चलती ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंसा दिव्यांग यात्री, RPF जवानों ने जान जोखिम में डालकर बचाई जान
गया। गया रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को एक बड़ा हादसा उस वक्त टल गया, जब चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहा एक दिव्यांग यात्री अचानक संतुलन बिगड़ने से प्लेटफॉर्म पर गिर गया और ट्रेन व प्लेटफॉर्म के बीच गैप में जाने लगा। ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ के दो जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना तत्काल कार्रवाई करते हुए यात्री को खींचकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। आरपीएफ जवानों की तत्परता से दिव्यांग यात्री की जान बच गई।
घटना गया रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-4 की है। रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट गया के अनुसार, मंगलवार 6 अक्टूबर 2026 को गाड़ी संख्या 63254 डाउन गया-पटना मेमू प्लेटफॉर्म संख्या-4 से प्रस्थान कर रही थी। इसी दौरान यात्रियों को चलती ट्रेन में चढ़ने से लगातार मना किए जाने के बावजूद एक दिव्यांग यात्री ने ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया।
ट्रेन के गति पकड़ने के दौरान यात्री का संतुलन बिगड़ गया और वह प्लेटफॉर्म पर गिर पड़ा। गिरने के बाद वह तेजी से प्लेटफॉर्म और चलती ट्रेन के बीच मौजूद गैप की तरफ जाने लगा। स्थिति बेहद खतरनाक थी। कुछ ही क्षणों की देरी यात्री के लिए जानलेवा साबित हो सकती थी और उसके ट्रेन की चपेट में आने की पूरी आशंका थी।
इसी दौरान प्लेटफॉर्म पर ड्यूटी कर रहे आरपीएफ के सहायक उप निरीक्षक बलवंत कुमार सिंह और आरक्षी सावन कुमार की नजर यात्री पर पड़ी। दोनों ने बिना समय गंवाए तत्काल उसकी ओर दौड़ लगाई और अपनी जान की परवाह किए बगैर यात्री को खींचकर चलती ट्रेन से सुरक्षित दूरी पर कर दिया।
आरपीएफ जवानों की इस त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा होने से टल गया। समय रहते यात्री को सुरक्षित निकाल लिए जाने के कारण उसकी जान बच गई। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने भी आरपीएफ जवानों की तत्परता और साहस की सराहना की।
आरपीएफ के अनुसार, पूरी घटना प्लेटफॉर्म संख्या-4 के दिल्ली एंड स्थित लैडर पर लगे सीसीटीवी कैमरे में स्पष्ट रूप से कैद हुई है। सीसीटीवी फुटेज में जवानों द्वारा जोखिम उठाकर यात्री को बचाने की पूरी कार्रवाई देखी जा सकती है।
आरपीएफ ने बताया कि ऑपरेशन जीवन रक्षा के तहत सहायक उप निरीक्षक बलवंत कुमार सिंह और आरक्षी सावन कुमार ने अदम्य साहस, त्वरित सूझबूझ और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया। दोनों जवानों की कार्रवाई ने न केवल एक यात्री की जान बचाई, बल्कि संभावित गंभीर रेल दुर्घटना को भी टाल दिया।
रेलवे सुरक्षा बल की यह कार्रवाई यात्री सुरक्षा को लेकर उसकी सजगता और प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। हालांकि, घटना यह भी बताती है कि यात्रियों को चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का जोखिम नहीं उठाना चाहिए। खासकर दिव्यांग, बुजुर्ग और कमजोर यात्रियों को ट्रेन में चढ़ते-उतरते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।