भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोडक़र किया जा रहा शिकायतों का समाधान: उषा प्रियदर्शी
हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन उषा प्रियदर्शी ने 20 मामलों की सुनवाई में 8 का मौके पर समाधान, जिला प्रशासन और पुलिस का जताया आभार, जनसुनवाई से हो रहा है समस्याओं का त्वरित समाधान
कुरुक्षेत्र, 14 अक्टूबर। हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन उषा प्रियदर्शी ने कहा कि हरियाणा महिला आयोग केवल शिकायत सुनने और सजा दिलाने तक सीमित नहीं है। हमारा मुख्य उद्देश्य परिवारों को तोडऩा नहीं, बल्कि जोडऩा है। दोनों पक्षों की विस्तार से सुनवाई करके, उन्हें भारतीय संस्कृति, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों को याद दिलाकर हम दो परिवारों को फिर से मिलाने का काम कर रहे हैं।
हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष उषा प्रियादर्शी बुधवार को स्थानीय लघु सचिवालय के सभागार में जन सुनवाई कर रही थी। इससे पहले हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष उषा प्रियादर्शी का लघु सचिवालय में पहुंचने पर उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा द्वार पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया गया। इस जन सुनवाई के दौरान एजेंडे में शामिल 20 शिकायतों में से 8 शिकायतों का मौके पर समाधान कर दिया गया। इसके अलावा अध्यक्ष उषा प्रियादर्शी ने 5 नई शिकायतें भी सुनी, इन शिकायतों से सम्बन्धित आयोग द्वारा उन्हें सूचना देकर आगामी जन सुनवाई में बुलाया जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन का धन्यवाद करते हुए कहा कि हरियाणा राज्य महिला आयोग का उद्देश्य महिलाओं से संबंधित शिकायतों का तथ्यों के आधार पर त्वरित एवं नियमानुसार समाधान सुनिश्चित करना है। आयोग द्वारा महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचार, वैवाहिक विवाद तथा अन्य संबंधित मामलों की गंभीरता से सुनवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि शिकायतों में अनुसंधान अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की जाती है, ताकि पीडि़त महिलाओं को समय पर न्याय मिल सके।
उन्होंने कहा कि घर में आपसी झगड़े नहीं होने चाहिए, इससे बच्चों की शिक्षा पर भी असर होता है, इसलिए आपसी प्यार से सभी को रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आयोग के समक्ष आने वाली प्रत्येक शिकायत में सभी संबंधित पक्षों को सुनने के बाद उपलब्ध तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है। महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों एवं अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में छोटी-छोटी बातों पर, गलतफहमी के कारण परिवार टूट रहे हैं। पति-पत्नी के बीच अहंकार की लड़ाई बच्चों के भविष्य को खराब कर रही है। ऐसे में महिला आयोग काउंसलिंग के माध्यम से पति-पत्नी को समझाता है, उनके बड़ों को भी बुलाकर बात करता है और उन्हें भारतीय संस्कृति में निहित त्याग, सहनशीलता और सम्मान का महत्व समझाता है। इसका बहुत सकारात्मक परिणाम निकल रहा है।
चेयरपर्सन उषा प्रियदर्शी ने जिला प्रशासन कुरुक्षेत्र और जिला पुलिस का विशेष रूप से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस का सहयोग बहुत ही सराहनीय है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र जिला प्रशासन ने महिलाओं के लिए कई अच्छे कदम उठाए हैं। वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन 1091 और महिला थाना बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। उन्होंने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी प्रकार की हिंसा, शोषण या अन्याय को सहन न करें। हरियाणा महिला आयोग हर समय उनके साथ खड़ा है। वे आयोग की ईमेल, हेल्पलाइन नंबर या सीधे कार्यालय में आकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें तुरंत न्याय दिलाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनें, शिक्षित बनें और आत्मनिर्भर बनें, तभी वे सशक्त बन पाएंगी।
इस मौके पर पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन, एसडीएम अमन कुमार, हरियाणा महिला आयोग की सदस्य अनुकम्पा, भाजपा के जिला अध्यक्ष रमेश सैनी, विभाग के उप अधीक्षक जितेन्द्र सैनी सहित आयोग के सभी अधिकारी व सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।