नक्सल नियंत्रण से दूरस्थ क्षेत्रों में पहुंची स्वास्थ्य व नागरिक सुविधाएं: उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल
भोपाल/बालाघाट मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने बालाघाट जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में बताते हुए कहा है कि नक्सलवाद पर प्रभावी अंकुश के कारण ही आज क्षेत्र के 50 गांवों में नियमित रिपोर्टिंग, प्रशासनिक पहुंच और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार संभव हो पाया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब इन दूरस्थ और कठिन इलाकों में समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती थी। भाजपा सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और पुलिस-प्रशासन के प्रयासों से नक्सलवाद जैसी गंभीर समस्या पर निर्णायक प्रहार किया गया है, जिसने कभी देश की जड़ों को दीमक की तरह खोखला करने का काम किया था।
स्वास्थ्य सेवाओं में ऐतिहासिक सुधार
स्वास्थ्य सुविधाओं और कुपोषण नियंत्रण पर प्रकाश डालते हुए श्री शुक्ला ने बताया कि वर्ष 2003 से पहले प्रदेश में संस्थागत प्रसव (अस्पतालों में डिलीवरी) की दर महज 21 प्रतिशत थी, जो सरकार की निरंतर कोशिशों और सुविधाओं के विस्तार के बाद आज बढ़कर 92 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं इन सभी व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं, ताकि हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकें।
विपक्ष की नीतियों पर सवाल
कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जिन समस्याओं को कांग्रेस की गलत नीतियों से बढ़ावा मिला, आज वही लोग संवेदना जताने की बात कर रहे हैं। राहुल गांधी लगातार भ्रामक बयानबाजी कर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा सरकार पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ दूरस्थ क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।