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*इंद्री की बेटी ने किया कमाल: 25वीं राज्य स्तरीय कराटे चैंपियनशिप में जीता गोल्ड, खंड शिक्षा अधिकारी ने 2100 रुपये और ट्रॉफी देकर किया सम्मानित*
*इंद्री (करनाल), 1 अक्टूबर 2026*
शिक्षा और खेल के क्षेत्र में इंद्री खंड ने एक और उपलब्धि हासिल की है। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, इंद्री की छात्रा ने कराटे में प्रदेश स्तर पर परचम लहराया है। इसी उपलब्धि के सम्मान में आज विद्यालय परिसर में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
*अलिशा को मिला सम्मान:*
विद्यालय की कक्षा 11वीं की मेधावी छात्रा *अलिशा पुत्री* ने हाल ही में संपन्न हुई *25वीं राज्य स्तरीय कराटे चैंपियनशिप* में शानदार प्रदर्शन करते हुए *स्वर्ण पदक (Gold Medal)* अपने नाम किया। अलिशा की इस ऐतिहासिक जीत पर आज *खंड शिक्षा अधिकारी, इंद्री* द्वारा उन्हें 2100 रुपये नकद पुरस्कार और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि अलिशा ने साबित कर दिया है कि सरकारी स्कूलों की बेटियां भी किसी से कम नहीं हैं।
*4 और बेटियों को मिली अग्रिम बधाई:*
समारोह में विद्यालय की चार अन्य होनहार छात्राओं *कल्पना, गायत्री, वंदना और अन्वी (कक्षा 6वीं से 8वीं)* को भी सम्मानित किया गया। इन चारों छात्राओं का चयन 4 अक्टूबर 2026 को अंबाला में आयोजित होने वाली *राज्य स्तरीय स्कूल खेल प्रतियोगिता* के लिए हुआ है। खंड शिक्षा अधिकारी ने चारों को मंच से अग्रिम बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
*अधिकारियों के प्रेरक संबोधन:*
इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा, "पढ़ाई के साथ-साथ खेल भी जीवन के लिए बेहद जरूरी है। विद्यार्थी खेल के माध्यम से भी अपना करियर और भविष्य उज्ज्वल बना सकते हैं। सरकार भी खेलो इंडिया जैसी योजनाओं से खिलाड़ियों को आगे बढ़ा रही है।"
विद्यालय के शारीरिक शिक्षा अध्यापक *डी.पी.ई. श्री अशोक कुमार* ने छात्राओं को खेल मंत्र देते हुए कहा कि खिलाड़ी को मैदान में हमेशा तीन बातों का ध्यान रखना चाहिए - *Active, Alert और Aware* रहना। आत्मविश्वास के साथ अपना 100% देने वाला खिलाड़ी कभी हारता नहीं है
श्री धर्मेंद्र एबीआरसी ने भी कहा विद्यार्थियों के लिए अनुशासन एक जुटता और मेहनत से बढ़ कर कुछ नहीं है
कार्यक्रम में उपस्थित *श्री सुरेश जी और श्री सुरेंद्र जी* ने भी छात्राओं को मंच के माध्यम से प्रेरित किया और कहा कि अनुशासन और निरंतर अभ्यास ही सफलता की कुंजी है।
*ये रहे उपस्थित:*
इस गौरवमय क्षण के साक्षी विद्यालय के समस्त शिक्षकगण बने। जिनमें प्रमुख रूप से *श्री ब्रिज जी, श्रीमती सरस्वती, श्रीमती महक, श्री पंकज कुमार, श्री राजेश कुमार, श्रीमती दीपा, श्रीमती समिता, श्रीमती नवजोत, श्री दुष्यंत सहित पूरा स्टाफ* उपस्थित रहा। अंत में प्रधानाचार्य ने आए हुए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।