सफाई कर्मचारियों का चेयरमैन कार्यालय के बाहर हल्लाबोल
- चेयरमैन शांतिस्वरूप ने दिया आपत्तिजनक बयान
- गिरफ्तारी के विरोध में धरना, चेयरमैन से तीखी नोकझोंक; बोले-‘पुलिस कार्रवाई बर्दाश्त नहीं’
सिरसा।
सफाई कर्मचारियों की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार को कर्मचारियों ने नगर परिषद चेयरमैन शांति स्वरूप के कार्यालय के बाहर धरना देकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों और चेयरमैन के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। कर्मचारियों ने गिरफ्तार साथियों को रिहा करने और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ रोष जताया। चेयरमैन शांति स्वरूप ने कहा कि उन्होंने डीसी और एसपी से बातचीत की है। यह मामला स्थानीय स्तर का नहीं बल्कि सरकार और राज्य स्तर का है। उन्होंने कहा कि वे मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं और कर्मचारियों की बात प्रशासन तक पहुंचा रहे हैं। उनके अनुसार, गिरफ्तार कर्मचारियों की रिहाई और आगे की कार्रवाई का फैसला प्रशासनिक स्तर पर होगा। इस दौरान चेयरमैन शांतिस्वरूप ने कर्मचारी संगठन के खिलाफ आपत्तिजनक बयानबाजी कर दी जिससे उपस्थित कर्मचारियों में रोष बढ़ गया और उनमें तीखी नोंक-झोंक हो गई।
‘बिरादरी नहीं, मुसीबत में साथ खड़ा होना अपना’
प्रदर्शन में नगर पालिक कर्मचारी संघ के प्रधान मनोज अटलवाल सहित हड़ताली कर्मचारी नेताओं ने चेयरमैन के उस कथित बयान पर भी आपत्ति जताई, जिसमें आंदोलनकारियों के साथ खड़े अन्य लोगों को बाहरी बताया गया। नेताओं ने कहा कि जो व्यक्ति मुसीबत के समय कर्मचारियों के साथ खड़ा है, वही उनका अपना है। आंदोलन में जाति-बिरादरी का सवाल नहीं है। सर्व कर्मचारी संघ में विभिन्न विभागों के कर्मचारी शामिल हैं और सभी मिलकर संघर्ष कर रहे हैं।
‘हमारी बात रखिए, आंदोलन दबाने की कोशिश न हो’
कर्मचारी नेताओं ने चेयरमैन से कहा कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का विरोध करना नहीं, बल्कि कर्मचारियों की मांगों को सरकार तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि 6 अगस्त से शांतिपूर्वक आंदोलन चल रहा है और कर्मचारियों को प्रदर्शन के लिए किसी की अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने पहले से ही सरकार व प्रशासन को अवगत करवाया है। नेताओं ने कहा कि यदि पुलिस कार्रवाई की जा रही है तो कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज किया जाए और उन्हें भी गिरफ्तार किया जाए, लेकिन आंदोलन को दबाने का प्रयास न किया जाए। कर्मचारियों ने कहा कि शहर में कूड़े के ढेर लगे हैं तो इसके लिए कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराने के बजाय सरकार को बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई से कर्मचारियों में रोष और बढ़ रहा है।
‘सरकार की चाल को समझते हैं, आंदोलन जारी रहेगा’
सर्व कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष मदन लाल खोथ व सचिव रमेश कुमार सैनी सहित अन्य कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि आंदोलन को कमजोर करने के लिए कर्मचारियों को आपस में बांटने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी, शिक्षक, चिकित्सक, पटवारी और विभिन्न विभागों के कर्मचारी सर्व कर्मचारी संघ से जुड़े हैं। सरकार को कर्मचारियों से बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए। नेताओं ने चेतावनी दी कि पुलिस कार्रवाई से आंदोलन समाप्त नहीं होगा, बल्कि मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
Sirsa, Sirsa | Aug 25, 2026