श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण की मांग को लेकर एक बार फिर आवाज तेज होती दिखाई दे रही है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के राष्ट्रीय महामंत्री बनाए गए आलोक मिश्रा ने साफ कहा है कि संगठन भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि को लेकर अपनी लड़ाई को आगे भी मजबूती से जारी रखेगा। जरूरत पड़ी तो मामला सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने की बात भी उन्होंने कही है।
आलोक मिश्रा ने कहा कि उनका पहला प्रयास श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भगवान श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री का भोग लगवाने का होगा। उनका कहना है कि अगर वहां नमाज अदा की जा सकती है, तो भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पर माखन-मिश्री का भोग क्यो नही लगाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास वर्ष 1991 से इस मुद्दे को लेकर संघर्ष कर रहा है और अब संगठन इसे और मजबूती से आगे बढ़ाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि संगठन द्वारका से मथुरा तक एक यात्रा निकालने की तैयारी कर रहा है। इस यात्रा में द्वारका से 108 लीटर जल लेकर मथुरा पहुंचने की योजना है, जिसकी पूरी रूपरेखा संगठन तैयार कर रहा है।
आलोक मिश्रा ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि करोड़ों सनातनियों की आस्था से जुड़ा विषय है। संगठन इस लड़ाई को कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो सड़क पर उतरकर भी अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
हालांकि इस पूरे मामले में अदालतों में चल रही कानूनी प्रक्रिया और उससे जुड़े आदेश अपनी जगह हैं, लेकिन श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
आलोक मिश्रा का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी समुदाय से टकराव नहीं, बल्कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर अपनी आस्था और मांग को मजबूती से सामने रखना है।
अब सवाल सिर्फ एक संगठन की मांग का नहीं, बल्कि उस आस्था का है जिससे करोड़ों सनातनियो की भावनाएं जुड़ी हैं। आने वाले दिनों में द्वारका से मथुरा प्रस्तावित यात्रा और संगठन की अगली रणनीति इस मुद्दे को कितना आगे ले जाती है, यह देखने वाली बात होगी।
बाइट: आलोक मिश्रा , राष्ट्रीय महामंत्री श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास
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