सालों गुजर गए पर ये मंजर नहीं बदला,कुम्हेर तहसील का वो टूटा मंजर नहीं बदला।द्वार पर पड़ा वो पोल गवाही देता है,कुर्सी पर बैठे साहब बदले, पर दफ्तर नहीं बदला। - Kumher News
सालों गुजर गए पर ये मंजर नहीं बदला,कुम्हेर तहसील का वो टूटा मंजर नहीं बदला।द्वार पर पड़ा वो पोल गवाही देता है,कुर्सी पर बैठे साहब बदले, पर दफ्तर नहीं बदला।