ध्यान और ज्ञान के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का संदेश
उदयपुर। भारत विकास परिषद की उदयपुर नगर की समस्त शाखाओं के संयुक्त तत्वावधान में “ध्यान और ज्ञान के माध्यम से राष्ट्र निर्माण” विषय पर विशेष ध्यान एवं ज्ञान कार्यक्रम का आयोजन अशोकनगर स्थित दिगंबर जैन मंदिर के सभागार में किया गया।
कार्यक्रम में मुंबई से पधारे प्रसिद्ध ध्यान साधक डॉ. एच. सी. जैन का सानिध्य एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। डॉ. जैन पिछले 25 वर्षों से ध्यान, अहिंसा एवं शाकाहार के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं।
अपने उद्बोधन में डॉ. जैन ने ध्यान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ध्यान केवल व्यक्तिगत शांति और आत्मिक विकास का माध्यम ही नहीं बल्कि व्यक्ति के विचार, आचरण एवं जीवनशैली में सकारात्मक परिवर्तन लाकर राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने ध्यान के राष्ट्र के प्रति भाव और उसके व्यापक प्रभावों की विस्तार से व्याख्या की।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. जैन ने उपस्थित श्रोताओं को ध्यान की विभिन्न सूक्ष्म क्रियाओं एवं प्रक्रियाओं का अभ्यास भी कराया। इन क्रियाओं के माध्यम से उपस्थित प्रतिभागियों को एक अद्भुत एवं आत्मिक अनुभूति प्राप्त हुई।
कार्यक्रम का सफल संचालन भारत विकास परिषद के नगर समन्वयक श्री रमन कुमार सूद ने किया। मंच पर डॉ. एच. सी. जैन के साथ राष्ट्रीय सह सेवा संयोजक डॉ. जयराज आचार्य एवं क्षेत्रीय संयोजक संपर्क श्री संजीव भारद्वाज उपस्थित रहे।
डॉ. जैन के उद्बोधन के पश्चात् प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन किया गया। उपस्थित श्रोताओं ने ध्यान, अहिंसा, आत्मा, परमात्मा एवं आध्यात्मिक जीवन से संबंधित प्रश्न पूछे। डॉ. जैन ने सभी प्रश्नों का सहज एवं संतोषजनक उत्तर देते हुए प्रश्नकर्ताओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
कार्यक्रम में भारत विकास परिषद की विभिन्न नगर शाखाओं के पदाधिकारी, सदस्य एवं बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य ध्यान एवं आत्मचिंतन के माध्यम से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाते हुए स्वस्थ, समर्थ एवं संस्कारित समाज और राष्ट्र के निर्माण की दिशा में जनजागरण करना रहा।
इनके अतिरिक्त भारत विकास परिषद के अनेक वरिष्ठ कार्यकर्ता प्रांतीय संपर्क संयोजक श्री ऋषभ जैन, प्रांतीय पर्यावरण प्रभारी संतोष जैन, अनिल गोधा एवं अन्य गणमान्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
Badgaon, Udaipur | Oct 4, 2026