बाहरा विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने IAMD के साथ मनाया स्वतंत्रता दिवस, संवेदना और समावेश का दिया संदेश
सोलन, 15 अगस्त 2026। देश जब स्वतंत्रता के 80वें वर्ष की ओर बढ़ रहा है, ऐसे अवसर पर बाहरा विश्वविद्यालय, वकनाघाट के विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता दिवस को सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदनाओं से जोड़ते हुए एक अनूठे अंदाज में मनाया। विश्वविद्यालय की टीम ने इंडियन एसोसिएशन फॉर मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (IAMD), कोठों, सोलन पहुंचकर मरीजों, उनके परिजनों, चिकित्सकों और स्टाफ सदस्यों के साथ स्वतंत्रता दिवस की खुशियां साझा कीं।
विश्वविद्यालय परिसर में ध्वजारोहण समारोह के साथ-साथ आयोजित इस विशेष पहल का उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस की भावना को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना रहा। निदेशक छात्र कल्याण अनुराग अवस्थी के मार्गदर्शन में बाहरा विश्वविद्यालय की टीम में फिजियोथेरेपी विभाग के विद्यार्थी और विद्यार्थी परिषद के सदस्य शामिल रहे।
IAMD केंद्र में विद्यार्थियों की मौजूदगी से माहौल उत्साह, अपनत्व और सकारात्मक ऊर्जा से भर गया। विद्यार्थियों ने मरीजों और उनके परिवारों से संवाद किया तथा उनके साथ स्वतंत्रता दिवस की खुशियां साझा कीं। इस दौरान स्वतंत्रता की भावना को गरिमा, सम्मान, समानता और समावेश से जोड़ने का संदेश दिया गया।
फिजियोथेरेपी विद्यार्थियों के लिए बना महत्वपूर्ण सीखने का अनुभव
IAMD का दौरा फिजियोथेरेपी विद्यार्थियों के लिए केवल स्वतंत्रता दिवस समारोह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह उनके लिए व्यावहारिक और अनुभवात्मक सीख का महत्वपूर्ण अवसर भी बना। विद्यार्थियों ने मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से जुड़ी चुनौतियों को करीब से समझने के साथ मरीजों और उनके परिजनों के साथ संवाद किया।
इस अनुभव ने विद्यार्थियों को सहानुभूति, धैर्य, प्रभावी संवाद और रोगी-केंद्रित देखभाल के महत्व को समझने का अवसर दिया। विद्यार्थियों ने महसूस किया कि फिजियोथेरेपी केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीज के आत्मविश्वास, गरिमा, भावनात्मक सहयोग और जीवन की गुणवत्ता में सुधार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इसके साथ ही विद्यार्थियों ने परिवार के सहयोग, समुदाय आधारित देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं में बहु-विषयक दृष्टिकोण के महत्व को भी समझा।
“स्वतंत्रता का अर्थ है गरिमा, आशा और समावेश”
IAMD के महासचिव विपुल गोयल ने बाहरा विश्वविद्यालय की टीम और विद्यार्थियों की उपस्थिति की सराहना करते हुए कहा कि स्वतंत्रता तभी वास्तविक रूप से सार्थक है, जब प्रत्येक व्यक्ति को गरिमा, सम्मान और आशा के साथ जीवन जीने का अवसर मिले।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की मौजूदगी से IAMD के मरीजों और उनके परिवारों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ, वहीं विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों से सीखने का अवसर मिला। ऐसे प्रयास समाज में सहानुभूति, जागरूकता और समावेश की भावना को मजबूत करते हैं।
बाहरा विश्वविद्यालय और IAMD की यह सहभागिता विश्वविद्यालय तथा समाज के बीच सार्थक साझेदारी का उदाहरण भी बनी। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें मानवीय मूल्यों से जोड़ने का कार्य किया।
IAMD समुदाय के लिए विद्यार्थियों की उपस्थिति ने जहां साथ और अपनत्व का एहसास कराया, वहीं विद्यार्थियों के लिए यह अनुभव धैर्य, संवेदना और मानवता से जुड़े महत्वपूर्ण पाठ लेकर आया।
इस तरह कोठों में मनाया गया स्वतंत्रता दिवस महज एक औपचारिक कार्यक्रम न रहकर स्वतंत्रता, संवेदना, सीख, मित्रता और मानवता के उत्सव में बदल गया।
न्यूज टुडे हिमाचल ब्यूरो
Shimla Urban, Shimla | Aug 18, 2026