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हरनावदा, बारां से जुड़ी इस शिकायत को लेकर ऑनलाइन एक पोस्ट भी सामने आई है, जिसमें 266 रुपये वाले खाद के कट्टे के बदले 300 रुपये वसूलने और अधिक पैसे देने से इनकार करने पर किसानों से अभद्रता के आरोप लगाए गए हैं। � 🚨 हरनावदा में खाद के नाम पर किसानों से मनमानी वसूली का आरोप! बारां के हरनावदा में राशन/खाद डीलर पर किसानों ने लगाए गंभीर आरोप किसानों का आरोप है कि 266 रुपये कीमत वाले खाद के कट्टे के बदले 300 रुपये वसूले जा रहे हैं। जब किसानों ने निर्धारित कीमत से अधिक पैसे लेने का विरोध किया तो कथित तौर पर डीलर ने उनके साथ अभद्रता की और मां-बहन की गालियां तक देने के आरोप लगाए जा रहे हैं। किसानों का कहना है कि खाद जैसी जरूरी चीज के लिए पहले ही उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है, ऊपर से अगर निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूली जा रही है तो इसकी जांच होनी चाहिए। सबसे बड़ा सवाल—266 रुपये के कट्टे के 300 रुपये क्यों? क्या किसानों से अतिरिक्त 34 रुपये की वसूली का कोई वैध आधार है? अगर नहीं, तो जिम्मेदार कौन है? बारां जिले में खाद वितरण को लेकर पहले भी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आ चुकी है। जून 2026 में छबड़ा में खाद के स्टॉक और POS मशीन के रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिलने पर दो फर्मों के लाइसेंस निलंबित किए गए थे। � अब हरनावदा के इस मामले में प्रशासन और कृषि विभाग को मौके पर जांच कर किसानों की शिकायत की सच्चाई सामने लानी चाहिए। #Baran #Harnavda #Khad #Kisan #FarmerNews #RajasthanNews #BreakingNews #BaranNews

Ladpura, Kota | Aug 14, 2026

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जब समुद्र मंथन के दौरान ‘हलाहल’ नाम का भयानक विष निकला, तो ब्रह्मांड को बचाने के लिए भगवान शिव ने उसे अपने गले में धारण कर लिया।

विष के कारण उनका गला नीला पड़ गया (जिससे वे ‘नीलकंठ’ कहलाए) और उनके शरीर का तापमान अत्यधिक बढ़ गया।

भगवान शिव के शरीर की जलन और बेचैनी को शांत करने के लिए सभी देवी-देवताओं ने उन पर पवित्र गंगाजल चढ़ाया था। माना जाता है कि तभी से सावन के महीने में शिव जी पर गंगाजल चढ़ाने (कावड़ लाने) की परंपरा शुरू हुई।

Har Har Mahadev ॐ

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Ladpura, Kota | Aug 16, 2026

हाड़ौती साहित्य का एक अध्याय खत्म… दुर्गादान सिंह गौड़ का निधन

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Ladpura, Kota | Aug 16, 2026

शरीर पर हर गांठ कैंसर नहीं होती! जानिए कौन-सी गांठ चिंता की है और कब डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

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Ladpura, Kota | Aug 16, 2026

Ladpura, Kota | Aug 16, 2026

कांग्रेस में बागियों को राखी गौतम की दो टूक चेतावनी
कोटा कांग्रेस जिलाध्यक्ष राखी गौतम ने बागी तेवर दिखा रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिसे पार्टी से असंतोष है, वह अभी बाहर जाने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन कांग्रेस के सिंबल और बैनर पर चुनाव जीतने के बाद बगावत या संगठन विरोधी गतिविधियां किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
राखी गौतम ने कहा कि संगठन में जिन्हें भी जिम्मेदारी दी गई है, उन्हें पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ काम करना होगा। पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पिछले बोर्ड से लिया सबक
कांग्रेस का यह सख्त रुख पिछले नगर निगम बोर्ड के अनुभवों से जोड़कर देखा जा रहा है। पिछले बोर्ड में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर मेयर बने राजीव अग्रवाल बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे। उनके साथ कांग्रेस के कई पार्षदों और नेताओं के भी पाला बदलने की बात सामने आई थी।
अब कांग्रेस संगठन इस बार पुराने घटनाक्रम को दोहराने के मूड में नहीं है। नगर निगम चुनाव से पहले ही जिलाध्यक्ष राखी गौतम का यह कड़ा संदेश साफ संकेत दे रहा है कि टिकट कांग्रेस का होगा तो निष्ठा भी कांग्रेस के प्रति ही रखनी होगी।
सियासी संदेश साफ है—पार्टी में रहना है तो संगठन के साथ चलना होगा, बगावत की गुंजाइश नहीं।

कांग्रेस में बागियों को राखी गौतम की दो टूक चेतावनी कोटा कांग्रेस जिलाध्यक्ष राखी गौतम ने बागी तेवर दिखा रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिसे पार्टी से असंतोष है, वह अभी बाहर जाने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन कांग्रेस के सिंबल और बैनर पर चुनाव जीतने के बाद बगावत या संगठन विरोधी गतिविधियां किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। राखी गौतम ने कहा कि संगठन में जिन्हें भी जिम्मेदारी दी गई है, उन्हें पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ काम करना होगा। पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। पिछले बोर्ड से लिया सबक कांग्रेस का यह सख्त रुख पिछले नगर निगम बोर्ड के अनुभवों से जोड़कर देखा जा रहा है। पिछले बोर्ड में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर मेयर बने राजीव अग्रवाल बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे। उनके साथ कांग्रेस के कई पार्षदों और नेताओं के भी पाला बदलने की बात सामने आई थी। अब कांग्रेस संगठन इस बार पुराने घटनाक्रम को दोहराने के मूड में नहीं है। नगर निगम चुनाव से पहले ही जिलाध्यक्ष राखी गौतम का यह कड़ा संदेश साफ संकेत दे रहा है कि टिकट कांग्रेस का होगा तो निष्ठा भी कांग्रेस के प्रति ही रखनी होगी। सियासी संदेश साफ है—पार्टी में रहना है तो संगठन के साथ चलना होगा, बगावत की गुंजाइश नहीं।

Ladpura, Kota | Aug 16, 2026