी कार्यालय जाकर पत्रकारों पर एफ आई आर दर्ज कराने का दबाव, लेकिन जब सोशल मीडिया पर चले ये वीडियो तो फिरा अरमानों पर पानी ओर खुल गई भ्रष्टाचार की परत, कई चैनलों पर वायरल हुए इन वीडियो को भी नहीं माना जा रहा सबूत, जबकी वीडियो चीख चीख कर दे रहे हैं पत्रकारों के साथ हुई मारपीट, अभद्रता और एसडीओपी द्वारा फोन पर धमकी की गवाही, फिर भी प्रशासन ओर सत्ताधारी राजनेताओं ने साधी चुप्पी क्यूं। इस मामले को गभीरता से लेते हुए मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ ने पत्रकारों के साथ हुई इस घटना पर कार्यवाही को लेकर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को सौंपा पांच सूत्रीय ज्ञापन, उन्होंने तत्काल एस एस पी धर्मवीर सिंह को कार्यवाही की बात कही, लेकिन जब संगठन के पदाधिकारियों ने एस एस पी धर्मवीर सिंह से बात की तो उन्होंने मामला जांच का विषय की बात को लेकर टाल दिया। अब देखना ये होगा जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्यवाही उन पत्रकारों पर होगी जिसने रजिस्ट्रार कार्यालय के सालों से चले रहे भ्रष्टाचार को उजागर किया या फिर उन भ्रष्टाचारी रजिस्ट्रारों पर जो सालों से एक ही सीट पर जमकर मलाई खाने में व्यस्त हैं।
सिर्फ 24 घंटे का अल्टीमेटम.... अब होगा बड़ा आंदोलन
शाहनवाज खान
जिला अध्यक्ष ग्वालियर जिला इकाई
मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ
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