मैदान में सवाल उठाना पत्रकारिता है या सरकारी प्रेस नोट कॉपी-पेस्ट कर इतिश्री करना..?
खबर का असर, प्रशासन की बड़ी कार्रवाई!
पहाड़ संदेश, हिमवंत टाइम्स और सरूताल संदेश की खबर के बाद यमुना नदी खनन मामले में ₹2.43 लाख का जुर्माना और क्रेशर सीज।
लेकिन सवाल यमुना घाटी के उन स्वघोषित कथित ‘राष्ट्रीय स्तर’ के पत्रकारों से है—जब रात के अंधेरे में यमुना का सीना चीरा जा रहा था, तब आपकी पत्रकारिता कहाँ थी?
अब कार्रवाई के बाद लोग सवाल पूछ रहे हैं कि सरकारी प्रेस नोट को कॉपी-पेस्ट कर पत्रकारिता का फर्ज अदा कर, श्रेय लेने की होड़ क्यों?
मैदान में सवाल उठाना पत्रकारिता है, प्रेस नोट कॉपी-पेस्ट कर इतिश्री करना नहीं!
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Puraula, Uttarkashi | Oct 6, 2026