जलालगढ़ जलेस्वर नाथ महादेव मंदिर में किया गया विशेष रूद्राभिषेक पूजन
जलालगढ़ (पूर्णिया) : सावन आते ही क्षेत्र में भगवान भोले नाथ की आराधना शुरू हो गई है। वहीं बाबाधाम जाने वाले कांवरियों की टोली भी लगातार प्रस्थान कर रही है। क्षेत्र के शिवालयों में भी पूजा अर्चना शुरू हो गई है। स्थानीय काली मंदिर परिसर स्थित जलेस्वर नाथ महदेव मंदिर में विशेष रुद्राभिषेक पूजन के साथ सावन महोत्सव की शुरुआत की गई। वहीं दिन भर चले देवों के देव महादेव प्रभु के स्तुति वंदन एवं संध्या को भव्य श्रृंगार आरती से आसपास का संपूर्ण वातावरण भक्ति मय हो गया। पूजन कार्य ट्रस्टी भगीरथ लोहिया एवं उनके कमेटी के द्वारा किया गया। इस मौके पर प्रभु के दर्शन करने आये कई शिव भक्तों ने भी शिवलिंग की वेलपत्र, भांग,धतूरा का फूल आका फूल आदि पुष्पों से पूजा अर्चना की। इस दौरान गंगा जल, दूध, दही, गन्ना का रस, मध, घी, एवं पंचामृत जैसे तरल पदार्थों से शिवलिंग का अभिषेक किया गया। वही भस्म, चंदन, हल्दी आदि का उबटन लेप लगाकर प्रभु को खुश किया गया। इस मौके पर पंडित जय प्रकाश शर्मा ने बताया कि महादेव प्रभु उक्त सामग्रियों के चढ़ाव मात्र से ही शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं। रूद्राभिषेक पूजन से मन को असीम शांति मिलती है तथा मनवांक्षित फल की प्राप्ति के साथ-साथ कई जन्मों के पापों का भी क्षय हो जाता है।
सावन में कब करें रुद्राभिषेक :
पंडित जय प्रकाश शर्मा ने बताया कि वैसे तो पूरे साल भर भगवान शिव की पूजा की जाती है, लेकिन सावन माह में शिव-शंभू की पूजा और उनका ध्यान करने से सभी प्रकार के कष्ट दूर हो जाते हैं। सावन माह के प्रत्येक सोमवार शिव कृपा के लिए अधिक महत्वपूर्ण माने गए हैं।
रुद्राभिषेक का महत्व :-
पंडित जय प्रकाश शर्मा ने बताया कि रुद्राभिषेक दो शब्दों रुद्र और अभिषेक से मिलकर बना है। हिंदू धर्म में भगवान शिव को रुद्र भी कहा जाता है। वहीं अभिषेक का अर्थ है स्नान कराना या करना। इस प्रकार से रुद्राभिषेक का अर्थ है भगवान शिव का अभिषेक। सावन माह में रुद्राभिषेक कराने से घर में सुख-समृद्धि और शांति आती है। साथ ही सावन पर रुद्राभिषेक करने से ग्रहों के अशुभ प्रभाव को भी कम किया जा सकता है और शिवजी की कृपा प्राप्त की जा सकती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रुद्राभिषेक करने से ग्रह दोष, रोग, कष्ट, पाप मिटते हैं। साथ ही भगवान शिव अपने भक्त पर कृपा बरसाते हैं। यदि मन में कोई कामना हो तो सच्चे मन से रुद्राभिषेक जरूर करानी चाहिए।
जलेश्वर नाथ महादेव मंदिर में रूद्राभिषेक के मौके पर , राज कमल शर्मा, दीना नाथ साह, गोविन्द शर्मा, बबलू मांडीवाल,प्रमोद मांडीवाल सुमित कुमार मोनू, किरोड़ी माण्डीवाल सहित काफी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं।
Jalalgarh, Purnia | Aug 17, 2026